• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

देहरादून से दुबई के लिए 1.2 मीट्रिक टन गढ़वाली सेब (किंग रोट) की पहली परीक्षण खेप रवाना

भारत सरकार के वाणिज्य सचिव श्री सुनील बर्थवाल ने सेब की खेप को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

21/08/25
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
22
SHARES
28
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
https://uttarakhandsamachar.com/wp-content/uploads/2025/11/Video-60-sec-UKRajat-jayanti.mp4

 

-कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से उत्तराखंड के किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने की पहल

-एपीडा शीघ्र ही देहरादून में अपना क्षेत्रीय कार्यालय भी खोलेगा

-निर्यात में सेब के साथ बासमती, मोटे अनाज, शहद, फल व सब्जियों पर भी रहेगा फोकस

 

देहरादून : वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के सचिव श्री सुनील बर्थवाल ने गुरुवार को देहरादून से दुबई के लिए 1.2 मीट्रिक टन गढ़वाली सेब (किंग रोट किस्म) की पहली परीक्षण खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह परीक्षण खेप कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से संभव हो पाई, जो भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत है। यह पहल उत्तराखंड से कृषि निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

दुबई के लिए गढ़वाली सेब की यह पहली खेप एक आशाजनक यात्रा की शुरुआत है। इस परीक्षण से प्राप्त अनुभव शीत श्रृंखला प्रबंधन, फसल-उपरांत संचालन तथा लॉजिस्टिक ढांचे को और बेहतर बनाने में मदद करेंगे। एपीडा और उत्तराखंड सरकार के संयुक्त प्रयासों से अधिक किसानों के समूह लाभान्वित होंगे तथा आने वाले वर्षों में निर्यात गंतव्य दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप तक भी विस्तारित किए जाने की संभावना है।

हितधारकों से बातचीत के दौरान वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के वाणिज्य सचिव श्री सुनील बर्थवाल ने भारत की कृषि-निर्यात टोकरी में विविधता लाने तथा गढ़वाली सेब जैसे विशिष्ट, क्षेत्रीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं तक पहुँचाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने एपीडा, उत्तराखंड सरकार, निर्यातकों और किसान समूहों के समन्वित प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने इस ऐतिहासिक निर्यात को संभव बनाया।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए जैविक खेती एवं जैविक निर्यात को बढ़ावा देने, कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्द्धन करने और विकसित एवं उच्च मूल्य वाले बाजारों में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। उन्होंने उत्तराखंड से बासमती चावल, मोटे अनाज, राजमा, मसाले, सुगंधित पौधे, शहद, सेब, कीवी, आम, लीची, आड़ू तथा सेम, मटर, करेला, आलू आदि सब्जियों जैसे उत्पादों के निर्यात में भारी संभावनाओं की ओर संकेत किया। साथ ही एपीडा को राज्य में शीघ्र कार्यालय खोलने का निर्देश दिया और सभी हितधारकों से वैश्विक कृषि निर्यात में उत्तराखंड की भागीदारी बढ़ाने के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।

यह खेप उत्तराखंड की कृषि-निर्यात प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए एपीडा के व्यापक रोडमैप का हिस्सा है। आगे चलकर प्राधिकरण का ध्यान राज्य के बाजरे, मोटे अनाज, जैविक उत्पादों, दलहनों, खट्टे फलों, कीवी, जड़ी-बूटियों और औषधीय पौधों के निर्यात को बढ़ावा देने पर होगा। किसानों और निर्यातकों को निकटतम सहयोग प्रदान करने हेतु एपीडा शीघ्र ही देहरादून में एक क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करेगा।

एपीडा उत्तराखंड-विशिष्ट उत्पादों की वैश्विक पहचान, अनुरेखण और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए जैविक प्रमाणन और जीआई टैगिंग की सुविधा भी उपलब्ध करा रहा है। क्षेत्रीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खुदरा श्रृंखलाओं में निर्यात परीक्षण हेतु लुलु समूह के साथ एक समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित किया गया है।

निर्यात संवर्द्धन के साथ-साथ एपीडा देहरादून स्थित सेंटर फॉर एरोमैटिक प्लांट्स के सहयोग से वृक्षारोपण अभियान भी चला रहा है। एक पायलट परियोजना के तहत पौड़ी जिले में 2,200 तिमरू के पौधे लगाए गए हैं, जिससे सतत खेती को प्रोत्साहन मिलेगा और भविष्य में निर्यात की संभावनाएँ भी बढ़ेंगी।

