• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

बीता सालः घटनाओं ने बदली उत्तराखंड की दिशा

14/01/26
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
1
SHARES
1
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
https://uttarakhandsamachar.com/wp-content/uploads/2025/11/Video-60-sec-UKRajat-jayanti.mp4

डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
बीता साल 2025 उत्तराखंड के लिए संभावनाओं और चुनौतियों, आस्था और आक्रोश, सक्रियता और सवालों का मिला-जुला दस्तावेज बनकर सामने आया। यह वर्ष कभी सरकार के फैसलों की वजह से चर्चा में रहा तो कभी प्रशासनिक चूकों और प्राकृतिक आपदाओं के कारण। ऐसी घटनाएं सामने आईं जिन्होंने न केवल प्रदेश की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित किया, बल्कि उत्तराखंड को बार-बार राष्ट्रीय सुिखर्यों के केंद्र में भी ला खड़ा किया। पिछले एक साल के भीतर ही राज्य सरकार तीन अलग-अलग मामलों की सीबीआई जांच की सिफारिश कर चुकी है. उत्तराखंड में जब भी कोई बड़ा मामला सामने आता है, उसे दौरान राज्य सरकार तत्काल जांच के लिए एसआईटी गठित कर देती है. ताकि पूरे मामले पर बेहतर ढंग से जांच हो सके. उत्तराखंड राज्य में पिछले सात महीने के भीतर कुछ ऐसे मामले सामने आए. जिसके चलते, राज्य सरकार को जन आक्रोश का सामना करना पड़ा. साल 2025 में उत्तराखंड सरकार की ओर से दो गंभीर मामलों पर सीबीआई जांच की संस्तुति दी गई. जिसमें एलयूसीसी कंपनी की ओर से उत्तराखंड में करीब 100 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी के मामले में राज्य सरकार ने सीबीआई जांच को मंजूरी दी थी. इसके साथ ही यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में जन आक्रोश को देखते हुए राज्य सरकार ने सीबीआई जांच को मंजूरी दी थी. विपक्ष प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष अपना काम करता है. विपक्ष का काम है कि वो सरकार पर दबाव बनाए, और जनता के हित में काम करें. वर्तमान समय में जांच अगर सरकार को माननी पड़ रही हैं तो ये विपक्ष का दबाव है. ऐसे में उन्हें खुशी है कि वो अपने कर्तव्य को बखूबी निभा रहे हैं. साथ ही कहा कि एसआईटी ने अपराधियों और सरकार को फेवर किया है ये स्पष्ट है. लिहाजा समय आने पर एसआईटी के उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी, जिन्होंने सरकार के इशारे पर दोषियों को बचाने का काम किया है. जो जांच सीबीआई से कराए जाने की जरूरत होगी, उसे कराई जाएगी, क्योंकि सीबीआई भी इसी के लिए बनी है.2025 को अगर एक पंक्ति में समझा जाए, तो यह साल फ्परीक्षा का सालय् रहा- सरकार के लिए भी और समाज के लिए भी। पूरे वर्ष सबसे ज्यादा चर्चा में रहा प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ा पेपर लीक मामला। बार-बार सामने आई गड़बड़ियों ने युवाओं के धैर्य की सीमा तोड़ दी। एक बड़े पेपर लीक के खुलासे के बाद यह मुद्दा केवल प्रदेश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंच गया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने मामले को और तूल दिया। सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र वायरल होने के आरोपों के बाद देहरादून से लेकर हल्द्वानी, रुद्रपुर और पिथौरागढ़ तक युवाओं का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। सरकार पर दबाव बढ़ा तो मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच को सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की। हालांकि इस फैसले से सरकार ने संकट को संभालने की कोशिश की, लेकिन इस पूरे प्रकरण ने सरकारी भर्तियों की विश्वसनीयता पर गहरे सवाल छोड़ दिए। इसी कड़ी में साल के अंतिम महीनों में एक दृश्य ऐसा भी सामने आया, जिसने राजनीति और प्रशासन-दोनों के संदेश बदल दिए। भर्ती परीक्षाओं में देरी और पारदर्शिता को लेकर चल रहे बेरोजगार युवाओं के धरने में मुख्यमंत्री का अचानक पहुंचना चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री ने युवाओं की बातें सुनीं, मौके पर कुछ फैसले लिए और भरोसा दिलाया कि भर्तियां समयबद्ध और नकलमुक्त होंगी। युवाओं के बीच इसे सकारात्मक पहल के तौर पर देखा गया, जबकि विपक्ष ने इसे सरकार की विफलता मानते हुए दबाव में उठाया गया कदम करार दिया। यह घटना इस बात का संकेत बन गई कि 2025 में युवा सरकार के सबसे बड़े सवालकर्ता के रूप में उभरे। साल 2025 में सरकार का एक और बड़ा और विवादित चेहरा अवैध धार्मिक स्थलों के िखलाफ चला अभियान रहा। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी बिना अनुमति और सरकारी जमीन पर बने धार्मिक ढांचों पर कार्रवाई की गई। विशेष रूप से बिना पंजीकरण चल रहे मदरसों और अन्य संस्थानों पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया। मुख्यमंत्री धामी का यह बयान कि फ्किसी भी धर्म के नाम पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगाय् समर्थकों के लिए कानून व्यवस्था का संदेश था, जबकि विरोधियों ने इसे ध्रुवीकरण की राजनीति बताया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार हजारों हेक्टेयर भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया और सैकड़ों अवैध धार्मिक स्थल हटाए गए। यह अभियान पूरे साल बहस और सुिखर्यों में बना रहा। प्राकृतिक आपदाओं ने भी 2025 को गहरे जख्म दिए। उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में आई आपदा ने न सिर्फ प्रदेश बल्कि देश-दुनिया का ध्यान खींचा। घर, होटल, दुकानें और सड़कें मलबे में दब गईं, कई लोग लापता हो गए और पूरा इलाका शोक में डूब गया। यह आपदा एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रें में अनियंत्रित निर्माण, जलवायु परिवर्तन और अस्थिर भूभाग पर विकास के सवालों को सामने ले आई। धराली की त्रसदी ने यह साफ कर दिया कि पहाड़ों में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन अभी भी एक बड़ी चुनौती है। इन आपदाओं के बीच एक विरोधाभासी तस्वीर भी सामने आई। धराली और केदारनाथ जैसी घटनाओं के बावजूद चारधाम यात्र ने 2025 में नया रिकॉर्ड बना दिया। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधामों में दर्शन किए। भारी भीड़ को संभालने के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य और ट्रैफिक प्रबंधन में नई तकनीकों का सहारा लिया गया। आपदा के साए में भी आस्था का यह सैलाब प्रदेश की धार्मिक महत्ता और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत बना। साल के साथ-साथ पहाड़ों में एक और डर गहराता चला गया-मानव और वन्यजीव संघर्ष का। भालुओं के हमलों में इस वर्ष चिंताजनक बढ़ोतरी देखी गई। उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में कई घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल पैदा कर दिया। शाम ढलते ही लोग घरों में सिमटने लगे। वन विभाग के प्रयासों के बावजूद हमलों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाया और कई लोगों की जान चली गई। यह समस्या नीतिगत ध्यान की मांग करती हुई साल के अंत तक बनी रही। धार्मिक और सांस्कृतिक मोर्चे पर भी 2025 एक नई बहस छोड़ गया। सरकार के उस फैसले ने चर्चाओं को जन्म दिया, जिसमें 2027 के हरिद्वार अर्धकुंभ को कुंभ की तर्ज पर आयोजित करने की घोषणा की गई। कुछ संतों और अखाड़ों ने इसे हरिद्वार की महत्ता के अनुरूप बताया, तो कुछ ने परंपरा से छेड़छाड़ करार दिया। बावजूद इसके सरकार ने तैयारियां शुरू कर दीं और यह फैसला पूरे साल धार्मिक और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बना रहा। कुल मिलाकर 2025 उत्तराखंड के लिए घटनाओं से भरा, सवालों से घिरा और सबक सिखाने वाला साल रहा। यह वर्ष जहां सरकार की सक्रियता और फैसलों का आईना बना, वहीं समाज के भीतर उभरते असंतोष, आस्था की ताकत और प्रकृति की चेतावनी को भी साफ तौर पर सामने रख गया। 2025 ने यह स्पष्ट कर दिया कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड के सामने केवल विकास नहीं, बल्कि संतुलन और विश्वास बनाए रखने की भी बड़ी चुनौती होगी।  विशेषज्ञों का मानना है कि एक स्थायी और संवेदनशील नीति न सिर्फ राहत वितरण को सरल बनाएगी बल्कि आपदाओं से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास में पारदर्शिता और गति भी लाएगी।लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं।लेखक वर्तमान में दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।

