देहरादून, (प्रियांशु सक्सेना)। देहरादून एयरपोर्ट पर सोमवार को हवाई अड्डा सलाहकार समिति की वार्षिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता हरिद्वार सांसद एवं एएसी अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की। बैठक में एयरपोर्ट के परिचालन, आधारभूत ढांचे के विकास, एयर कनेक्टिविटी, रनवे विस्तार और यात्री सुविधाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में रनवे विस्तार के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया गया। समिति को वर्तमान रनवे विन्यास के कारण उत्पन्न परिचालन एवं सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से अवगत कराया गया। बताया गया कि वर्तमान में रनवे पर एक दिशा से ही लैंडिंग और टेक-ऑफ की सुविधा होने के कारण, विशेषकर खराब मौसम में, विमानों के डायवर्जन और पायलटों को होने वाली कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आवश्यक भूमि उपलब्ध होते ही एएआई द्वारा रनवे विस्तार की कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी दी गई। सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जिला प्रशासन को भूमि अधिग्रहण से संबंधित आवश्यक कार्रवाई शीघ्र करने का सुझाव दिया। समिति को बताया गया कि एएआई द्वारा वर्तमान एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) अवसंरचना के स्थान पर आधुनिक तकनीक से युक्त नए एटीसी टावर के निर्माण की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही एएआई, बीसीएएस और डीजीसीए के कार्यालयों के लिए एकीकृत प्रशासनिक भवन बनाए जाने का प्रस्ताव भी योजना में शामिल है। बैठक में एयरपोर्ट परिसर में अंतरिम और स्थायी कार्गो सुविधाओं के विकास पर भी चर्चा की गई। इन सुविधाओं के माध्यम से क्षेत्र में एयर कार्गो और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विचार किया गया। बढ़ते यात्री आवागमन को देखते हुए एयरपोर्ट पर कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के लिए स्थायी पुलिस स्टेशन स्थापित करने तथा ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। इसके लिए समर्पित जनशक्ति स्वीकृत किए जाने का सुझाव दिया गया। एयरपोर्ट की अप्रोच रोड पर पर्याप्त और बेहतर साइनेज लगाने, मोबाइल कनेक्टिविटी में सुधार तथा यात्रियों के लिए नियमित बस सेवा उपलब्ध कराने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा एयरपोर्ट पर फूड एवं बेवरेज सुविधाओं को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। समिति को बताया गया कि नए मास्टर कंसेशनायर अनुबंध को आगामी अवधि में प्रदान किए जाने की संभावना है। बैठक में देहरादून एयरपोर्ट के निरंतर विकास, एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने, रनवे क्षमता के विस्तार, आधुनिक एयरपोर्ट अवसंरचना और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों के बीच समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया गया। बैठक में सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला, ईश्वर रौथान सहित अन्य अधिकारी एवं समिति के सदस्य मौजूद रहे।
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*चेन्नई, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी के लिए उड़ान शुरू करने पर जोर*
बैठक में एयर ट्रैफिक और नई हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। समिति को बताया गया कि वर्तमान में एयर ट्रैफिक में करीब 7-8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि घरेलू एयर ट्रैफिक की राष्ट्रीय औसत वृद्धि लगभग 10-12 प्रतिशत है। एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नए हवाई सेक्टर शुरू करने की आवश्यकता जताई गई। विशेष रूप से चेन्नई, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी जैसे शहरों के लिए उड़ानें शुरू करने पर चर्चा हुई। समिति ने इन सेक्टरों पर उड़ान संचालन के लिए एयरलाइंस को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) जैसी व्यवस्था की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया। बैठक में कहा गया कि नए हवाई गंतव्यों से उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष राजस्व और रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
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*अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संभावनाओं पर भी चर्चा*
देहरादून एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। एयरपोर्ट निदेशक भूपेश सीएच नेगी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन और इससे जुड़ी सुविधाओं के संबंध में नागर विमानन मंत्रालय के समक्ष विषय उठाया जाना आवश्यक है। सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रत्यक्ष अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के साथ-साथ कस्टम्स और इमिग्रेशन सुविधाओं से युक्त हब-एंड-स्पोक मॉडल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी की संभावनाएं तलाशने का सुझाव दिया।











