हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली । भांग की अवैध खेती पर लगातार दूसरे दिन भी एसओजी चमोली की कार्रवाई जारी रही
इस दौरान तोरती एवं इससे लगें गांव में करीब 90 नाली भूमि पर लहलहाते भांग की खेती को नष्ट किया गया। अबतक एसओजी के द्वारा करीब 160 नाली भूमि पर अवैध रूप से उगाई जा रही भांग को नष्ट कर दिया गया हैं।भांग की खेती को नष्ट किए जाने एवं इसको उत्पादित करने वाले ग्रामीणों को कानूनी कार्यवाही की चेतावनी से भांग का उत्पादन करने वाले ग्रामीणों में खलबली मच गई हैं।
भारत सरकार ने “नशा मुक्त भारत”एवं राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द् “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार के निर्देशन पर चमोली पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार एवं नशीले पदार्थों की खेती के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है।इसी अभियान के तहत विकासखंड देवाल के अंतर्गत तोरती एवं इससे लगें गांव में एसओजी की टीम ने पुलिस चौकी देवाल,वन विभाग एवं समाज कल्याण विभाग के साथ मिलकर तोरती क्षेत्र में करीब 90 नाली भूमि पर अवैध रूप से लहलहाती भांग की फसल को नष्ट कर दिया गया हैं। दो दिनों के अंदर टीम ने रामपुर व तोरती गांव में लगभग 160 नाली भूमि पर अवैध रूप से उत्पादित की जा रही भांग की खेती को नष्ट कर दिया है। संयुक्त टीम ने भांग नष्ट करने के साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को स्पष्ट संदेश दिया कि अवैध रूप से भांग की खेती करना कानूनन अपराध है और इस प्रकार की गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी हैं।इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में टीम ने ग्रामीणों को भांग के सेवन एवं इसके अवैध उत्पादन से होने वाले दुष्प्रभावों के संबंध में जानकारी देते हुए नशे के खिलाफ पुलिस का सहयोग करने तथा अपने आसपास प्राकृतिक रूप से उगी जंगली भांग को भी सामूहिक प्रयास से नष्ट करने की अपील की।टीम ने कहा कि आसानी के साथ चरस मिल जाने के कारण उनके ही युवाओं में चरस की लत का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा हैं, जोकि उनके जीवन एवं भविष्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। उन्होंने नशामुक्त समाज की स्थापना के लिए जनसहयोग की भी अपील की।टीम का नेतृत्व कर रहे चमोली एसओजी प्रभारी सतेंद्र सिंह बुटोला ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यह कार्यवाही लगातार गतिमान रहेंगी चमोली पुलिस का स्पष्ट संदेश हैं कि नशे के कारोबार एवं नशे की खेती करने वालों को बख्शा नही जाएगा। जिलें को नशामुक्त जिला बना कर देवभूमि को नशामुक्त बनाने के अभियान के तहत लगातार कार्यवाही जारी रहेगी।











