• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

उत्तराखंड की मतदाता सूची में 2022 के विधानसभा चुनावों की तुलना में 11.07 लाख मतदाताओं की कमी; 13.40% की गिरावट

70 में से 36 विधानसभा क्षेत्रों में महिला मतदाताओं की संख्या में प्रतिशत के लिहाज से अधिक गिरावट

17/10/26
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
2
SHARES
2
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

 

*राजपुर रोड में अब बद्रीनाथ और केदारनाथ से भी कम मतदाता*

देहरादून:

“एसआईआर (SIR) और 2022 से 2027 के विधानसभा चुनावों के बीच उत्तराखंड के बदलते मतदाता परिदृश्य” शीर्षक वाली रिपोर्ट का विमोचन सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल और प्रवीण उप्रेती ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को देहरादून प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। यह रिपोर्ट उत्तराखंड की मतदाता सूचियों में हुए बदलावों का अध्ययन करती है, विभिन्न राज्यों के उपलब्ध आँकड़ों की तुलना करती है और विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मतदाताओं की संख्या में आई कमी के पैमाने तथा उसके वितरण से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल उठाती है।

रिपोर्ट का प्रमुख निष्कर्ष है कि 2022 के विधानसभा चुनावों और 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के बीच उत्तराखंड में मतदाताओं की संख्या में 11,07,695 की कमी आई है, जो 13.40% है। मतदाताओं की संख्या 82,66,644 से घटकर लगभग 71.59 लाख रह गई है। 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रहे राज्य के लिए मतदाता आधार में यह एक बड़ा बदलाव है। 2012 से 2022 के बीच उत्तराखंड में लगभग 18.89 लाख मतदाता जुड़े थे, इसलिए हाल के आँकड़ों में आई यह तीव्र गिरावट विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इस कमी के कारणों को पारदर्शी तरीके से स्पष्ट किया जाना चाहिए। इसके लिए हटाए गए नामों, मृत्यु, पलायन, दोहरी प्रविष्टियों और अन्य सुधारों का स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।

रिपोर्ट में विभिन्न राज्यों की तुलना भी की गई है, जिसमें उत्तराखंड की 13.40% की गिरावट अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक बताई गई है। रिपोर्ट में प्रस्तुत संबंधित आँकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में लगभग 11.4%, तमिलनाडु में 8.79%, पश्चिम बंगाल में 6.88%, गोवा में 9.18%, मणिपुर में 5.28% और पंजाब में 0.7% की कमी दर्ज की गई है। केरल में 1.12% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि बिहार और असम में संबंधित तुलनाओं के दौरान मतदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई। इन आँकड़ों की सावधानीपूर्वक व्याख्या आवश्यक है, क्योंकि विभिन्न राज्यों के संदर्भ वर्ष, प्रकाशन तिथियाँ और मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रियाएँ अलग-अलग हैं। इसलिए इन्हें पूरी तरह समान आधार पर की गई तुलना के रूप में नहीं देखा जा सकता। इसके बावजूद, उत्तराखंड में मतदाताओं की संख्या में आई कमी इतनी बड़ी है कि निर्वाचन आयोग को एक समान मानकों पर आधारित तुलनात्मक आँकड़े प्रकाशित करने चाहिए और राज्य में मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक कमी होने के कारणों को स्पष्ट करना चाहिए।

राज्य में मतदाताओं की संख्या में गिरावट समान रूप से नहीं हुई है। देहरादून जिले में लगभग 3.03 लाख मतदाताओं की कमी दर्ज की गई, जो 20.22% है। रिपोर्ट में पहचाने गए जिलों में यह प्रतिशत के लिहाज से सबसे अधिक गिरावट है। पौड़ी गढ़वाल में 14.89%, पिथौरागढ़ में 13.61% और टिहरी गढ़वाल में 13.14% की कमी दर्ज की गई। विधानसभा क्षेत्र के स्तर पर देहरादून कैंट में 34.19%, राजपुर रोड में 32.64% और धर्मपुर में 27.59% की गिरावट दर्ज की गई। इन असमानताओं के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विस्तृत स्पष्टीकरण दिया जाना आवश्यक है।

