डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
पूरे देश में एकमात्र अंतरराष्ट्रीय मानक प्राप्त औली आइस स्लोप के चलते उत्तराखंड को एलॉट हुए नेशनल विंटर इवेंट पर्यटन विभाग की बाट जोह रहे हैं. उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित औली हिमालय की गोद में है. यहां सलालम, जायंट सलालम और स्नोबोर्डिंग जैसे इवेंट्स होते हैं. ये सब खूबियां इसे भारत का विंटर टूरिज्म सुपर जोन बनाती हैं. बर्फबारी के बाद औली पर्यटकों से गुलजार नजर आ रहा है. बर्फबारी के बाद औली की वादियां बेहद खूबसूरत लग रही हैं. चारों ओर बर्फ की सफेद चादर बिछी है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक औली पहुंच रहे हैं. पर्यटक यहां बर्फ में स्कीइंग सीख रहे हैं और प्रकृति के सुंदर नजारे का आनंद ले रहे हैं.औली में जबरदस्त बर्फबारी हुई है और बर्फबारी के बाद यहां के नजारों में चार चांद लग गए हैं. यहां पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी है, जो बर्फ का आनंद लेने के लिए यहां पहुंचे हैं. कोई स्कीइंग कर रहा है, तो कोई बर्फ में खेलने का आनंद ले रहा है. यहां का नजारा देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो रहा है. पर्यटकों का कहना है कि उन्हें यहां आकर काफी अच्छा लग रहा है.मौसम विभाग ने एक बार फिर से भारी बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है. जिससे औली की खूबसूरती और बढ़ जाएगी. मौसम विभाग के बर्फबारी के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन भी पूरी तरह से तैयार है. सड़क मार्गों को खोलने के लिए मशीनरी तैनात की गई हैं. बता दें कि बर्फबारी के बाद औली में बर्फबारी का आनंद लेने के लिए कई राज्यों से पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. जिससे पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों और होटल व्यवसायियों के चेहरे खिले नजर आ रहे हैं. स्कीइंग के लिए जाने जाना वाला हिम क्रीड़ा स्थल औली इन दिनों किसी जन्नत से कम नहीं दिखाई दे रहा है. चटक धूप खिलने के साथ ही यहां की खूबसूरती और बढ़ रही हैं. हालांकि एक बार फिर मौसम बदलना शुरू हो गया है. औली के स्कीइंग स्लोप पर भारी पर्यटकों की भीड़ देखने को मिल रही है. बर्फबारी हुई तो औली में पर्यटकों की आमद और बढ़ जाएगी. लेकिन सड़क मार्ग पूरी तरह न खुलने से जाम और सैलानी समय पर औली नहीं पहुंच पा रहे हैं.जोशीमठ से सुनील से ही औली तक सड़क पर बर्फ पर पाले की परत जमने के कारण जगह जगह जाम और गाड़ियों की लंबी लाइन देखने को मिल रही है. हालांकि प्रशासन द्वारा बर्फबारी सड़क मार्ग खोलने की सारी व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गई. वहीं एक बार फिर से मौसम के करवट बदलने के आसार नजर आ रहे हैं. मौसम विभाग ने भी आने वाली 31 जनवरी और 1 फरवरी को पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है. जिसके लिए प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी है. उत्तराखंड में पर्यटन विभाग भले ही पर्यटन की नई संभावनाएं तलाशने का दावा करता है, लेकिन साल 1979 से उत्तराखंड में लगातार होते आ रहे औली विंटर गेम्स को लेकर इस बार पर्यटन विभाग कोई खास रुचि दिखाता नजर नहीं आ रहा है. यह तब हो रहा है जब भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा उत्तराखंड के औली में विंटर गेम अलॉट किए गए हैं. विंटर गेम्स एसोसिएशन आफ उत्तराखंड के विशेषज्ञों की ओर से औली में बर्फ का अवलोकन किया जा चुका है।गेम्स फरवरी में कराने के लिए जीएमवीएन, पर्यटन विभाग व सरकार को पत्र लिखकर तिथि तय करने की अनुमति मांगी गई है।स्की एंड स्नो बोर्ड इंडिया की ओर से बीते दिसंबर में उत्तराखंड सरकार को पत्र लिखकर औली में विंटर नेशनल गेम्स कराये जाने को लेकर सहमति जताई गई है। इसके लिए विंटर गेम्स एसोसिएशन आफ उत्तराखंड को आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई हैहालांकि, दिसंबर में बर्फ नहीं पड़ने से औली सहित तमाम चोटियां बर्फविहीन थीं। नेशनल गेम्स की तिथि तय किए जाने को लेकर देरी के साथ आयोजन को लेकर संशय था, वहीं स्पोर्ट्स अथारिटी आफ इंडिया (साई) ने औली में नेशनल गेम्स को लेकर विंटर गेम्स एसोसिएशन आफ उत्तराखंड को लिखित स्वीकृति दे दी थी। पर्यटक विभाग व सरकार स्तर पर जल्द ही बैठक के साथ मौसम अनुसार तिथि तय की जाएगी।स्की एंड स्नो बोर्ड इंडिया के अध्यक्ष ने बताया कि अगर राज्य सरकार इस आयोजन को लेकर तत्काल निर्णय लेती है तो इंटरनेशनल स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन पर भी विचार किया जा सकता है।लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं












