उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी की एक बैठक का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष भूपाल सिंह करायत द्वारा की गई और संचालन प्रदेश महामंत्री प्रशांत मेहता द्वारा किया गया।
बैठक की जानकारी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष भूपाल सिंह करायत एवं प्रदेश महामंत्री प्रशांत मेहता ने बताया कि बैठक में उत्तराखंड शासन द्वारा विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के विपरीत लिए जा रहे निर्णयों पर रोष जारी किया गया एवं विश्वविद्यालय में नए-नए नियम थोपने का विषय जोर शोर से उठाया गया। बैठक में सभी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने एकमत से शासन द्वारा कर्मचारियों की पदों पर नियुक्तियों, कर्मचारियों की पदोन्नतियों के कई मामलों के प्रकरण शासन पर विचाराधीन होने की बात कही गई है जिसके चलते एक तरफ शासन अखबारों में जल्द नियुक्ति की बात कर रहा है वहीं दूसरी तरफ मामले उन्हीं के स्तर से लंबित हैं। संगठन ने शासन के इस दोगले रवैए से सरकार को भी अंधेरे में रखने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने लगातार मांग की बावजूद उच्च शिक्षा विभाग द्वारा महासंघ की समीक्षा बैठक आयोजित न करने पर भी भारी रोष जाहिर किया है। वहीं आज आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में वक्ताओं ने विस्तृत चर्चा की उपरांत निर्णय लिया गया कि महासंघ द्वारा राज्य के समस्त विश्वविद्यालय की कुलपतियों को पत्र प्रेषित करते हुए शासन द्वारा विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर लगातार किए जा रहे प्रहार पर ठोस निर्णय लिए जाने हेतु पत्र प्रेषित करने का निर्णय लिया गया जिसकी प्रति कुलाधिपति महामहिम राज्यपाल महोदय को भी प्रेषित की जाएगी एवं इसके लिए संगठन द्वारा लगातार मुखर होकर आवाज उठाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से वर्तमान कार्यकारिणी के दो वर्ष का कार्यकाल समाप्त होने के उपरांत हरिद्वार स्थित आयुर्वेद विश्वविद्यालय के गुरुकुल परिसर में माह फरवरी में तृतीय अधिवेशन आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में संगठन के मुख्य संरक्षक हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से अखिल भारतीय विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के उपाध्यक्ष व संगठन के मुख्य संरक्षक राजेंद्र सिंह भंडारी, कुमाऊं विश्वविद्यालय से राज्य महासंघ के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप सिंह, महासंघ के पूर्व महामंत्री डॉ लक्ष्मण सिंह रौतेला, तकनीकी विश्वविद्यालय से संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक सुंदरियाल, मुक्त विश्वविद्यालय से संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भरत सिंह नैनवाल, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय से संगठन के कोषाध्यक्ष देवेंद्र पोखरिया, कुमाऊं विश्वविद्यालय से संगठन की उपाध्यक्ष विपिन चंद्र, संयुक्त मंत्री गणेश बिष्ट, मुक्त विश्वविद्यालय से विमल चौहान, संस्कृत विश्वविद्यालय से चंदन रावत, आयुर्वेद विश्वविद्यालय से संगठन के अध्यक्ष खीमानंद भट्ट, सचिव आशुतोष गैरोला, सुनीता चंद तिवारी, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष देवेंद्र धामी, पंतनगर विश्वविद्यालय से भूपेश चन्द्र कबडवाल, शामिल रहे।