अनूप नौटियाल ने निर्वाचन आयोग की आलोचना करते हुए कहा कि रिपोर्ट के निष्कर्ष पारदर्शिता, जवाबदेही और चुनावी प्रक्रिया में जनता के विश्वास को लेकर गंभीर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा, “जब नागरिकों को यह पता नहीं होता कि उनका नाम मतदाता सूची में बना हुआ है या नहीं, अथवा उन्हें अपने मतदान के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए एक जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, तो इससे लोकतंत्र कमजोर होता है। स्थिति ऐसी दिखाई दे रही है कि मतदाता अपने मतदान के अधिकार को बचाए रखने के लिए निर्वाचन आयोग के पीछे दौड़ रहे हैं, जबकि आयोग को स्वयं सक्रिय होकर मतदाताओं तक पहुँचना चाहिए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से छूट न जाए। निर्वाचन आयोग को यह समझना होगा कि सटीक मतदाता सूची बनाए रखना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह चुनावों की विश्वसनीयता और हमारे लोकतंत्र के स्वास्थ्य का मूल आधार है। जनता का विश्वास बहाल करने के लिए पारदर्शिता, आँकड़ों का समय पर खुलासा और शिकायतों के निवारण की सुलभ व्यवस्था आवश्यक है।”

लिंग के आधार पर किए गए विश्लेषण से एक और चिंता सामने आती है। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड के 70 विधानसभा क्षेत्रों में से 36 में महिला मतदाताओं की संख्या में प्रतिशत के लिहाज से गिरावट पुरुष मतदाताओं की तुलना में अधिक है। यही प्रवृत्ति पाँच जिलों—ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी और अल्मोड़ा—में भी दिखाई देती है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 2022 के विधानसभा चुनावों में द्वाराहाट एकमात्र ऐसा विधानसभा क्षेत्र था, जहाँ महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक थी। 2027 के लिए अध्ययन किए गए मतदाता सूची के आँकड़ों में अब किसी भी विधानसभा क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक नहीं है।

इन निष्कर्षों की गहन जाँच आवश्यक है और इनके कारणों के बारे में बिना प्रमाण कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए। निर्वाचन आयोग को सभी विधानसभा क्षेत्रों और मतदान केंद्रों के लिए लिंग के आधार पर अलग-अलग आँकड़े प्रकाशित करने चाहिए। इनमें पुनरीक्षण से पहले और बाद में पुरुष एवं महिला मतदाताओं की संख्या के साथ-साथ नाम हटाने के दर्ज कारण भी शामिल होने चाहिए। हाल ही में घोषित विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान उन पात्र महिलाओं को अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने या अपने रिकॉर्ड में सुधार करने के लिए सुलभ अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए, जिनके नाम सूची से गायब हैं।

रिपोर्ट में की गई सबसे महत्वपूर्ण तुलनाओं में से एक देहरादून के राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र और हिमालयी विधानसभा क्षेत्रों बद्रीनाथ तथा केदारनाथ के बीच है। वर्ष 2022 में राजपुर रोड में 1,19,615 मतदाता थे, जबकि बद्रीनाथ में 1,04,795 और केदारनाथ में 93,016 मतदाता थे। 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में राजपुर रोड के मतदाताओं की संख्या घटकर 80,569 रह गई, जबकि बद्रीनाथ में 91,555 और केदारनाथ में 85,924 मतदाता दर्ज किए गए। अब राजपुर रोड में दोनों विधानसभा क्षेत्रों की तुलना में कम मतदाता हैं। वर्ष 2022 के बाद राजपुर रोड में 39,046 मतदाताओं की कमी आई है, जबकि बद्रीनाथ में 13,240 और केदारनाथ में 7,092 मतदाताओं की कमी दर्ज की गई है।

