डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। लालतप्पड़ औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक शोषण के विरोध में श्रमिकों का धरना शनिवार को चौथे दिन भी जारी रहा। चार दिन बीत जाने के बावजूद कंपनी प्रबंधन और श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई सुध न लिए जाने से नाराज श्रमिकों ने थालियां बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। श्रमिकों का कहना है कि इस प्रदर्शन के माध्यम से वह कंपनी प्रबंधन और शासन-प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाना चाहते हैं। धरनारत श्रमिक लगातार चार दिनों से अपनी वैधानिक मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें उनके अधिकार दिलाए जाएं, जो संविधान और श्रम कानूनों के तहत उन्हें प्राप्त हैं। श्रमिक नेता एवं सभासद संदीप नेगी ने कहा कि श्रमिकों को अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए भी संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है। समाज के अंतिम छोर पर कार्य कर रहे श्रमिकों का शोषण होना श्रम विभाग और शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। यदि संबंधित विभाग किसी कंपनी की हठधर्मिता और मनमानी पर अंकुश लगाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं, तो यह गंभीर विषय है। श्रमिकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और उग्र करने की रणनीति अपनाई जाएगी। इस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मंगल सिंह, श्रमिक नेता पवन सिंह नेगी, ऋषि रावत, विमल सिंह, नरेश असवाल, सतीश, अमित, मोहित नेगी, पवन कुमार, मुकेश नौटियाल, निखिल लिंगवाल, संदीप सिंह, श्याम सिंह, अनिल और प्रकाश थापा आदि मौजूद रहे।












