भारत ज्ञान विज्ञान समिति जिला इकाई – अल्मोड़ा (उत्तराखंड) के सहयोग से नागरिक शिक्षा केन्द्र बासोट के द्वारा ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के अवसर पर पहली ऑनलाइन कार्यशाला गूगलमीट के माध्यमल से आयोजित की गयी। कार्यशाला का शुभारंभ महान भौतिक विज्ञानी प्रो. वेंकटरमन की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। विज्ञान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को याद कर कार्यशाला की शुरुआत हुयी। कार्यशाला की अध्यक्षता भारत ज्ञान विज्ञान समिति राज्य उपाध्यक्ष व जिला अध्यक्ष प्रो.विजया ढौढ़ियाल द्वारा की गयी। कार्यशाला में आमंत्रित मुख्य वक्ता के रुप में प्रो.एन.एस.भण्डारी(पूर्व कुलपति एस.एस.जे.विश्वविद्यालय -अल्मोड़ा) द्वारा प्रो. वेंकटरमन के जीवनवृत्त व उनके विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान पर विस्तार से बार रखी। राज्य महासचिव समता डॉ. उमा भट्ट द्वारा इस वर्ष की थीम : विज्ञान में महिलाएं विकसित भारत को गति देने वाली पर अपनी बात रखी। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने व राष्ट्रपति पुरष्कार प्राप्त नवाचारी विज्ञान शिक्षक उमेश पाण्डे जी द्वारा रमन प्रभाव के संबंध में सहज व सरल भाषा में अपनी बात पटल पर संप्रेषित की गयी। पिथौरागढ़ से विज्ञान शिक्षक श्री दिनेश भट्ट जी द्वारा व्यवहारिक विज्ञान संदर्भित अपनी बात साझा की गयी। डॉ. हरीश अण्डोला व ज्ञान विज्ञान चिल्ड्रन एकेडमी – हवालबाग से शिक्षक गोविंद जी द्वारा विज्ञान हमारे लिए वरदान पर अपनी बात रखी। ऑनलाइन कार्यशाला के समापन पर प्रो. विजया ढौढ़ियाल द्वारा पटल पर जुडे़ सभी आमंत्रित अतिथि वक्ताओं व सभी प्रतिभागियों के आभार व्यक्त करने के साथ भारत ज्ञान विज्ञान समिति के माध्यम से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण जाग्रत करने वाले कार्यक्रमों को आमजन तक पहुँचाने की बात को प्रमुखता से रखा। कार्यशाला का समन्वयन, संचालन भारत ज्ञान विज्ञान समिति जिला सचिव कृपाल सिंह शीला द्वारा किया गया। उन्होंने प्रो. वेंकटरमन के उल्लेखनीय योगदान को याद करते हुए ऑनलाइन कार्यशाला को सफल बनाने के लिए आमंत्रित मुख्य वक्ताओं, विज्ञान प्राध्यापकों, सम्मानित समस्त शिक्षकों व समस्त प्रतिभागियों,प्रतिभागी बच्चों का आभार व्यक्त किया गया।












