हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली/देवाल।
चमोली के अंतर्गत विकासखंड देवाल के वांक गांव में आयोजित 14 दिवसीय कार्यक्रम का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के साथ समापन 
हों गया हैं। अनंत नन्दा फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस बहुआयामी प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य “हमारा प्रयास, हुनर की तलाश” के नाम से आयोजित किया गया।
वांक गांव में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय अल्ट्रा ट्रेल रनर, थल सेनाध्यक्ष व जीओसी-इन-सी प्रशस्ति पत्र एवं राज्यपाल से पुरस्कार पूर्व सैनिक कलम सिंह बिष्ट के नेतृत्व में चलें 14 दिनों तक चले इस गहन प्रशिक्षण शिविर में वांक तथा आसपास के क्षेत्रों के कुल 64 ग्रामीण युवक एवं युवतियों उत्साह पूर्वक प्रतिभाग किया। पूर्व सैनिक,अनंत नंदा फाउंडेशन के संस्थापक एवं निदेशक कलम बिष्ट ने बताया कि 14 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शास्त्र, शस्त्र और खेल विकास रखा गया था, इसके तहत हिमालयी युवक , युवतियों को उनके हुनर को पहचान कर उसमें निखार लाने के लिए एक मंच मुहैया करवाना है। बताया कि शिविर के दौरान प्रतिभागियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए रनिंग, साइकिलिंग, बॉक्सिंग, पर्वतारोहण, आत्मरक्षा सहित अन्य विषयों के आधुनिक गुर सिखाए गए। भारतीय सेना में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए अग्निवीर भर्ती को जानें वाले युवकों का विशेष मार्गदर्शन किया गया। बौद्धिक और सांस्कृतिक संवर्धन हेतु संगीत, नृत्य, गायन, चित्रकला,कंप्यूटर शिक्षा आदि का भी बुनियादी एवं व्यावहारिक ज्ञान दिया गया। बताया कि प्रशिक्षण प्रतिभाग कर रहे प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी जागरूक किया गया।
प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह के अवसर पर वांक गांव की ग्राम प्रधान राधा देवी ने आयोजन पर फाउंडेशन को बधाई देते हुए कहा कि इस शिविर से निश्चित ही युवा वर्ग को काफी अधिक लाभ मिलेगा। इस मौके पर कई अन्य ग्रामीणों ने भी विचार व्यक्त किए।











