
फोटो- बदरीनाथ हाई वे पर मारवाडी के पास सडक क्षतिग्रस्त हुई।
02- मलारी रोड पर रैणी ब्रिज को बचाने की कवायद जारी।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ।
मूसलाधार वारीश ने कई सडको को किया क्षतिग्रस्त। बदरीनाथ हाई-वे के साथ ही उर्गम घाटी की सडक भी हुई कई स्थानो पर ध्वस्त। तेज वारीश के कारण सडक खोलने मे हो रही है दिक्कते। रैणी ब्रिज को बचाने की कवायद लगातार जारी।
दो दिनो से लगाता हो रही मूसलाधार वारीश के कारण बदरीनाथ हाई वे मारवाडी-जोशीमठ से लेकर रडांग वैण्ड-बदरीनाथ तक कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। भारी वारीश के कारण विभिन्न अवरूद्ध सडको से मलबा हटाने मे भी दिक्कतों को सामना करना पड रहा हैं बदरीनाथ मार्ग पर जोशीमठ के तलहटी पर मारवाडी पुल के पास सडक निर्माण कंपनी के सडक किनारे बनाए गए स्टोर व अन्य टिन शेड सडक धॅसाव के कारण अलकनन्दा की ओर खिसक गए। इन स्थानो पर सडक की दीवाले भी पूरी की पूरी खिसक कर अलकनन्दा मे समाने के कगार पर है। यही स्थििति हनुमान चटटी से आगे रडांग वैण्डो व कंचन गंगा तक बनी हुई है। बीआरओ व संबधित ठेकेदारों की मशीने मौके पर खडी तो है लेकिन वारीश रूकने का नाम नही ले रही है।
इधर जोशीमठ-मलारी रोड पर ऋषि गंगा आपदा के बाद निर्मित वैली ब्रिज को बचाने की कवायद लगातार जारी है। बीती 13जून को ऋषिं गंगा मे ऊफान के कारण वैली ब्रिज का एक ओर का एबेडमेंट खिसकने लगा था। जिस पर बीआरओ द्वारा उसी दिन रात्रि से कार्य शुरू करते हुए ब्रिज को बचाने का काम शुरू कर दिया था। लेकिन भारी वारीश के कारण एबेडमेन्ट मे किए गए कार्याे का वारीश व नदी के पानी से बचाने का उपक्रम किया जा रहा है। बीआरओ ने फिलहाल तिरपाल डालकर एबेडमेन्ट मे किए गए कार्यो को बचाने की कोशित तो की है। इसके अलावा विगत पाॅच दिनो से बन्द रैणी मे मार्ग खोलने की किसी तरह कवायद शुरू हुई थी कि भारी वारीश ने यहाॅ पर भी रोड खोलने का कार्य ठप्प कर दिया है।
दूसरी ओर हेलंग-‘उर्गम मोटर मार्ग भी कई स्थानो पर क्षतिग्रस्त हो गया है। उर्गम घाटी के सामाजिक कार्यकर्ता लक्षमण सिंह नेगी के अनुसार लघु जल विद्युत निगम की नहरो मे रिसाव के कारण खासकर वर्षात मे उर्गम सडक क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। उनका कहना है कि कई बार निगम के अधिकारियों को इस बावत कहा गया लेकिन इस दिशा मे कोई कार्यवाही नही की गई, नतीजन एक बार फिर हेलंग-उर्गम मोटर मार्ग कई स्थानो पर बाधित हो गया है।











