हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
नंदानगर/थराली। जहां एक ओर कांसवा के राजकुंवर ने श्री नंदादेवी राजजात यात्रा को 2027 में आयोजित करने की घोषणा की हैं, वही दूसरी ओर नंदाधाम कुरूड़ से श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी की 2026 में बड़ी जात यात्रा की तिथियों की घोषणा करते हुए बकायदा बधाण, दशोली एवं बंड़ की नंदा डोली के रूटमैप को जारी कर दिया गया हैं। जारी बड़ी जात यात्रा की तिथियों के तहत बधाण की नंदादेवी की यात्रा कुरूड़ से 5 सितंबर से शुरू होगी और 30 सितंबर को नंदा सिद्धपीठ देवराड़, थराली के मंदिर में उत्सव डोली के विराजमान होने के साथ ही यात्रा का विधिवत समापन हो जाएगा।
बसंत पंचमी के मौके पर नौटी में श्री नंदादेवी राजजात यात्रा को मौसमी परस्थितियों को देखते हुए, शासन, प्रशासन के द्वारा यात्रा रूट पर पूरे कार्य नही किए जाने पर प्रस्तावित 2026 की राजजात यात्रा को 2027 तक स्थगित करनें की आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. राकेश सिंह कुंवर ने घोषणा कर दी। वही दूसरी ओर बसंत पंचमी के दिन ही नंदा भगवती के सिद्धपीठ कुरूड़ में भी पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत मंदिर में पूजा अर्चना के बाद नंदा देवी के पश्वव को अवतारित करवाया गया। देवी के अवतारित ने इसी वर्ष अर्थात 2026 में ही बड़ी जात यात्रा को आयोजित करने की बात कही। उसके बाद बधाण, दशोली एवं बंड़ की यात्रा समितियों ने यात्रा के रूट एवं तिथियों की विधिवत घोषणा कर दी है। बधाण की नंदादेवी की उत्सव डोली जो कि बड़ी जात एवं छोटी जात की मुख्य डोली हैं।वह 5 सितंबर को सिद्धपीठ कुरूड़ से सांय 4 बजें रवाना होगी और पहले दिन चरबंग में रात्रिविश्राम के लिए पहुंचेगी। 6 को चरबंग से कुंडबगड़ होते हुए मथकोट,7 को मथकोट से धरगांव, सिद्धेश्वर मंदिर से उस्तोली,8 को उस्तोली से सरपानी,लाखी से भेटी 9 को भेटी से स्यारी बंगारी होते हुए थराली के सोलडुंग्री,10 को डुंग्री से केरामेन से कालरात्रि पर सूना,11 को सूना से थराली,राड़ीबगड़ से चेपड़ो,12 को चेपड़ो से कोठी होते हुए नंदाधाम नंदकेसरी पहुंचेगी यहां पर कुमाऊं से विभिन्न क्षेत्रों से चलने वाली नंदादेवी एवं अन्य देवी,देवाताओं के अलावा राजछतोलियों की बधाण की नंदादेवी की डोली से भावपूर्ण मिलन होगा।13 को सभी डोलियां, छंतोलियां नंदकेसरी से पूर्णा,देवाल, इच्छोली,हाट होते हुए फल्दियागांव,14 को फल्दियागांव से कांडेई,लब्बू, ल्वाणी,बगड़ीगाड़ होते हुए मुन्दोली, 15 को मन्दोली से लोहाजंग,कर्जाबगड़ होते हुए लाटू धाम वांण पहुंचेगी यही पर कुरूड़ से चली दशोली व बंड से चली नंदादेवी की डोलियों की भेट बधाण एवं कुमाऊं सहित अन्य क्षेत्रों से चली डोलियों, छंतोलियों की भेट होगी।