डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
यमुनोत्री हाईवे पर चल रहे चौड़ीकरण कार्य की धीमी रफ्तार और लापरवाही के चलते आगामी चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. सड़क किनारे जगह-जगह पड़े मलबे के ढेर और सुरक्षात्मक इंतजामों की अनदेखी से मार्ग पर जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है. वहीं, पालीगाड़ से लेकर जानकीचट्टी तक यमुनोत्री हाईवे चौड़ीकरण कार्य लगातार मुसीबत का सबब बना हुआ है. चौड़ीकरण से हाईवे संकरा और ऊबड़ खाबड़ हो गया है. वहां आए दिन वाहन फंस रहे हैं. खासकर मालवाहक वाहन चढ़ाई पार करते हुए सड़क पर ही फंस रहे हैं, जिससे घंटों लंबा जाम लग रहा है.पालीगाड़ से जानकीचट्टी तक इन दिनों सड़क चौड़ीकरण कार्य जारी है, लेकिन निर्माण एजेंसी की ओर से अनियंत्रित कटिंग कार्य के मुकाबले सुरक्षा इंतजामों में ढिलाई बरती जा रही है. कई स्थानों पर सड़क पर मलबा और बोल्डर बिखरे पड़े हैं. जिससे दो वाहनों का एक साथ गुजरना मुश्किल हो रहा है और आए दिन जाम की स्थिति बन रही है. निर्माण कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपाय न होने से भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है जिससे मार्ग बाधित होने की आशंका बनी हुई है. वहीं, कई बार हाईवे पर मालवाहक गाड़ी फंस रही है. साथ ही जाम की स्थिति रही. ऐसे में मुसाफिरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. पालीगाड़ से लेकर जानकीचट्टी तक इन दिनों ऑल वेदर परियोजना के तहत हाईवे चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है.पिछले कई महीनों से चौड़ीकरण कार्य के कारण सड़क की स्थिति बदहाल बनी हुई है. 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा भी शुरू होने वाली है. सड़क की हालत न सुधरने पर यात्रा के दौरान दिक्कतें बढ़ सकती है. सिलाई बैंड के करीब आधा किमी हिस्से में आलम यह है कि चटख धूप में धूल और बारिश से कीचड़ के कारण आवागमन करने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा. स्थानीय निवासी का कहना है कि कई जगहों पर सड़क संकरा होने से वाहन फंस रहे हैं. स्थिति इतनी खराब है कि कई बार लोगों को वाहनों को पत्थरों और गुटखों के सहारे आगे बढ़ाना पड़ रहा. हाईवे के इस चढ़ाई वाले हिस्से में दुर्घटना की आशंका भी लगातार बनी हुई है. उन्होंने सड़क को समय पर दुरुस्त करने की मांग की है.कार्यदायी एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर का कहना है कि मौसम खराबी के कारण काम की गति प्रभावित हो रही है. फिर भी चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले हाईवे को दुरुस्त करने करने का प्रयास किया जा रहा है. यमुनोत्री धाम के कपाट आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. जिसको लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. यमुनोत्री धाम में जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है. भारी बर्फबारी और बारिश के चलते मार्ग पर जमा बर्फ, मलबा, गिरे पेड़ और ग्लेशियर आने से रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया था. मार्ग से ग्लेशियर और गिरे पेड़ों को काटकर रास्ता खोला जा रहा है. इस काम के लिए लोनिवि ने वहां पर मजदूरों की संख्या भी बढ़ा दी है. साथ ही जल्द मार्ग दुरुस्त करने की बात कही जा रही है.पिछले दिनों मंदिर समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि यमुनोत्री पैदल मार्ग को खोलने के लिए वहां पर काम धीमी गति से चल रहा है. इसके बाद पैदल मार्ग को खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग ने मजदूरों की संख्या बढ़ाकर युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया. लोक निर्माण विभाग के ईई के निर्देशन में टीम कटर मशीनों की मदद से मार्ग में गिरे पेड़ों, तनों और जड़ों को हटाने का कार्य कर रही है. साथ ही ग्लेशियर और मलबे को साफ कर रास्ता सुचारू किया जा रहा है. विभाग ने साफ किया है कि अभी भी कई स्थानों पर आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है. विभाग ने साफ किया है कि अभी भी कई स्थानों पर आवाजाही जोखिम भरी बनी है। मजदूर लगातार संवेदनशील जगहों पर सफाई और मरम्मत कार्य में जुटे हैं ताकि मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके। यहां आपदा के कारण पैदल मार्ग के साथ टिनशेड और रेलिंग को भी नुकसान पहुंचा था। फिलहाल इनकी मरम्मत का कार्य भी चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। आगामी चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की सुविधा की दृष्टि से सबसे पहले डेंजर प्वाइंट कृष्णाचट्टी, नारद चट्टी, जानकीचट्टी व रानाचट्टी आदि स्थानों पर कटिंग व सुरक्षात्मक कार्य किये जा रहे हैं। इससे यात्रा काल में तीर्थयात्रियों को डेंजर जोनों में असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं.












