

*वांण गांव से बड़ी जात एवं लोकजात यात्रा हुई जुदा, जुदाई देख मायूस हुए भक्त*
हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली/देवाल।
बधाण परगना की श्री राजराजेश्वरी नंदा देवी की लोकजात यात्रा गुरूवार को लाटू धाम वांण से निर्जन पड़ाव गैरोलीपातल पहुंची, जबकि श्री नंदादेवी बड़ी जात यात्रा पर निकली दशोली बण्ड़ व ज्वाल्पा देवी की डोलियां एवं बड़ी तादाद में यात्रा में चल रही छतोलियां, चौसिंगा खंडु गुरूवार को 14 वें पड़ाव वेदनी बुग्याल पहुंच गई हैं। लाटू धाम वांण में करीब 15 हजार से अधिक देवी भक्तों ने देव डोलियों, छंतोलियों व चौसिंगा खंडुओं के दर्शन कर पूजा अर्चना की।
बुधवार को दशोली, बण्ड़ व ज्वाल्पा देवी की डोलियां 12 वें पड़ाव कनोल से वांण गांव पहुंची जबकि बधाण की डोली 12 पड़ाव मंदोली से विदा हो कर वांण गांव पहुंची, यहां पर दशोली,बंड व ज्वाल्पा देवियों की डोलियों, छंतोलियों व चौसिंगा खंडुओं का बधाण की राजराजेश्वरी मां नंदा देवी की डोली से भावपूर्ण मिलन हुआ, देवियों के इस मिलन को देख मौजूद देवी भक्त भावविभोर हो उठें और उन्होंने जोरदार तरीके से नंदा -भगवती,लाटू देवता के जयकारों के साथ ही पुष्प वर्षा कर यात्राओं का भव्य स्वागत किया। थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, चमोली के जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री बलवीर घुनियाल,सीएम कोर्डिनेटर दलवीर दानू सहित तमाम जनप्रतिनिधि एवं राजनेताओं के अलावा चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, उपजिलाधिकारी थराली यशवीर सिंह, तहसीलदार अक्षय पंकज, थराली थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया सहित तमाम अधिकारी वांण गांव मे स्वागत एवं व्यवस्थाओं के लिए डटे । लाटू देवता मंदिर समिति वांण के अध्यक्ष कृष्णा बिष्ट, ग्राम प्रधान नंदुली बिष्ट, पूर्व जिपंस कृष्णा बिष्ट आदि के नेतृत्व में वांण के ग्रामीणों ने यात्राओं व यात्रियों का भव्य रूप से स्वागत किया। गुरुवार को दशोली,बण्ड़ व ज्वाल्पा की देव डोली,छतोलियां व चौसिंगा खंडु ने प्रातः करीब 8 बजें नंदा चौक वांण से बधाण की नंदा से विदाई ली और अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गई।एक तरह से श्री नंदादेवी बड़ी जात, श्री नंदादेवी लोकजात यात्रा से जुदा हो गई। इसके बाद बड़ी जात यात्रा लाटू मंदिर मंदिर वांण पहुंची जहां पर देवियों ने लाटू से भेंट करते हुए आगे प्रस्थान किया। यात्रा रणकाधार,नील गंगा, गैरोलीपातल के कठिन रास्ते को पार करते हुए 14 वें पड़ाव वेदनी बुग्याल पहुंची गई हैं यहां पर पहले से ही मौजूद भक्तों ने यात्रा का स्वागत किया। बड़ी जात समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत एवं मंदिर समिति कुरूड़ के अध्यक्ष सुखबीर सिंह रौतेला ने रणकाधार से बताया कि शुक्रवार को यात्रा 15 वें पड़ाव बगवाबासा पहुंचेगी। बताया कि बड़ी जात यात्रा को लेकर नंदा भक्तों में खासा उत्साह बना हुआ हैं। उन्होंने कहा कि माता की कृपा से बड़ी जात यात्रा निर्विघ्न रूप से सम्पन्न होगी। इसी तरह से करीब 11 बजें बधाण की नंदादेवी राजराजेश्वरी ने अपने 13 वें पड़ाव वांण से विदा ली और रणकाधार, नील गंगा होते हुए 14 वें पड़ाव गैरोलीपातल पहुंच गई हैं।राजराजेश्वरी मंदिर समिति एवं मेला समिति कुरूड़ के अध्यक्ष नरेश गौड़ व पूर्व अध्यक्ष मनशा राम गौड़ ने बताया कि शुक्रवार को बधाण की नंदादेवी की डोली प्रातः वेदनी बुग्याल पहुंचेगी, यहां पर वेदनी कुंड में तर्पण के साथ ही नंदा देवी मंदिर में जात (नंदा देवी की विशेष पूजा) के बाद यात्रा वापस सिद्धपीठ देवराड़ा के लिए लौट पड़ेगी। यात्रा वेदनी से लौट कर वापसी के पहले पड़ाव बांक पहुंचेगी।
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अपेक्षा से काफी अधिक संख्या में नंदा देवी भक्तों के वांण गांव पहुंच जाने से यात्रियों को रातभर रहने की व्यवस्थाओं के लिए यहां, वहां भटकना पड़ा। वांण के ग्रामीणों के तमाम प्रयासों के बावजूद भी वें यात्रा में पहुंचे सभी यात्रियों के रात्रि विश्राम की व्यवस्थाएं नहीं जुटा पाएं, मजबूरन सैकड़ों यात्रियों को अपने वाहनों अथवा देवी चौंक में चल रहे नंदा कौथिंग में सामिल हो कर रात गुजारनी पड़ी।जन यात्रियों को वांण गांव से आगे नही बढ़ना था वो शुक्रवार की तड़के वांण गांव से अपने गंतव्यों के लिए रवाना हो गए, जबकि हजारों यात्री आगे की यात्रा पर निकल पड़े हैं।
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थराली के विधायक भूपाल राम टम्टा ने वांण गांव में यात्रियों के लिए एक सार्वजनिक भंडारे का आयोजन किया था।इस भंडारे में बुधवार की रात एवं गुरूवार की सुबह हजारों यात्रियों ने नंदा के प्रसाद के रूप में भोजन दिया।इस दौरान स्वयंम विधायक भी वांण गांव में ही डटे रहे।











