डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
चमोली जिले के प्रसिद्ध स्की स्थल औली में इसका आयोजन होने जा रहा है।
मौसम की मेहरबानी रही तो उम्मीदों को भी पंख लगने लगे। लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार उत्तराखंड के चमोली जिले के औली में प्रस्तावित नेशनल विंटर गेम्स की तारीखों का ऐलान होने के साथ ही तैयारियों को फाइनल टच भी दिया जा रहा है। पर्यटन विभाग, गढ़वाल मंडल विकास निगम व उत्तराखंड विंटर गेम्स एसोसिएशन के बीच सफल आयोजन को लेकर बैठकों का दौर जारी है। आयोजन 13 से 15 फरवरी के बीच होंगे। इसके लिए देशभर से 12 फरवरी को टीमें औली पहुंचेंगी और 13 से 15 तक आयोजन होंगे और 16 फरवरी को टीमों की वापसी होगी।उत्तराखंड में इस बार बेहतर बर्फबारी होने के कारण करीब 4 वर्ष बाद ये विंटर गेम्स आयोजित हो रहे हैं। ये आयोजन न केवल उत्तराखंड के विंटर प्लेयर्स को एक मंच देगा। बल्कि, इस आयोजन से विंटर टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। खुद सीएम पुष्कर सिंह धामी की ओर से इस नेशनल लेवल चैंपियनशिप में शिरकत करने की सहमति मिल चुकी है। इसके अलावा इसको लेकर इन्विटेशन भेजने का क्रम जारी है। वहीं, ट्रॉफी, मेडल्स भी बनकर तैयार हो चुके हैं। हालांकि, उनका कहना है कि इस आयोजन के लिए उनके पास काफी कम समय मिला। लेकिन, इसके बावजूद भी तैयारियां पूरी जोरों पर हैं। जिसके लिए राज्य सरकार की ओर से भी पूरा सहयोग दिया जा रहा है।विंटर गेम्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के मुताबिक औली के साथ ही उत्तरकाशी दयारा बुग्याल व मुनस्यारी में भी विंटर गेम्स की संभावनाएं बन रही है। इसके लिए पर्यटन विभाग से लगातार संवाद जारी है। उम्मीद की आने वाले समय में इन दोनों स्थानों पर भी विंटर गेम्स की शुरुआत कर दी जाएगी। जबकि, दून जिले के चकराता स्थित मुंडाली में भी ऐसी ही संभावनाएं हैं। जिस पर सहमति बननी बाकी है। कारण, ये ऐसा स्थान है, जो नॉर्थ फेसिंग है और बर्फ काफी देर तक रहती है।उत्तराखंड के औली में स्कीइंग विंटर कार्निवल की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। सीएम के निर्देश पर आयोजन की तैयारियों को बेहतर किया जा रहा है। प्रदेश को विश्व स्तर पर प्रमुख शीतकालीन पर्यटन और विंटर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में ‘ औली स्कीइंग विंटर कार्निवल एवं राष्ट्रीय शीतकालीन खेल प्रतियोगिता-चैंपियनशिप 2026’ का आयोजन 13 से 16 फरवरी 2026 तक होगा। खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 का लोगो शीतकालीन खेलों की ऊर्जा, लचीलेपन और राष्ट्रीय भावना को दर्शाता है, और भारत के बढ़ते शीतकालीन खेल पारिस्थितिकी तंत्र के सितारों के रूप में एथलीटों का जश्न मनाता है खेलो इंडिया योजना के तहत, खेलो इंडिया यूथ गेम्स, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और खेलो इंडिया विंटर गेम्स जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई हैं और प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें विश्व स्तरीय अनुभव प्रदान करने में बेहद सफल रही हैं। अब तक खेलो इंडिया यूथ गेम्स के 9 संस्करण, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के 6 संस्करण, विंटर गेम्स के 5 संस्करण, खेलो इंडिया पैरा गेम्स के 2 संस्करण और खेलो इंडिया बीच गेम्स का 1 संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है।खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 का छठा संस्करण लेह और गुलमर्ग में आयोजित किया जा रहा है। विंटर गेम्स 2026 का पहला चरण, जिसमें दो आइस स्पोर्ट्स (आइस हॉकी और आइस स्केटिंग) शामिल हैं, 20 जनवरी 2026 से लेह में आयोजित किया जा रहा है। लेह, लद्दाख के लिए आयोजन स्थल एनडीएस स्टेडियम, गुफुक पॉन्ड और एलएसआरसी आर्मी रिंक हैं। विंटर गेम्स 2026 का दूसरा चरण, जिसमें चार स्नो स्पोर्ट्स (स्की माउंटेनियरिंग, अल्पाइन स्कीइंग, स्नोबोर्ड और नॉर्डिक स्कीइंग) शामिल हैं, जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में आयोजित किया जा रहा है। इसके आयोजन स्थल कांगदूरी फेज 1 और गोल्फ कोर्स क्लब हैं।इन खेलों में 700 से अधिक एथलीट, 141 सहायक कर्मचारी, 113 तकनीकी अधिकारी, 250 से अधिक स्वयंसेवक और खेल विशिष्ट स्वयंसेवक सहित 1200 से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे और कुल 136 पदक दांव पर होंगे।उद्घाटन समारोह सहित खेलों का सीधा प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स के कई प्लेटफार्मों पर किया जाएगा। सर्दियों में देश-विदेश के पर्यटक औली में शीतकालीन गतिविधियों का लुत्फ लेने आते हैं। पूर्व में यहां कई राष्ट्रीय स्तर के विंटर गेम्स हो चुके है लेकिन इस बार 38 वें राष्ट्रीय खेलों में भी शीतकालीन खेलों को शामिल किया जा रहा है। इसके तहत यहां स्नो बोर्ड, स्की माउंटेनियरिंग, अल्पाइन, नाडिंग जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इससे स्थानीय खिलाड़ियों को मंच मिलने के साथ ही क्षेत्र में शीतकालीन पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस आयोजन में स्थानीय कलाकारों द्वारा गढ़वाली और कुमाऊनी लोक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। 2,500 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर स्थित औली में पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शीतकालीन खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होचुकीहैं।लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं












