फोटो- कालिंका माता मंदिर मे देव मिलन करते जाख देवता।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। जोशीमठ के तिलिंग जाख देवता ने कालिंका माता व ज्योर्तिमठ शिवालय में देव मिलन के साथ नगर के विभिन्न मौहल्लों में भ्रमण किया। नृत्य के साथ ही लोगों की मनौतियाॅ स्वीकार की।
इन दिनों जोशीमठ के तिलिंग जाख देवता सत्रह दिवसीय नगर भम्रण पर है। पूर्व पंरपरानुसार जाख देवता जोशीमठ नगर के विभिन्न क्षेत्रो मे निवासरत ग्रामीणो के घर-आॅगनों मे जाकर कर वसूलने के साथ ही लोगो की मनौतियाॅ भी स्वीकार कर रहे है। भ्रमण कार्यक्रम के नौवे दिवस जाख देवता ने टिंनाग, गौखुरा , भेना , मनोहर बाग व ज्योर्तिमठ आदि क्षेत्रों मे भ्रमण कर लोगो को आशीष दिया। इस दौरान माॅ कालिंका व ज्योतेश्वर महादेव मंदिरों मे देव मिलन भी हुआ।
जाख देवता का भ्रमण प्रतिदिन मठांगण से शुरू होकर निर्धारित कार्यक्रम व परंपरानुसार विभिन्न मौहल्लो व देवालयों मे पंहुच रहा हैं इस दौरान देव पुजाई समिति द्वारा मौहल्लों को अग्रिम सूचनाएं भेजी जा रही है। ताकि लोगे जाख देवता के स्वागत की तैयारियाॅ कर सके। जाख देवता जिन-जिन मौहल्लों मे पंहुच रहे हैं भक्त पूरी श्रद्धा के साथ जाख देवता को पूजन/अर्चन व पंरपरानुसार सूप भरकर चावल आदि भेेट दे रहे है। जोशीमठ के विभिन्न मौहल्लों मे अभी भी बर्फ जीम है। लेकिन जाख देवता को ले जाने वाले युवा नंगे पाॅव व धोती पहनकर ही जाख देवता का भ्रमण व नृत्य करा रहे है। स्थानीय ग्रामीण मे बडी ही उत्सुकता से अपने-अपने मौहल्लों मे जाख देवता के स्वागत मे खडे रहते हैं। ग्रामीण जाख देवता को निर्धारित कर व अर्ग तो दे ही रहे हैं। भ्रमण मे जाख देवता के साथ चलने वाले गाॅव के सभी लोगो का जलपान व मिष्ठान की भी ब्यवस्था कर रहे है।
जाख देवता के नौवे दिवस भ्रमण के दौरान देव पुजाई समिति के अध्यक्ष/धर्माधिकारी आचार्य भुवन चंद उनियाल,सचिव उमेश सती, कोषाध्यक्ष विजय डिमरी, पूर्व अध्यक्ष गोंिवद प्रसाद भटट नगर पालिका के पूर्व ईओ बीपी कपरूवाण,, भरत प्रसाद सती, अनिल नंबूरी, विराज विष्ट,सतीश भटट सरजीत राणा , राजेश भटट, विजय बल्लभ उनियाल,देवेन्द्र बल्लभ सकलानी,,बलबीर विष्ट, व प्रदीप पंवार सहित अनेक लोग मौजूद रहे। जबकि जाख देवता के साथ विगत नौ दिनो से लगातार नंगे पांव व धोती मे चलने वाले युवा गौरव नंबूरी, सूरज नंबूरी, अखिल नंबूरी, सूरज सकलानी, कमल भटट, कैलाश भटट, वैभव भटट, तनमय भटट, सौरभ विष्ट, आदित्य राणा ,सुधांसु सती व हिमांशु सती समपर्ण भाव से अपनी सेवाएं दे रहे है।











