

प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और उपलब्ध जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए यूजेवीएन लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 3202.53 मिलियन यूनिट (एमयू) विद्युत का उत्पादन किया है। यह वर्तमान अवधि के निर्धारित उत्पादन लक्ष्य से 36.03 मिलियन यूनिट अधिक है। विशेष रूप से अगस्त एवं सितंबर माह में निगम के विद्युतगृहों द्वारा उल्लेखनीय उत्पादन दर्ज किया गया है।
प्रमुख सचिव ऊर्जा, उत्तराखण्ड शासन, डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम द्वारा प्रदेश की विद्युत व्यवस्था की गहन समीक्षा हेतु आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबन्ध निदेशक श्री अजय कुमार सिंह ने प्रदेश में विद्युत उत्पादन की अद्यतन स्थिति, उपलब्धता तथा निगम की प्रमुख उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी।
श्री अजय कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान में यूजेवीएन लिमिटेड की कुल 61 मशीनों में से 58 मशीनें उत्पादन के लिए पूर्णतः उपलब्ध हैं और नदियों में उपलब्ध जलस्राव के अनुरूप निरंतर विद्युत उत्पादन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा मशीनों की उच्च उपलब्धता सुनिश्चित करने, समयबद्ध रखरखाव तथा उपलब्ध जल संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अगस्त में पिछले वर्ष की तुलना में 147.63 एमयू अधिक उत्पादन
अगस्त 2026 में यूजेवीएन लिमिटेड के विद्युतगृहों द्वारा 742.53 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया गया, जो अगस्त 2025 में किए गए 594.90 मिलियन यूनिट उत्पादन की तुलना में 147.63 मिलियन यूनिट अधिक है। यह वृद्धि निगम के विद्युतगृहों की बेहतर उपलब्धता एवं संचालन दक्षता को दर्शाती है।
वहीं, सितंबर 2026 में अब तक निगम के विद्युतगृहों द्वारा 523.92 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया जा चुका है, जो इस अवधि के निर्धारित उत्पादन लक्ष्य से 21.22 मिलियन यूनिट अधिक है।
पीक आवर्स में 976.5 मेगावाट उत्पादन
प्रदेश की विद्युत मांग, विशेषकर पीक डिमांड के समय, को पूरा करने में भी यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। 23 सितंबर 2026 की रात्रि 9:00 बजे के पीक आवर्स के दौरान निगम द्वारा 976.5 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया गया। यह प्रदेश की विद्युत व्यवस्था में निगम की महत्वपूर्ण भूमिका और उपलब्ध उत्पादन क्षमता के प्रभावी उपयोग को दर्शाता है।
इसके अतिरिक्त निगम की लघु जल विद्युत परियोजनाओं से लगभग 25 मेगावाट तथा सोलर पावर प्लांटों से अब तक 2.03 लाख यूनिट विद्युत का उत्पादन किया गया है।
कम जलस्राव के बावजूद उत्पादन लक्ष्य से आगे
बैठक में यह तथ्य भी सामने आया कि 17 सितंबर 2026 के बाद वर्षा में अचानक कमी आने के कारण विभिन्न नदियों के जलस्राव में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में सितंबर 2026 में टौन्स नदी के जलस्राव में लगभग 59 प्रतिशत, यमुना नदी में 49 प्रतिशत, भागीरथी नदी में 20 प्रतिशत तथा गंगा नदी में पशुलोक बैराज पर लगभग 9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
इन प्राकृतिक परिस्थितियों के बावजूद यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा उपलब्ध जल संसाधनों का योजनाबद्ध एवं अधिकतम उपयोग करते हुए विद्युत उत्पादन को बनाए रखा गया है। जलस्राव में कमी के प्रभाव को न्यूनतम रखते हुए निगम ने वर्तमान अवधि में अपने निर्धारित उत्पादन लक्ष्य को पार किया है।
अधिकतम उत्पादन के लिए प्रतिबद्ध है यूजेवीएन
श्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि जलविद्युत उत्पादन सीधे तौर पर प्राकृतिक जलस्रोतों पर निर्भर करता है और वर्षा एवं नदी के जलस्राव में होने वाले उतार-चढ़ाव का उत्पादन पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इसके बावजूद निगम द्वारा मशीनों की उपलब्धता, बेहतर संचालन, समयबद्ध रखरखाव तथा जल संसाधनों के वैज्ञानिक एवं योजनाबद्ध उपयोग के माध्यम से उत्पादन को अधिकतम बनाए रखने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि “परिस्थितियां कैसी भी हों, यूजेवीएन लिमिटेड प्रदेश की विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति में अपनी भूमिका पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ निभाने तथा उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने निगम के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम भावना, सतत प्रयासों और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आगे भी उत्पादन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाएगा।
यूजेवीएन लिमिटेड प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ उत्तराखण्ड को ऊर्जा के क्षेत्र में और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।