वित्त वर्ष 2024–25 के दौरान, पूरे भारत से एपीडा-निर्धारित उत्पादों का निर्यात ₹2,43,004.89 करोड़ रहा, जिसमें उत्तराखंड का योगदान ₹201 करोड़ का रहा। अब तक राज्य से मुख्य रूप से गुड़, कन्फेक्शनरी और ग्वारगम का निर्यात किया गया है। हालांकि, एपीडा ताजे फलों, मोटे अनाज और जैविक उत्पादों जैसे नए क्षेत्रों में तेजी से विविधीकरण कर रहा है।

उत्तराखंड सरकार और हितधारकों की लगातार माँग को पूरा करते हुए एपीडा राज्य की राजधानी देहरादून में अपना कार्यालय शीघ्र ही उपसक भवन, आईटी पार्क के पास सहस्रधारा रोड पर खोलेगा।

“देवभूमि” उत्तराखंड विविध कृषि-जलवायु परिस्थितियों और उपजाऊ मिट्टी से संपन्न है, जो उच्च गुणवत्ता वाली बागवानी फसलों की खेती के लिए उपयुक्त है। पौड़ी गढ़वाल की पहाड़ियों में उगने वाले सेब, विशेष रूप से किंग रोट किस्म, अपने कुरकुरेपन, स्वाद और प्राकृतिक मिठास के लिए प्रसिद्ध हैं। इसके बावजूद, बागवानों को अक्सर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचने में आधारभूत ढाँचे, संपर्क और फसल-उपरांत प्रबंधन की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

इस कमी को ध्यान में रखते हुए एपीडा राज्य सरकार, निर्यातकों और किसान समूहों के साथ मिलकर सतत निर्यात मार्ग विकसित कर रहा है। प्राधिकरण ने किसानों को गुड एग्रीकल्चरल प्रैक्टिस (GAPs), अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों और फसल-उपरांत प्रबंधन तकनीकों पर प्रशिक्षित किया है। तकनीकी सहयोग से किसानों में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की कड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने का आत्मविश्वास आया है।

यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल पौड़ी गढ़वाल के सेब उत्पादकों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि उत्तराखंड को भारत की कृषि-निर्यात टोकरी का एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।

इस अवसर पर एपीडा के अध्यक्ष श्री अभिषेक देव, उत्तराखंड सरकार की अपर सचिव सुश्री झरना कमठान, सेंटर फॉर एरोमैटिक प्लांट्स के निदेशक डॉ. नृपेंद्र चौहान सहित एपीडा एवं उत्तराखंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और किसानों का सहयोग करने तथा राज्य के उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रोत्साहित करने की सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराया।

Share9SendTweet6
Previous Post

10 साल में 18000 से अधिक प्राकृतिक आपदा

Next Post

दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर (DLRC) एवं SPECS द्वारा संयुक्त रूप से व्याख्यान का आयोजन

Related Posts

उत्तराखंड

रेत, बजरी और पत्थरों की अंधाधुंध लूट ने इन नदियों को भीतर से खोखला कर दिया है

January 20, 2026
8
उत्तराखंड

महाशिवरात्रि के पर्व पर आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सांस्कृतिक एवं पर्यटन मेला देवाल कौथिग की तैयारियां जारी

January 20, 2026
117
उत्तराखंड

किसानों की डिजिटल आईडी फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने के लिए राजस्व एवं कृषि विभागों ने शिविर का आयोजन किया

January 20, 2026
77
उत्तराखंड

कलम सिंह बिष्ट के नाम एक खिताब और, उन्हें भारतीय सेना प्रमुख विशेष सम्मान से नवाजेंगे

January 20, 2026
56
उत्तराखंड

एशिया की सबसे कठिन यात्रा नंदा राजजात

January 20, 2026
11
उत्तराखंड

लच्छीवाला टोल प्लाजा पर शुरू नहीं हो सकी ई-डिटेक्शन प्रणाली

January 20, 2026
10

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67590 shares
    Share 27036 Tweet 16898
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45769 shares
    Share 18308 Tweet 11442
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38040 shares
    Share 15216 Tweet 9510
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37430 shares
    Share 14972 Tweet 9358
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37312 shares
    Share 14925 Tweet 9328

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

रेत, बजरी और पत्थरों की अंधाधुंध लूट ने इन नदियों को भीतर से खोखला कर दिया है

January 20, 2026

महाशिवरात्रि के पर्व पर आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सांस्कृतिक एवं पर्यटन मेला देवाल कौथिग की तैयारियां जारी

January 20, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.