
रिपोर्ट-सत्यपाल नेगी-रुद्रप्रयाग
रुद्रप्रयाग यूं तो इस जहां में हर किसी को खुशी का मिलना मुमकिन नहीं,
पर जिसे मिली हो उससे पूछकर तो देखें खुशी मिलने का आनन्द कितना है?
और हां खुशी यदि इस चीज में समाहित हो, जो कि आपका किसी कारण से खो चुका हो और फिर पुलिस ने ढूंढकर दे दिया हो तो क्या कहने!और हां एक जरूरी बात यदि यह खोई चीज मोबाइल हो न तो समझ जाओ कि जीते जी स्वर्ग की प्राप्ति हो गयी।
क्या काम नहीं आ रहा मोबाइल, पढ़ाई, लिखाई, गेम्स और बहुत कुछ
मनोरंजन इसमें, क्रिकेट इसमें और हां कभी कभार ठगी भी हो जाये तो साइबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 भी तुरन्त उसी फोन से डायल कर दें
खैर जो कुछ भी लिखने का प्रयत्न किया जा रहा है, उसका सार यही है कि जनपद रुद्रप्रयाग में रह रहे कुछ स्थानीय व कुछ अपनी नौकरी के सिलसिले में तो कुछ किसी न किसी व्यवसाय के सिलसिले में।
इन लोगों के मोबाइल फोन कहीं गुम हो गये थे, यूं कहें कि खो गये थे।
इनके द्वारा जनपद रुद्रप्रयाग के सम्बन्धित नजदीकी थानों पर इन फोनों के खोने की रपट लिखाई गयी।
साइबर सेल पुलिस कार्यालय और सम्बन्धित थाना पुलिस की जी.तोड़ मेहनत का नतीजा ये रहा किएये खोये फोन मिल ही गये।
इन फोनों के मिल जाने की सूचना इन व्यक्तियों को दी गयी तो ये चले आये दौड़े.दौड़े और अपना फोन पाकर बहुत ही प्रसन्न नजर आये।
इन बरामद हुए 10 फोनों की कीमत करीबन सवा लाख रूपये के आस.पास की है।
हल्का सा परिचय उनका भी जो खुशनशीब अवश्य कहे जायेंगे।
सरेन्द्र प्रसाद, रविन्द्र सिंह, सुभाष, भगवान सिंह, बलवन्त सिंह, नवीन चन्द्र, योगेन्द्र, गुरजैन्ट, दीक्षा अपना मोबाइल फोन पाकर इन लोगों द्वारा जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस परिवार का शुक्रगुजार जरूर किया गया है।









