देहरादून। वेद उनियाल विचार मंच द्वारा उत्तरांचल प्रेस क्लब देहरादून में उत्तराखंड के नव निर्माण की संभावनाओं को लेकर सेमिनार किया। सेमिनार की अध्यक्षता श्रीमती सुशीला बलूनी द्वारा की गई। मुख्य अतिथि डॉ डी0 एन0 भटकोटी व विशिष्ट अतिथियों मे वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत, धाद के संस्थापक लोकेश नवानी, जगदीश कुकरेती थे।
इस अवसर पर मंच के द्वारा ’चिकित्सा क्षेत्र में डॉ महेश कुड़ियाल, सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सामाजिक कार्यकर्ता विजय जुयाल, पर्यावरण संरक्षण के लिए मैती आंदोलन के जनक पदम कल्याण सिंह रावत व साहित्य के क्षेत्र मे डॉ अतुल शर्मा को मानपत्र व शाल उढाकार सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन सुनील ध्यानी ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षा कर रही श्रीमती सुशीला बलूनी ने कहाँ कि राज्य का स्वप्न जो देखा था, इन 21 वर्षों में वह सपने धरे के धरे रह गए, वेद उनियाल को याद करते हुए उन्होंने कहाँ कि वह जूनूनी शख्शियत के धनी थे, विलक्षण ज्ञान, एक रणनितिकार थे। मुख्य अतिथि डॉ डी एन भटकटी ने कहाँ कि एक नयी वैचारिक लड़ाई को धार देनी पडेगी। नौजवानों को तैयार करना होगा। वेद जैसे लोगों को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि विचार और वैचारिकता की ओर मजबूती के साथ आगे बढ़ाना होगा। लोकेश नवानी ने कहा कि इस समय राजनितिक प्रबंधन के लिए युवाओं व महिलाओं को वैचारिक रूप से मजबूत करना होगा।
राज्य में युवाओं को मानसिक रूप से सकारात्मक सोच को बढ़ाना होगा। राज्य के विकास के लिए क्षेत्रीयता राजनितिक प्रबंधन योजना कि शख्त जरुरत है। वेद उनियाल की सोच व विचार को आगे लाना होगा। सम्मलेन में जगदीश कुकरेती ने वेद उनियाल के संघर्षों एवं योगदान को बताया। अन्य वक्ताओं मे श्रीमती इंदु नौडियाल, श्रीमती उर्मिला शर्मा, ओमी उनियाल, श्रीमती बबिता अनंत आकाश, डी के पाल, जगमोहन नेगी, जब्बर सिंह पावेल, जगदीश चौहान, सतीश धौलाखंडी, मीनाक्षी घिल्डियाल ने विचार रखे।
इस अवसर पर स्व वेद उनियाल की धर्म पत्नी श्रीमती महेन्द्र कौर उनियाल को मंच के द्वारा अभिवादन किया गया। मुकेश पाठक, विपिन रावत, अनिल डोभाल, राजेंद्र गुसांईं, विजय प्रताप मल्ल, सुशील चमोली, मोहन रावत, प्रदीप कुकरेती, एन के गुसांईं, आशीष उनियाल, गणेश डंगवाल, संजय डोभाल, दिनेश सक्सेना, सचिन भट्ट, सुलोचना ईष्टवाल, मीनू थपलियाल, बीना नेगी, उत्तम रावत आदि उपस्थित रहे।










