डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। डोईवाला तहसील क्षेत्र के नियामवाला में भू-माफिया बेखौफ होकर अवैध प्लॉटिंग के साथ-साथ सरकारी रास्ते पर कब्जा कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, देहरादून निवासी एक प्रॉपर्टी डीलर स्थानीय लोगों के साथ मिलीभगत कर इस अवैध गतिविधि को अंजाम दे रहा है।
बताया जा रहा है कि नियामवाला मस्जिद के सामने मार्ग पर आगे जाकर कृषि भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। राजस्व अभिलेखों के अनुसार, मस्जिद के सामने मुख्य मार्ग से अंत तक करीब 16 फीट चौड़ा रास्ता दर्ज है, लेकिन भू-माफियाओं ने उसमें से आधे हिस्से पर कब्जा कर लिया है। इससे स्थानीय किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन पर अपनी कृषि भूमि बेचने का दबाव भी बनाया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि भूमाफियाओं को प्रशासन का कोई भय नहीं है और सक्षम अधिकारियों की मिलीभगत से ही इस तरह के कृत्य किए जा रहे हैं। किसान गुलशन अरोड़ा व कमल अरोड़ा ने बताया कि उनकी भूमि के सामने से गुजरने वाला 16 फीट चौड़ा रास्ता भी कब्जे में ले लिया गया है, जिससे मार्ग संकरा हो गया है। इससे काश्तकारों और गन्ने के ट्रैक्टरों के आवागमन में कठिनाई उत्पन्न हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि देहरादून का एक प्रॉपर्टी डीलर स्थानीय लोगों के साथ मिलकर किसानों पर जमीन बेचने का दबाव बना रहा है। किसानों का यह भी आरोप है कि संबंधित प्रॉपर्टी डीलर और भू-माफिया खुलेआम कहते हैं कि जो करना है कर लो, हमारी हर जगह साठगांठ है। बताया गया कि उक्त कृषि भूमि पर की गई प्लॉटिंग के लिए न तो लैंड यूज़ चेंज कराया गया है और न ही एमडीडीए से किसी प्रकार की अनुमति ली गई है। इसके अलावा सिंचाई नहर की ओर जाने वाले लगभग 200 फीट लंबे सार्वजनिक रास्ते पर भी अवैध प्लॉटिंग कर मार्ग को बंद कर दिया गया है। किसान कमल अरोड़ा ने बताया कि उन्होंने तहसील और पटवारी कार्यालय से संबंधित नक्शा और जानकारी प्राप्त की है, जिसमें 16 फीट चौड़ा मार्ग स्पष्ट रूप से दर्ज है। साथ ही, इसी मार्ग से सटा लगभग 8 फीट चौड़ा रास्ता सिंचाई नहर तक आमजन के आवागमन के लिए था, जिस पर भी प्लॉटिंग कर दी गई है। अब देखना यह होगा कि तहसील, आरईआरए और एमडीडीए प्रशासन इस गंभीर मामले में कब संज्ञान लेते हैं और भू-माफियाओं के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।












