थराली से हरेंद्र बिष्ट।
तो क्या पिछले दिनों चमोली के जिला पंचायत की अध्यक्ष रजनी भंडारी पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष के द्वारा कथित रूप से भ्रष्टाचार, उनके पति राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में सुमार राजेन्द्र भंडारी पर लगाए गऐ आरोपों को विधानसभा चुनाव 2022 के चुनाव के प्रचार की शुरुआत मानी जाए? जिस तरह से आरोप प्रत्यारोप का दौर चमोली में चल पड़ा है उसे देख तो यही कहा जा सकता है।
दरअसल पिछले दिनों जिला पंचायत चमोली के उपाध्यक्ष लक्ष्मण रावत ने आयुक्त को एक पत्र भेज कर अध्यक्ष पर तमाम तरह के आरोप लगाए थे। जोकि इन दिनों अखबारों, टीवी चैनल एवं सोशल मीडिया की सुर्खियां बनी हुई हैं। इस मंगलवार को जिस तरह से जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारीए राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र भंडारी एवं कांग्रेस समर्थक जिला पंचायत सदस्यों ने पीसी कर आरोपों को सिरे से खारिज कर उलटा उपाध्यक्ष पर ही कई गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें भाजपा के हाथों की कठपुतली बताने का प्रयास किया, उससे इन दिनों पूरे जिले की राजनीति गर्मा गई हैं। धीरे.धीरे ही सही कांग्रेस एवं भाजपा एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी इन्ही आरोपों एवं प्रत्यारोपों के बलबूते 2022 के चुनावों की ओर बढ़ते दिखाई पड़ रही है। विधानसभा चुनाव से करीब 5 महिने पहले जिस तरह से जिले की राजनीति गर्मा गई हैं उससे तय माना जा रहा हैं कि इसका दुष्प्रभाव इस जिले के विकास पर निश्चित रूप से पड़ेगा। यही नही जिस तरह से कांग्रेस जिपंस सदस्यों ने खुल कर उपाध्यक्ष की खिलाफत की हैंए उससे आशंका जताई जा रही हैं कि जल्द जिला पंचायत में जारी उठापटक समाप्त होने वाली नही हैं।
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भाजपा जिला पंचायत चुनाव के दौरान ही अध्यक्ष के पद को कब्जाने के लिए चुनावों के दौरान ही कई तरह के हथकंडे अपना चुकी थी। बावजूद इसके जिले की जनता एवं निर्वाचित पंचायत सदस्यों के अपार स्नेह रजनी भंडारी को मिला।रजनी भंडारी की जीत को भाजपा आज तक नही पचा पा रही हैं।अब विधानसभा चुनाव 2022 को नजदीक आते ही उन्हें एक कांग्रेस को कमजोर करने के लिए तमाम तरह के अनर्गल आरोप लगाएं जा रहें किंतु इससे भाजपा को लाभ के स्थान पर नुकसान अधिक होगाए क्यूंकि जनता सब जानती एवं समझती हैं।
राजेन्द्र भंडारी
राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री
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जिला पंचायत उपाध्यक्ष के द्वारा जिस तरह से उन पर एवं उनके पति राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी पर आरोप लगाएं हैंए वें पूरी तरह से राजनीतिक पूर्ति एवं अपने स्वार्थों को साधने मात्र के लिए उछाले गए हैं।किसी भी एक आरोप में कोई भी दम नही हैं। वे पहले भी जनता की सेवा कर रही थी और आगे भी पूरी सामर्थ के साथ करते रहेगी।
रजनी भंडारी अध्यक्ष
जिला पंचायत चमोली
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उपाध्यक्ष के द्वारा किन अर्थों में अध्यक्ष जिला पंचायत पर लगाए हैं, समझ में नही आ रहा है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस तरह के आरोप से साफ जाहिर हैं कि आरोप राजनीतिक प्रेरित एवं व्यक्तिगत स्वार्थों को साधने के लिए प्रसारित किए गए हैं।जो ठीक नही हैं। पंचायत के सदस्यों को मजबूरन उपाध्यक्ष को पद पर बनाएं रखने के लिए सोचने पर मजबूर होना पड़ रहा हैं। क्यूंकि इनके इस कृत्य से जिला पंचायत चमोली के कार्यों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा हैं।
देवी जोशी
सदस्य जिला पंचायत









