डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई), देहरादून जौलीग्रांट एयरपोर्ट द्वारा हाल ही में एयरपोर्ट के आसपास स्थित क्षेत्रों में एयरोड्रोम सेफगार्डिंग निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ आवासीय एवं व्यावसायिक निर्माण कार्य एएआई से अनिवार्य अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त किए बिना किए जा रहे हैं। एएआई ने आम जनता, बिल्डरों, डेवलपर्स एवं स्थानीय नागरिकों को सूचित किया है कि देहरादून एयरपोर्ट के आसपास निर्धारित सेफगार्डिंग एवं ऊंचाई प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले एएआई से एनओसी प्राप्त करना अनिवार्य है। बिना अनुमति किए गए निर्माण कार्य विमान संचालन और यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकते हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि एयरक्राफ्ट एक्ट, 1934 के अंतर्गत एयरपोर्ट की 20 किलोमीटर की परिधि में स्थित ऊंचाई प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के निर्माण से पूर्व एएआई की अनुमति आवश्यक है। देहरादून एयरपोर्ट निदेशक भूपेश सीएच नेगी ने बताया कि एएआई ने सभी संबंधित हितधारकों से अपील की है कि निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले लागू ऊंचाई प्रतिबंधों की जांच अवश्य करें और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक स्वीकृति प्राप्त करें। विमानन सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार नियामक कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण नागरिकों और निर्माण एजेंसियों से अपेक्षा करता है कि वह एयरपोर्ट के आसपास 20 किलोमीटर की परिधि में सुरक्षित एवं अवरोध मुक्त वायु क्षेत्र बनाए रखने में सहयोग करें। निर्माण संबंधी अनुमतियों के लिए नागरिकों को नगर पालिका, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) तथा अन्य स्थानीय निकायों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए एएआई से अनिवार्य एनओसी प्राप्त करनी होगी। एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया एवं अन्य जानकारी के लिए नागरिक भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट www.aai.aero तथा ऑनलाइन एनओसी आवेदन पोर्टल https://nocas2.aai.aero/nocas पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।












