
फोटो-1- ऊफनती ऋषि गंगा से रैणी ब्रिज का खतरा बरकरार।
2-भूस्खलन की जद मे चिपकेा नेत्री गौरा देवी का गाॅव।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जहाॅ बदरीनाथ एंव मलारी हाई-वे कई स्थानांे पर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, वही चिपको की धरती रैणी मंे यह बारिश आफत बनकर टूट रही है। रैणी मंे भूस्खलन व मकानों में दरारे पडने से ग्रामीण भयभीत हैं।
— इस बारिश ने 16-17 जून 2013 की यादें ताजा कर दी।
भारी बारिश के कारण चमोली-जोशीमठ के साथ ही जोशीमठ-बदरीनाथ व जोशीमठ-मलारी मोटर मार्ग कई स्थानों पर अवरूद्ध हो गए है। लगातार बारिश के कारण मार्ग खोलने में भी दिक्कतों को सामना करना पड रहा है। चमोली से जोशीमठ तक गुलाबकोटी, टंगणी आदि स्थानो पर बडे-बडे बोल्डर आने के कारण मार्ग अवरूद्ध है, तो जोशीमठ से बदरीनाथ मार्ग पर बलदौडा, लामबगड, रडांग व कंचनगंगा मे मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए है। हाॅलाकि बीआरओ व संबधित सडक निर्माण कंपनियों की मशीने मौके पर खडी है लेकिन वारीश रूकने का नाम नही ले रही है। वारीश के साथ ही पहाडी से लगातार मलबा व बोल्डर गिरने से मार्ग खोलने का कार्य शुरू नही हो पा रहा है।
इधर जोशीमठ-मलारी मोटर मार्ग चिपको की धरती रैणी के साथ मलारी की ओर भी कई स्थानो पर अवरूद्ध है। मार्ग खोलने के लिए बारिश थमने का इंतजार हो रहा है, गौरतलब है कि चिपको की धरती रैणी मे बीती 7फरवरी से ही आफत के बादल मंडरा रहे है। 7फरवरी को ़ऋषिगंगा के जलजले के बाद से रैणी गाॅव के मकानांे व खेत-खलिहानो मे लगातार दरारे पड रही है, जो दिन प्रतिदि बढती ही जा रही है। ग्रामीणो गाॅव को भूगर्भीय सर्वे की मंाग कर ही रहे थे कि रैणी मे चिपको नेत्री गौरा देवी के संग्रहालय के समीप सडक ध्वस्त हो गई और नई सडक बनाने के लिए गौरा देवी की मूर्ति को तक हटाना पडा। रैणी वल्ली गाॅव के ग्रामीण भूस्खलन के कारण बेहद भयभीत है और लगातार जीवन की रक्षा के लिए विस्थापन की मंाग कर रहे है।
बताते चले कि वर्ष 2013 मे भी कुछ इसी तरह का मंजर था, लगातार बारिश के बाद केदारनाथ आपदा के साथ ही लांमबगड से गोविन्दधाट तक सब कुछ बर्बाद हो गया था। इस वर्ष अभी तक यह स्थिति तो नही है लेकिन अलकनन्दा व धौली गंगा के साथ ही ऋषिंगगंा, लक्ष्मण गंगा, कल्प गंगा, सहित छोटे-बडे नालो व गधेरो का भी जल स्तर बढा हुआ है। तीन दिनो से पूरे सीमान्त क्षेत्र का जनजीवन अस्त-ब्यस्त हो गया है।









