फोटेा- भूस्खलन से क्षतिग्रस्त कल्पेश्वर मंन्दिर की धर्मशाला ।
प्रकाश कपरूवाण जोशीमठ। उर्गम घाटी मे भारी भूस्खलन से कल्पेश्वर मंन्दिर की धर्मशाला, पुजारी निवास व भर्की ग्राम पंचायत को पैदल मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। मंन्दिर व अन्य आवासीय कक्षो का खतरा बढा।
भारी वारीश के कारण पंच केदारो मे एक भगवान कल्पेश्वर मंन्दिर के ठीक ऊपर से भूस्खलन होने व मलबा व बोल्डर गिरने से कल्पेश्वन मंन्दिर परिसर की एक धर्मशाला व पुजारी निवास क्षतिग्रस्त हो गए है, मंन्दिर तक पंहुचने का मार्ग एंव पेयजल लाइन व पानी की टंकी को भी भारी नुकसान हुआ है। इसके साथ ही कल्पेश्वर धाम के ठीक ऊपर से भर्की ग्राम पंचायत को जाने वाला पैदल मार्ग भी इंसानी एंव खच्चरो के आवागमन के लिए पूरी तरह बाधित हो गया है।
कल्पेश्वर मंन्दिर के पुजारी दरबान सिंह नेगी द्वारा सुबह इसकी सूचना दिए जाने पर देवग्राम के प्रधान देवेन्द्र रावत, कल्पनाथ मंन्दिर समिति के अध्यक्ष नागेन्द्र नेगी व भर्की के पूर्व प्रधान दुलब सिंह रावत ने मौके पर पंहुचकर भूस्खलन से हुए भारी नुकसान भविष्य मे मंन्दिर को होने वाले खतरे का अंदेशा जताते हुए जोशीमठ के एसडीएम को ज्ञापन भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया है।
एसडीएम को भेजे ज्ञापन मे कहा गया है कि कल्पेश्वर मंन्दिर के ठीक ऊपर से निर्माणाधीन भर्की-भेंटा-बाॅसा मोटर मार्ग के पुश्ते ढहने के बाद हुए भूस्खलन ने मंन्दिर की धर्मशाला, पुजारी निवास, मंन्दिर तक बिछाई गई पेयजल पाइप लाइन, व पानी की टंकी को बुरी तहर क्षतिग्रस्त कर दिया है। इस भूस्खलन के कारण मंन्दिर के साथ ही साधुओं की कुटिया,व दर्शनार्थियों के लिए भी खतरा बन गया है।
इस ज्ञापन मे यह भी कहा गया है कि कल्पेश्वर मंन्दिर से होते हुए भर्की गाॅव को जोडने वाला पैदल मार्ग भी कई स्थानो पर क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके कारण ग्रामीणो की आवाजाही के साथ ही खच्चरो की आवाजाही भी बाधित हो गई है। ज्ञापन मे यथाशीध्र पूरी स्थिति का निरीक्षण करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने का आग्रह किया है। ज्ञापन पर देवग्राम के प्रधान देवेन्द्र रावत, भर्की के पूर्व प्रधान दुलब सिंह रावत, व कल्पनाथ मंन्दिर समिति के अध्यख नागेन्द्र सिंह नेगी आदि के हस्ताक्षर है।












