थराली। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने 2 अक्तूबर 1994 के मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहा कांड के शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को याद किया गया।इस मौके पर शहीद आंदोलनकारियों के छाया चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
शुक्रवार को यूकेडी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने देवाल तिराहे पर आयोजित एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शहीदों के छाया चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर यूकेडी के केंद्रीय सलाहकार समिति के भूपाल सिंह गुसाईं ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि अलग उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान शहीदों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था, लेकिन आज भी उनके नाम और योगदान को अपेक्षित सम्मान नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस को अभी तक यह भी पता नहीं है कि रामपुर तिराहा कांड में शहीद हुए आंदोलनकारियों को सम्मान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान से हुआ है। ऐसे में शहीदों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता हैं। उन्होंने कहा कि रामपुर तिराहा कांड में शहीद हुए सात आंदोलनकारियों में रविंद्र सिंह रावत, सत्येंद्र चौहान, गिरीश भद्री (भंडारी), राजेश लखेड़ा, सूर्य प्रकाश थपलियाल, राजेश नेगी और अशोक कुमार शामिल थे। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार अशोक कुमार ऊखीमठ निवासी थे, जबकि सूर्य प्रकाश थपलियाल ऋषिकेश और राजेश नेगी भानियावाला क्षेत्र से जुड़े थे। उन्होंने शहीदों की याद में पूरे वर्षभर में मात्र एक दिन याद किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आज भी भाजपा एवं कांग्रेस की राज्य विरोधी नीतियों के कारण आंदोलनकारियों का सपनों का राज्य आज भी नही बन पाया हैं। यूकेडी जिलाध्यक्ष जमन सिंह मनीषा,
जिलामंत्री पृथ्वी सिंह, जिला महामंत्री प्रकाश राम, मोहन राम आर्या,विक्रम मेहर,लक्ष्मी प्रसाद सती, जिला प्रवक्ता करन कठैत, पूजा शर्मा,सोनी बोरा, दर्शन सिंह शाह आदि मौजूद थे।











