हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली।
सावन के पहले सोमवार को पूजा अर्चना करने के लिए पिंडर घाटी के शिवालयों को भी भक्तों के लिए सजा दिए गए हैं। गढ़वाल की पिंडर घाटी, कुमाऊं की कत्यूर घाटी के साथ ही गैरसैंण की खनसर घाटी में प्रसिद्ध एवं घनघोर जंगलों के बीच अवस्थित अंग्यारी महादेव में क्षेत्रों के शिव भक्तों रविवार को ही अंग्यारी पहुंचने लगे हैं,इधर सावन के पहले सोमवार के दिन तमाम शिवालयों में शिव भक्तों के द्वारा भंडारों का भी आयोजन किया गया हैं।
प्रदेश के अन्य शिवालयों की तरह ही पिंडर घाटी के थराली,देवाल व नारायणबगड़ के शिवालयों को सावन के पहले सोमवार की पूजा अर्चना के लिए सजा दिया गया हैं। कुमाऊं की कत्यूर घाटी, गढ़वाल की पिंडर घाटी के साथ ही गैरसैंण की खनसर घाटी के। शिवभक्तों के बीच अपार श्रद्धा का केंद्र अंग्यारी महादेव जो कि आवादी क्षेत्रों से करीब 4 से 5 किलोमीटर दूर घनघोर जंगलों के बीच स्थित हैं, में जलाभिषेक करने के लिए कई शिवभक्त अग्यारी महादेव कूच कर गए हैं, वें रविवार की पूरी रात्रि वहां पर जागरण करने के साथ ही सोमवार को जलाभिषेक करेंगे। अंग्यारी महादेव को जानें के लिए 4 से 5 किलोमीटर पैदल चल कर पहुंचना पड़ता हैं, अंग्यारी को ही कुमाऊं की प्रसिद्ध नदी गोमती का उद्गम स्थल भी मानना जाता हैं। क्षेत्र के लगभग सभी शिवालयों थराली बेतालेश्वर महादेव, ग्वालदम,तलवाड़ी,सोल डुंग्री,मींग महादेव,असेड़ महादेव,देवाल,तिन्यूड़ा-देवसारी,जैनबिष्ट, हरनी,मेलखेत आदि शिवालयों की साफ-सफाई कर शिव भक्तों के जलाभिषेक के लिए तैयार कर दिए गए हैं।सावन के पहले सोमवार को कई शिवालयों में सामुहिक भंडारों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए शिवभक्तों ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।











