डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
टिहरी झील से लगातार हो रहे कटाव का असर एक बार फिर चिन्यालीसौड़ क्षेत्र में दिखने लगा है। झील के किनारे सुरक्षा के लिए करीब चार वर्ष पहले बनाई गई गेविंग दीवार भू-धंसाव के चलते गंगोत्री हाईवे की ओर लगभग तीन मीटर झुक गई है। दीवार के झुकने से हाईवे और जोगत-देवीसौड़ मोटर मार्ग पर चौड़ी दरारें उभर आई हैं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष ने बताया कि टिहरी झील बनने के बाद से ही चिन्यालीसौड़ और आसपास के क्षेत्रों में भू-कटाव की समस्या बनी हुई है। मुख्य बाजार, गंगोत्री हाईवे और आवासीय भवन लंबे समय से खतरे की जद में हैं। स्थानीय लोगों की मांग पर टीएचडीसी ने मुख्य बाजार के पास झील से हाईवे तक करीब 30 मीटर ऊंची सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया था।करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से बनी यह दीवार गुणवत्ता और निगरानी की कमी के कारण अब खतरे का कारण बनती दिख रही है। झील की ओर से हो रहे कटाव के चलते दीवार ऊपर से लगभग तीन मीटर तक झुक चुकी है। हाईवे किनारे लगा एक बिजली का पोल अब झुकी हुई दीवार पर टिका दिखाई दे रहा है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।दीवार के झुकने से आसपास के क्षेत्र में गहरी दरारें पड़ गई हैं। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में बाजार और आवासीय भवनों पर भू-धंसाव का खतरा फिर से मंडराने लगा है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। एक ओर टिहरी झील से हो रहा लगातार कटाव और दूसरी ओर निर्माण कार्यों के दौरान की जा रही कथित ब्लास्टिंग—इन दोनों कारणों से चिन्यालीसौड़ और भटवाड़ी क्षेत्र के लोग असुरक्षा की भावना में जी रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि सुरक्षा दीवार की तत्काल तकनीकी जांच कर उसे मजबूत किया जाए और निर्माण कार्यों की सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले ही हालात को संभाला जा सके। लेकिन निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी में कमी के कारण अब यह दीवार ऊपर से लगभग तीन मीटर तक झुक गई है। हाईवे पर लगा एक विद्युत पोल इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जो अब सड़क से हटकर झुकी हुई दीवार की ओर झूलता दिखाई दे रहा है। दीवार के झुकने से गंगोत्री हाईवे और आसपास की सड़कों पर मोटी दरारें पड़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक कोई ठोस सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। लेकिन निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी में कमी के कारण अब यह दीवार ऊपर से लगभग तीन मीटर तक झुक गई है। हाईवे पर लगा एक विद्युत पोल इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जो अब सड़क से हटकर झुकी हुई दीवार की ओर झूलता दिखाई दे रहा है। दीवार के झुकने से गंगोत्री हाईवे और आसपास की सड़कों पर मोटी दरारें पड़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक कोई ठोस सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है।लेखक वर्तमान में दून विश्वविद्यालय कार्यरत हैं।












