महिपाल गुसाईं/हरेंद्र बिष्ट।
नंदानगर/थराली।
अब श्री नंदादेवी राजजात के स्थान पर पौराणिक तौर पर आयोजित होने वाली नंदा बड़ी जात के नाम से
ही श्री नंदादेवी की यात्रा का आयोजन किया जाएगा। आगामी 23 जनवरी बसंत पंचमी को बकायदा नंदा की बड़ी जात के कलैंडर की विधिवत घोषित किया जाएगा।
सोमवार को नंदानगर में आयोजित बधाण,दशोली के हक-हकूकधारियों, नंदाधाम कुरूड़ के पूजारियों की एक महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें प्रस्तावित श्री नंदादेवी राजजात यात्रा 2026 पर वृहद रूप से चर्चा की गई, बैठक में रविवार को राजजात समिति नौटि, कांसवा के द्वारा 2026 की राजजात यात्रा को स्थगित करनें पर रोष व्यक्त करते हुए कहा गया कि चुनिंदा लोगों मां भगवती की यात्रा कब होगी, कैसे होगी की चर्चा के हकदार नही है। परंपराओं के अनुसार प्रत्येक 12 वर्षों में राजजात के आयोजन करने का प्रयास किया जाता हैं, हालांकि पूर्व में भी तय 12 सालों में यात्रा नही हो पाईं थी किंतु उनके बड़े कारण थें, किंतु इस वर्ष प्रस्तावित यात्रा को स्थगित करनें के लिए कोई भी बड़ा कारण नही दिख रहा है,आखिर समिति ने यात्रा स्थगित करनें की क्यों घोषणा की समझ से परे हैं। बैठक में यात्रा को लेकर जिस तरह से गंभीर चर्चा की गई वह वास्तव में आज तक देवी की बड़ी यात्रा को लेकर सबसे अधिक गंभीर चर्चाओं में से एक रही हैं, बैठक में कहा गया कि जहां मां नंदादेवी उत्तराखंड की ही नही देश, विदेश के की आराध्य देवी हैं उसके नाम से ही भक्त अपने कार्यों की सफलता की सीडियां चढ़ते आ रही हैं। वक्ताओं ने साफ कहा कि राजा किसी भी स्थिति में मां नंदादेवी से बड़े नही हो सकतें हैं। देवी का स्थान सर्वोपरि है और बधाण व दशोली के भक्त देवी की पूजा पर विश्वास करते हैं, ना कि राजा की मनौती पर विश्वास करते हैं।
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बकौल नंदा भक्तों के अनुसार प्रतिवर्ष कुरूड़ से वेदनी बुग्याल एवं वेदनी बुग्याल से सिद्धपीठ देवराड़ा (थराली) तक चलने वाली यात्रा को छोटी जात एवं 12 वर्षों के लंबे समयांतराल में कुरूड़,नौटि से होमकुंड तक जाने वाली नंदादेवी की यात्रा को 1987 तक बड़ी नंदा जात कहा जाता था। किंतु 2000 में इस यात्रा को श्री नंदादेवी राजजात यात्रा कहा जाने लगा। बैठक में कहा गया कि कांसवा के राजा के द्वारा बड़ी जात से हाथ खीच लेने के बाद अब इस यात्रा को श्री नंदादेवी राजजात यात्रा के नाम से नही पुकारा जा सकता हैं। 2026 में आयोजित होने वाले नंदा देवी की यात्रा को “नंदा की बड़ी जात ” के नाम से जाना जाएगा और इसी नाम से बड़ी जात यात्रा के आयोजन का संकल्प लिया गया।
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नंदा बड़ी जात के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता नंदानगर की ब्लाक प्रमुख हेमा देवी ने की जबकि बैठक में बतौर मुख्य अतिथि चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट मौजूद रहे। इस बैठक में सर्वसम्मति से सेवानिवृत्त कर्नल हरेंद्र सिंह रावत को जात का अध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा सुखवीर सिंह रौतेला को उपाध्यक्ष, प्रकाश गौड़ को कोषाध्यक्ष, अशोक गौड़ को सचिव,नंदन सिंह व भगवती प्रसाद को सहसचिव चुना गया। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष, प्रमुख देवाल, थराली, नारायणबगड़, नंदानगर व दशोली को संरक्षण मंडल में एवं नंदाक क्षेत्र के प्रधानों को कमेंटी का सदस्य बनाया गया।सामिल किया गया दशोली कमेटी का नरेश शास्त्री को अध्यक्ष चुना गया।इसी तरह से लाटू सिद्धपीठ वांण,देवराड़ के अलावा बधाण एवं बंड क्षेत्र के लिए अलग-अलग अध्यक्ष चुने गए। अध्यक्ष अपनी कार्यकारणी का स्वयं विस्तार करेंगे।











