डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के रानीपोखरी न्याय पंचायत में प्रस्तावित विधि विश्वविद्यालय (लॉ यूनिवर्सिटी) की स्थापना के लिए पूर्व में आवंटित भूमि को किसी अन्य उद्देश्य हेतु दिए जाने के प्रयासों के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने कड़ा ऐतराज जताया है। बृहस्पतिवार को डोईवाला ब्लॉक कांग्रेस के नेतृत्व में इस संबंध में ऋषिकेश उपजिलाधिकारी के नाम तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया। परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा विधि विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए भूमि आवंटित की गई थी। यह निर्णय क्षेत्र के युवाओं और उच्च शिक्षा के भविष्य से जुड़ा हुआ था। अब उसी भूमि को किसी अन्य को देने की तैयारी भाजपा सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसे जनता के साथ विश्वासघात मानती है और इसका पुरजोर विरोध करेगी। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र स्वरूप भट्ट ने कहा कि लॉ विश्वविद्यालय डोईवाला क्षेत्र के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का एक बड़ा केंद्र बन सकता था, लेकिन सरकार की उदासीनता और गलत नीतियों के कारण इस महत्वपूर्ण परियोजना को खतरे में डाला जा रहा है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद कपरवान शास्त्री ने कहा भाजपा सरकार लगातार शिक्षा, युवाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों की अनदेखी कर रही है। विधि विश्वविद्यालय की भूमि को किसी और उद्देश्य के लिए देना प्रदेश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सरकार से इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि विधि विश्वविद्यालय के लिए पूर्व में की गई भूमि आवंटन प्रक्रिया को यथावत रखा जाए और शीघ्र विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर भूमि आवंटन से संबंधित प्रक्रिया को निरस्त नहीं किया गया, तो कांग्रेस जन आंदोलन के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन देने वालों में जिला उपाध्यक्ष एसपी बहुगुणा, मंडल अध्यक्ष मोहित कपरवान आदि उपस्थित रहे।