रिपोर्ट में निर्वाचन आयोग से माँग की गई है कि वह 11.07 लाख मतदाताओं की कमी का विधानसभा क्षेत्रवार और मतदान केंद्रवार पूरा विवरण प्रकाशित करे। इसमें नाम हटाए जाने के कारणों को अलग-अलग श्रेणियों में बाँटा जाए और आँकड़ों का पिछली मतदाता सूचियों से मिलान किया जाए। उत्तराखंड की अन्य राज्यों के साथ तुलना के लिए एक समान मानकों वाली रिपोर्ट तैयार की जाए, जिसमें संदर्भ तिथियों और पुनरीक्षण की प्रक्रियाओं का स्पष्ट उल्लेख हो।

रिपोर्ट में सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों की लिंग-आधारित समीक्षा करने की भी माँग की गई है, जिसमें उन 36 विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए जहाँ महिला मतदाताओं की संख्या में प्रतिशत के लिहाज से अधिक गिरावट आई है। इसके अतिरिक्त, देहरादून कैंट, राजपुर रोड और धर्मपुर में मतदाताओं की संख्या में हुई असाधारण कमी की विस्तृत समीक्षा की माँग की गई है। राजपुर रोड, बद्रीनाथ, केदारनाथ और इसी तरह के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में एसडीडी तथा नो मैपिंग के आँकड़ों का मिलान और स्पष्टीकरण भी माँगा गया है।

अंत में, निर्वाचन आयोग से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है कि चल रहा विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण पारदर्शी और सुलभ हो। पात्र मतदाताओं को अपना नाम जाँचने, दावे और सुधार प्रस्तुत करने तथा अपने आवेदनों और शिकायतों की स्थिति जानने की सुविधा मिलनी चाहिए। इसके लिए समयबद्ध सार्वजनिक रिपोर्टिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

अनूप नौटियाल ने कहा कि इस रिपोर्ट का उद्देश्य चुनावी पारदर्शिता, जनता के विश्वास और प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदाता के रूप में पंजीकृत होने के मौलिक अधिकार को मजबूत करना है। उन्होंने रिपोर्ट तैयार करने में आँकड़ों के संग्रह और दस्तावेजीकरण में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए अपने सहयोगी प्रवीण उप्रेती का आभार व्यक्त किया।

 

Share1SendTweet1
Previous Post

Texi-stand-to-hotmix-demand

Related Posts

उत्तराखंड

Texi-stand-to-hotmix-demand

October 17, 2026
2
उत्तराखंड

19 अक्टूबर को ही मनाई जाएगी अष्टमी और नवमी

October 17, 2026
1
उत्तराखंड

डोईवाला: अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग पर यूकेडी ने फूंका भाजपा सरकार का पुतला

October 17, 2026
1
उत्तराखंड

महाविद्यालय तलवाड़ी में दो दिवसीय वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता में शनिवार को आउटडोर खेलों के साथ ही प्रतियोगिता का समापन

October 17, 2026
2
उत्तराखंड

देवाल में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में मात्र एक शिकायत दर्ज

October 17, 2026
3
उत्तराखंड

डोईवाला: अधिवक्ता मेहताब आलम ने मरीज के लिए किया एसडीपी दान

October 16, 2026
28

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67751 shares
    Share 27100 Tweet 16938
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45794 shares
    Share 18318 Tweet 11449
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38081 shares
    Share 15232 Tweet 9520
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37460 shares
    Share 14984 Tweet 9365
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37384 shares
    Share 14954 Tweet 9346

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

उत्तराखंड की मतदाता सूची में 2022 के विधानसभा चुनावों की तुलना में 11.07 लाख मतदाताओं की कमी; 13.40% की गिरावट

October 17, 2026

Texi-stand-to-hotmix-demand

October 17, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.