डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। चमोली जिले के सिमली बेस हॉस्पिटल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल करने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की मांग को लेकर सिमली बेस हॉस्पिटल संघर्ष समिति की ओर से निकाली जा रही जनजागरण पदयात्रा सोमवार को डोईवाला पहुंची। यात्रा के दौरान समिति के पदाधिकारियों ने सरकार से पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और सिमली बेस हॉस्पिटल में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुन्ना नेगी, रविंद्र खंडूड़ी, भाष्करा नंद डिमरी और गैरसैंण की पूर्व प्रधान संतोषी कंवरिया सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्रियों की ओर से पूर्व में तीन बार सिमली में महिला बेस हॉस्पिटल को सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त बनाने और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की घोषणाएं की गई थीं। इसके बावजूद ये घोषणाएं अब तक धरातल पर नहीं उतर पाई हैं।
समिति के सदस्यों ने कहा कि सिमली बेस हॉस्पिटल सिमली और गैरसैंण सहित आसपास के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र है। अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने से स्थानीय लोगों को उपचार के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें लगातार पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की अनदेखी कर रही हैं।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने जल्द ही सिमली बेस हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं की, तो आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करना क्षेत्रीय जनता की मजबूरी होगी। समिति के अनुसार, 11 अक्टूबर को सिमली स्थित चंडिका मंदिर से शुरू हुई यह पैदल जनजागरण यात्रा विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए आगे बढ़ रही है। यात्रा मंगलवार को देहरादून पहुंचेगी, जहां गांधी पार्क में धरना देकर शासन-प्रशासन का ध्यान अस्पताल की समस्याओं की ओर आकर्षित किया जाएगा।
पदयात्रा में बलवंत रावत, मनोज गैरोला, हरीश डिमरी, संजय डिमरी, मुन्ना नेगी, रविंद्र खंडूड़ी, अनिल लाड़ीला, जयदीप गैरोला, शोभन सिंह, जसवंत सिंह, संतोषी कंवरिया, दयाल सिंह, मदन बिष्ट, पंकज कुमार और भाष्करा नंद सहित अन्य लोग शामिल रहे।














