डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। लालतप्पड़ स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत संविदा श्रमिकों ने वर्षों से हो रहे शोषण, नियम विरुद्ध सेवा समाप्ति और श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी डोईवाला को ज्ञापन सौंपा। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन में बताया गया कि कंपनी में 10 से 15 वर्षों से कार्यरत कुशल श्रेणी के स्थानीय श्रमिकों को बिना किसी पूर्व सूचना के जबरन सेवा से हटाया गया। आरोप है कि श्रमिकों को उनके वैधानिक हक और श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले लाभों से वंचित किया जा रहा है। इस संबंध में श्रमिकों द्वारा पूर्व में सहायक श्रमायुक्त कार्यालय और उपजिलाधिकारी कार्यालय में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। श्रमिक पवन नेगी, विमल सिंह व किशन उनियाल ने बताया कि सहायक श्रमायुक्त द्वारा कंपनी के ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त किए जाने के बावजूद प्रबंधन द्वारा बाहरी ठेकेदारों और व्यक्तियों से अवैध रूप से उत्पादन कार्य कराया जा रहा है। इससे सैकड़ों स्थानीय श्रमिकों का रोजगार प्रभावित हुआ है। श्रमिक त्रिलोक भंडारी, नरेश सिंह असवाल व गुरमीत सिंह ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक उदासीनता के चलते कंपनी प्रबंधन श्रम नियमों और शासन-प्रशासन को गंभीरता से नहीं ले रहा है। श्रमिकों ने मजबूर होकर श्रमिकों ने 11 फरवरी 2026 से लालतप्पड़ औद्योगिक क्षेत्र में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन, क्रमिक अनशन एवं जन आंदोलन की चेतावनी दी है। श्रमिकों ने यह भी कहा कि नियम विरुद्ध कार्यवाही से कई श्रमिक और उनके परिवार मानसिक तनाव में हैं। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी। इस दौरान संविदा श्रमिक विपिन नेगी, मुकेश रौतेला, संदीप कुमार, बंशी लाल थपलियाल, प्रकाश थापा, मोहित नेगी, मान सिंह, नरेंद्र सिंह, चंद्र किशोर, श्याम सिंह, मनीष नेगी आदि उपस्थित रहे।












