दिल्ली(ब्यूरो रीपोर्ट)। आप सभी जानते हैं कि 3 मई 1945 को मात्र 24 वर्ष 6 माह की अल्पायु में तत्कालीन ब्रिटिश सरकार के द्वारा वीर केसरी चंद को फांसी के तख्ते पर चढ़ाया गया था। यह स्थल यानी जिसे फांसी घर भी कहा जाता है मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित है। हमारे लिए यह पवित्र स्थल सन् 2022 तक अज्ञात रहा है जहां पर 3 मई 1945 को वीर केसरी चन्द जी हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर चढ़ गए थे और अपने देश की आज़ादी के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया! जौनसार बाबर जनजातीय कल्याण समिति दिल्ली के चेयरमैन रतन सिंह रावत, भूतपूर्व चेयरमैन कुलान्नद जोशी , उपाध्यक्ष मातवर चौहान, विनोद बच्छेदी शिक्षाविद एवं DPMI के चेयरमैन विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में उपस्थित थे ! अन्य अतिथि उपेन्द्र पोखरियाल एवं कार्यकारिणी के सदस्य कुंवर सिंह तोमर,कोषाध्यक्ष मंगल सिंह चौहान, सचिन चौहान, सुनील तोमर, रविन्द्र राणा, टीकम सिंह भंडारी, करम चन्द शर्मा, चमन रावत, तिलक राम शर्मा, अशोक नेगी,सार्थक शर्मा, श्रीमती सोनिया भंडारी एवं अतर सिंह चौहान आदि मौजूद थे ! सबसे पहले सभी उपस्थित लोगों ने उतराखण्ड के इस वीर सपूत को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए सभी ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई ! दो मिनिट का मौन धारण इस शहीद स्मारक स्थल पर किया गया ! सभी उपस्थित अतिथियों ने अपने अपने विचार व्यक्त किए!
जौनसार बाबर जनजातीय कल्याण समिति दिल्ली के चेयरमैन रतन सिंह रावत ने अपने उद्बोधन में कहा है कि हमें गर्व है कि आज़ादी की लड़ाई में हमारे जौनसार बाबर उतराखण्ड के सपूत वीर केसरी चन्द इसी पवित्र स्थान पर हंसते हंसते फाँसी के फंदे को गले लगा दिया था ! यही पर 24 साल की अल्पायु में वीरगति प्राप्त करके शहीद हुए थे ! यह हमारा सौभाग्य ही है आज शहीद वीर केसरी चन्द का बलिदान दिवस हम मना रहे हैं जब सम्पूर्ण देश में स्वतंत्रता अमृत काल के रूप में मनायीं जा रहा है! रावत ने कहा है कि तत्कालीन ब्रिटिश शासन के द्वारा किसी स्वतंत्र सेनानी को यहां पर यह अंतिम फांसी दी गई थी ! यह जगह शहीद स्मारक स्थल” यानी फांसी घर ओल्ड दिल्ली जेल के नाम से प्रसिद्ध है जहां पर अन्य शहीदों के साथ शहीद केसरी चन्द शर्मा का नाम स्मारक पट्टिका पर अन्य शहीदों के साथ अंकित है !
रतन सिंह रावत ने आगे कहा है कि कार्यकारिणी का मत है कि जिस जगह पर हमारे जौनसार बावर, उत्तराखंड के लाल को फांसी दी गई है वहां पर शहीद वीर केसरी चन्द की एक प्रतिमा स्थापित होनी चाहिए। जिसके लिए आगामी आम सभा में सभी सदस्यों के साथ विस्तृत विचार -विमर्श के उपरांत आगे की रूपरेखा तैयार की जाएगी।आने वाले समय में समिति इस सम्बन्ध में एक माँग पत्र के द्वारा सचिव स्वास्थ्य विभाग दिल्ली सरकार से निवेदन करेगी कि इस शहीद स्मारक स्थल पर जो की मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज के प्रांगण में स्थित है वहाँ पर वीर शहीद केसरी चन्द की मूर्ति लगाने के लिए थोड़ी से जगह आवंटित कर दें !
समिति के वरिष्ठ सदस्य एवं भूतपूर्व चेयरमैन कुलानंद जोशी ने भी अपने विचार व्यक्त किए! जोशी के अथक प्रयासों के बाद ही शहीद स्थल की पुष्टि होने के बाद पिछले वर्ष 3 मई 2022 को पहली बार दिल्ली में जौनसार बावर जनजाति कल्याण समिति दिल्ली के द्वारा “शहीद स्मारक स्थल” यानी फांसी घर पर एकत्रित होकर बलिदान दिवस मनाया गया था! आमंत्रित अतिथि विनोद बच्छेदी ने कहा कि यहाँ परे आने वाले वर्षों में यह बलिदान दिवस वीर शहीद केसरी चन्द की याद में और भी धुमधाम से मनाया जायेगा! उन्होंने कहा कि हम लोग जौनसार बाबर जनजातीय कल्याण समिति दिल्ली की हर तरह से मदद करेंगे जैसे इस स्मारक स्थल पर वीर शहीद केसरी चन्द की मूर्ति स्थापित करने की दिशा में काम करना है ! उन्होंने कहा कि की दिल्ली में दो सड़कों का नामकरण वीर शहीद केसरी चन्द के नाम से रखा गया है! इसके साथ ही वीर शहीद केसरी चन्द जी के नाम से उनकी वीरता की कहानियों को स्कूलों के पाठ्यक्रम में भी शामिल कराया जायेगा! आज काफ़ी संख्या में समिति के सदस्य 11 बजे उपस्थित होकर इस स्मारक स्थल पर जौनसार बावर, उत्तराखंड के वीर सपूत शहीद केसरी चंद को भावभीनी श्रद्धांजलि एवं श्रद्धा सुमन बारी बारी से सभी ने अर्पित किए!












