डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
केदारनाथ धाम में देशभर से आस्था लेकर श्रद्धालु पहुंचते हैं लेकिन बुधवार को मंदिर में प्रशासन की व्यवस्था के खिलाफ तीर्थ यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा. वायरल वीडियो में केदारनाथ धाम के मंदिर परिसर में तीर्थयात्री “सारे पंडित चोर, पुलिस चोर” के नारे लगाते और भारी हंगामा करते नजर आ रहे हैं. श्रद्धालुओं का आरोप है कि कथित रूप से पूजा-पाठ व दर्शन के नाम पर यहां अवैध वसूली की जा रही है और जिस प्रशासन पर व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है वो खामोश बैठा है. इसके अलावा एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कुछ श्रद्धालुओं का ग्रुप मंदिर के ठीक सामने डांस करते हुए वीडियो शूट करा रहा हैजबकि केदारनाथ धाम में इस तरह से रील बनाने पर रोक लगी हुई है. केदारनाथ धाम में देशभर से आस्था लेकर पहुंच रहे श्रद्धालुओं के बीच सामने आए दो वायरल वीडियो ने धाम की व्यवस्थाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है. एक वीडियो में कुछ तीर्थ यात्री पूजा-पाठ और दर्शन के नाम पर कथित रूप से धनराशि मांगे जाने का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरे वीडियो में मंदिर प्रांगण में डांस करते हुए रील बनाए जाने का मामला सामने आया है. दोनों वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद केदारनाथ धाम की व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े हो गए हैं.कथित वसूली के आरोपों पर यात्रियों का आक्रोश: वायरल वीडियो में कुछ तीर्थ यात्री कथित तौर पर पंडा समाज की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते और पूजा-अर्चना एवं दर्शन के नाम पर मनमानी वसूली के आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं. यात्रियों का कहना है कि बाबा केदार के दर्शन के लिए हजारों किलोमीटर की यात्रा कर धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के नाम पर किसी प्रकार के आर्थिक दबाव का सामना नहीं करना चाहिए.श्रद्धालुओं ने पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठानों और संबंधित शुल्क व्यवस्था में स्पष्टता तथा पारदर्शिता की मांग उठाई है.आस्था के नाम पर किसी प्रकार के आर्थिक दबाव का सामना नहीं करना चाहिए.श्रद्धालुओं ने पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठानों और संबंधित शुल्क व्यवस्था में स्पष्टता तथा पारदर्शिता की मांग उठाई है. दूसरे वायरल वीडियो ने मामला और गंभीर कर दिया है. वीडियो में केदारनाथ मंदिर प्रांगण में कुछ लोग डांस करते हुए रील बनाते नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर में मोबाइल, वीडियोग्राफी और सोशल मीडिया कंटेंट से जुड़े नियमों के प्रभावी अनुपालन तथा निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि केदारनाथ केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. ऐसे में मंदिर की धार्मिक गरिमा और मर्यादा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए. सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि परिसर में रील बनाने पर प्रतिबंध और निगरानी व्यवस्था लागू है, तो ऐसी गतिविधियां कैमरे में कैद होकर सोशल मीडिया तक कैसे पहुंच रही हैं. दोनों वायरल वीडियो ने मंदिर व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदार तंत्र के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. श्रद्धालु पूजा-पाठ एवं शुल्क व्यवस्था में पारदर्शिता के साथ-साथ मंदिर प्रांगण में नियमों के समान रूप से पालन की मांग कर रहे हैं. अब निगाहें मंदिर समिति, प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं. वायरल वीडियो की सत्यता और उनमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी. तनाव के इसी माहौल के बीच केदारनाथ धाम से एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने विवाद को और ज्यादा गरमा दिया है. इस वीडियो में कुछ लोग केदारनाथ मंदिर के मुख्य प्रांगण में मर्यादा को ताक पर रखकर फिल्मी गानों पर डांस करते हुए रील बनाते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और पुरोहित समाज में भारी आक्रोश है. लोगों का कहना है कि जब मंदिर परिसर में रील बनाने और मोबाइल के बेजा इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध लागू है, तो फिर प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे ये सब कैसे चल रहा है? इन दोनों वायरल वीडियो से मचे हड़कंप के बाद बद्री-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण ने इस पर आधिकारिक सफाई दी है. उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो के माध्यम से जो भी मामले और आरोप सामने आए हैं, समिति उन्हें बेहद गंभीरता से ले रही है और इस पर आवश्यक जांच व कानूनी कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर यात्रा व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे धाम की धार्मिक मर्यादा और संयम बनाए रखें. ऐसे में मंदिर की धार्मिक गरिमा और मर्यादा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए. सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि परिसर में रील बनाने पर प्रतिबंध और निगरानी व्यवस्था लागू है, तो ऐसी गतिविधियां कैमरे में कैद होकर सोशल मीडिया तक कैसे पहुंच रही हैं. दोनों वायरल वीडियो ने मंदिर व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदार तंत्र के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. श्रद्धालु पूजा-पाठ एवं शुल्क व्यवस्था में पारदर्शिता के साथ-साथ मंदिर प्रांगण में नियमों के समान रूप से पालन की मांग कर रहे हैं. अब निगाहें मंदिर समिति, प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं. वायरल वीडियो की सत्यता और उनमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी।।लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं.














