थराली से हरेंद्र बिष्ट।
मात्र पांच किमी मोटर सड़क के निर्माण के लिए सैकड़ों की संख्या में बांज-बुरांश सहित अन्य संरक्षित प्रजाति के पेड़.पौधों को जिस तरह से नष्ट कर दिया गया है, उससे सड़क निर्माण में लगी एजेंसी, वन विभाग एवं प्रशासन पर तमाम सवाल उठने लगे है। घने जंगलों के बीच से बन रही इस सड़क के कारण मात्र 300 पेड़ों का नुकसान होना वन विभाग ने माना है और मात्र 75 हजार रुपए का जुर्माना लगा कर वन विभाग ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। यह बांज-बुरांश जैसे पर्यावरण संरक्षण में महत्पवूर्ण प्रजाति के पेड़.पौधों के संरक्षण के प्रति उसकी गंभीरता को प्रर्दशित करता है।
दरअसल देवाल ब्लाक के अंतर्गत थराली-देवाल-मंदोली मोटर सड़क के किमी 17 से ताजपुर लगा कांडई नाम से 5 किमी मोटर सड़क का 2022 से निर्माण कार्य किया जा रहा है। 2 करोड़ 66 लाख 69 हजार की लागत से बनाई जा रही सड़क के निर्माण का जिम्मा सरकार ने एनपीसीसी को सौपा है। एनपीसीसी के द्वारा इस कार्य की जिम्मेदारी देहरादून की कंपनी गोपाल एसोसिएशन को दिया गया। किंतु जिस तरह से नियम कानूनों को धत्ता बता कर सड़क का निर्माण किया जा रहा है, उससे कार्यदाई संस्था एनपीसीसी व वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

एक शिकायत पर जब देवाल के ब्लाक प्रमुख डॉ दर्शन दानू के नेतृत्व में गत दिनों एनपीसीसी, वन विभाग एवं राजस्व विभाग की टीम ने जब इस सड़क का निरीक्षण किया तो कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए। सड़क का काम कर रही कंपनी ने डंपिंग जोन बनाने के बजाय सड़क कटिंग का मलबा अपनी सुविधा अनुसार पहाड़ियों पर जहां-तहां गिरा दिया, जिसकी चपेट में सैकड़ों की संख्या में बांज, बुरांश सहित अन्य बहुउपयोगी पेड़-पौधे नष्ट हो गए, इसके अलावा सड़क का एलाइनमेंट भी मानकों को ताक पर रख कर किया गया है।

इस संबंध में पूर्वी पिंडर रेंज देवाल के डिप्टी रेंजर त्रिलोक सिंह बिष्ट ने बताया कि कंपनी के द्वारा बांज, बुरांश के 3 सौ पेड़.पौधों को क्षति पहुंचाने के आरोप में पिछले महीनों 75 हजार रुपए का जुर्माना कंपनी पर लगाया है। जुर्माने के बाद भी किए गए नुकसान का आंकलन कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस सड़क के संबंध में एनपीसीसी कर्णप्रयाग के सहायक अभियंता अभिषेक का कहना है कि इस सड़क पर 8 डंपिंग जोनों का निर्माण किया जाना है। कितने डंपिंग जोन बने हैं, वे इसका जवाब नहीं दे पाए। एलाइनमेंट के संबंध में उन्होंने कहा कि इसे ठीक करने के लिए कंपनी को कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि अनियमितताओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। देवाल तहसील के नायब तहसीलदार अर्जुन सिंह बिष्ट ने कहा कि कंपनी के द्वारा सार्वजनिक एवं व्यक्तिगत परिसंपत्तियों को पहुंचाए गए नुकसान का आंकलन कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में ब्लाक प्रमुख डॉ दर्शन दानू का कहना है कि सड़क पर मानकों के अनुरूप कही भी डंपिंग जोन नही बनें हैं। मलुवे को पहाड़ियों पर बिखेरने के साथ ही ग्रामीणों की नाप भूमि पर डाल दिया गया हैं। सड़क निर्माण में एलाइनमेंट सहित कई अन्य बड़ी.बड़ी खामियों को अंजाम दिया गया हैं। बताया कि उन्होंने अनियमितताओं पर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। कहा कि मामले में संतोषजनक कार्रवाई नही होने पर मामले को शासन एवं उच्च प्रशासनिक स्तर पर उठाया जाएगा। इस संबंध में ल्वाड़ी के ग्राम प्रधान प्रधुमन सिंह बिष्ट एवं ताजपुर के प्रधान सुरेंद्र बिष्ट ने सड़क की तमाम खामियों को उजागर करते हुए बताया कि काम करने वाली कंपनी ग्रामीणों की सुनने तक को तैयार नही हैं और पूरी तरह से अपनी मर्जी से नियम कानूनों को ताक पर रख कर काम कर रही हैं।