16 को देवी की डोलियां वांण गांव से लाटू मंदिर पहुंचेगी जहां पर लाटू की पूजा अर्चना के बाद लाटू देवता का निशान यात्रा की अगवानी करेगी उसके बाद यात्रा रणकाधार होते हुए पहले निर्जन पड़ाव गैरोलीपातल रात्रिविश्राम के लिए पहुंचेगी,17 को गैरोलीपातल से डोलीधार होते हुए वेदनी बुग्याल पहुंचेगी,18 को वेदनी में सप्तमी की जात के बाद यात्रा पतरनचौनिया,19 पातरनचौनिया से केलवाविनायक, रूपकुंड,ज्योरागली होते हुए शीलासमुद्र पहुंचेगी 20 सितंबर को शिलासमुद्र से पंचगंगा होते हुए दोपहर को होमकुंड पहुंचेगी जहां पर बड़ी जात की पूजा, अर्चना के बाद प्रसाद वितरण के साथ ही यात्रा वापसी के पड़ावों के लिए लौट पड़ेगी,जात के बाद देव डोलियां 20 को रात्रिविश्राम के लिए जामुनडाली,21 को जामुनडाली से तातड़ा,ध्यो सिंह धाम होते हुए नंदानगर के सुतोल गांव पहुंचेगी। 22 को सुतोल से कनोल गांव यात्रा पहुंचेगी यहां से जहां दशोली,बंड एवं कुमाऊं की डोलियां,छतोलियां एवं देवी के अन्य प्रतीक सिद्धपीठ कुरूड़ एवं नंदानगर के लिए रवाना हो जाएंगे वही बधाण की डोली वापस वांण गांव पहुंचेगी।23 को वांण से कुलिंग,24 को कुलिंग से ल्वाणी,25 को ल्वाणी से उलंग्रा,26 को उलंग्रा से बेराधार,27 को बेराधार से गोठिंड़ा 28 को गोठिंड़ा से कुराड़ 29 को कुराड़ से डाखोली 30 सितंबर को डाखोली से भेटा होते हुए नंदा सिद्धपीठ देवराड़ा थराली के मंदिर के गर्भगृह में 6 माह के लिए विराजमान हो जाएंगी। यात्रा का कार्यक्रम बधाण यात्रा समिति अध्यक्ष नरेश गौड़ ने की है
परगना दशोली की नंदा डोली 5 सितंबर को 4 बजें सांय कुरूड़ से रवाना हो कर धरगांव होते हुए रात्रिविश्राम के लिए कुमजुम 6 को कुमजुम से कुंडबगड लुणतरा,7 लुणतरा से माणखी,8 को माणखी से कांडेई,9 को कांडेई से सेमा,10 को सेमा से पगना,11 को पगना से ल्वाणी,12 को ल्वाणी से रामणी 13 को रामणी से आला 14 को आला से कनोल 15 को कनोल से वांण में बधाण की नंदा से भेट कर होमकुंड की यात्रा में सम्मिलित होगी।इस यात्रा कार्यक्रम मंदिर समिति अध्यक्ष सुखवीर रौतेला, उपाध्यक्ष कृपाल बिष्ट एवं सचिव हर्षवर्धन बिष्ट ने जारी किया है
बंड की नंदा देवी की डोली 5 सितंबर को कुरूड़ मंदिर से सांय 4 बजें रवाना होगी उस दिन डोली मैठाणा रात्रिविश्राम के लिए पहुंचेगी,6 को मैठाणा से चमोली, क्षेत्रपाल होते हुए बटुला,7 को बटुला से दिगोली,8 को दिगोली से नोरख,9 को नोरख से कम्यार 10 को कम्यार से किरोली,11 को किरोली से गौणा,12 को गौणा से रामणी जहां पर देवी की भेट दशोली की डोली से होगी और दोनों डोलियां वांण के लिए रवाना होगी।इस यात्रा कार्यक्रम को यात्रा समिति बंड के अध्यक्ष अशोक गौड़ व कोषाध्यक्ष शिव प्रसाद गौड़ ने जारी किया है। बसंत पंचमी के दिन सिद्धपीठ कुरूड़ में एक चौसिंगा मैड़ा भी देवी को चढ़ाया गया। बताया गया कि नंदानगर के ही सूंग गांव में चौसिंगा मैड़ा पैदा हुआ था।जिसे नंदादेवी को चढ़ा दिया गया हैं।