ShareSendTweet
Previous Post

श्रीमती वीना तिवारी लोक संस्कृति की अडिग प्रहरी श्रीमती वीना तिवारी

Next Post

बिष्ट के कार्यकाल में शहीद मेले को चार-चांद लगे

Related Posts

उत्तराखंड

बिष्ट के कार्यकाल में शहीद मेले को चार-चांद लगे

January 14, 2026
8
उत्तराखंड

श्रीमती वीना तिवारी लोक संस्कृति की अडिग प्रहरी श्रीमती वीना तिवारी

January 14, 2026
2
उत्तराखंड

डोईवाला: एसडीआरएफ मुख्यालय में युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण का सातवां बैच पूर्ण

January 13, 2026
3
उत्तराखंड

लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए स्थानीय स्तर पर मेलों का आयोजन बेहद जरूरी

January 13, 2026
3
उत्तराखंड

सेहत के लिहाज से अहम हैं उत्तराखंड के जंगली फल

January 13, 2026
4
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाएं

January 13, 2026
9

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67582 shares
    Share 27033 Tweet 16896
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45769 shares
    Share 18308 Tweet 11442
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38040 shares
    Share 15216 Tweet 9510
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37430 shares
    Share 14972 Tweet 9358
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37312 shares
    Share 14925 Tweet 9328

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

बिष्ट के कार्यकाल में शहीद मेले को चार-चांद लगे

January 14, 2026

बीता सालः घटनाओं ने बदली उत्तराखंड की दिशा

January 14, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.