उत्तराखंड के दुर्गम और पहाड़ी इलाकों से आने वाले युवाओं के लिए देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक UPSC को पास करना अपने आप में एक बड़ी प्रेरणादायक उपलब्धि है। सीमित संसाधनों, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतियों के बावजूद यहां के युवाओं ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित किया है कि पहाड़ की प्रतिभा किसी से कम नहीं है। इस वर्ष जारी हुए सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणामों में भी उत्तराखंड के कई युवाओं ने शानदार सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
चंपावत जिले के बाराकोट क्षेत्र के निवासी अनुज पंत ने ऑल इंडिया रैंक 69 हासिल कर जिले और प्रदेश को गौरवान्वित किया है। वहीं टिहरी जिले के चंबा के दिवाड़ा गांव की मीनल नेगी ने 66वीं रैंक प्राप्त कर यह साबित किया कि पहाड़ की बेटियां भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपना स्थान बना रही हैं।
नौटियाल ने 552वीं रैंक हासिल कर अपनी मेहनत का लोहा मनवाया। उन्होंने तीन बार मुख्य परीक्षा तक पहुंचने के बाद भी हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में सफलता प्राप्त की।
चंपावत जिले की ही प्रतिभाशाली बेटी अनुप्रिया राय ने 258वीं रैंक हासिल कर लगातार तीसरी बार UPSC परीक्षा पास करने का गौरव हासिल किया। वहीं हरिद्वार जिले के पिरान कलियर क्षेत्र की फैरूज फातिमा ने 708वीं रैंक प्राप्त कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया।
उत्तरकाशी जिले के नौगांव विकासखंड के ग्राम गुलाड़ी के आशुतोष नौटियाल ने 398वीं रैंक हासिल कर IPS के लिए चयनित होकर रवांई घाटी को गौरवान्वित किया। इसके साथ ही आयुष सेमवाल ने भी UPSC परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रदेश का मान बढ़ाया।
हरिद्वार जिले के तुषार चौहान और आर्यन कुमार सिंह ने भी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने जिले का नाम रोशन किया है। इन सभी युवाओं की सफलता न केवल उनके परिवारों बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है और यह आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगी।
हालांकि यह भी जरूरी है कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक निवेश करे, ताकि पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें और वे राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकें
लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं












