डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। देहरादून–हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित लच्छीवाला टोल प्लाजा पर सोमवार से लागू की जाने वाली ई-डिटेक्शन प्रणाली फिलहाल शुरू नहीं हो सकी है। इस संबंध में अब तक टोल प्लाजा प्रबंधन को कोई आधिकारिक दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। हालांकि, इस प्रणाली के लागू होने की सूचना के प्रसार से वाहन चालकों में असमंजस की स्थिति बनी रही।
सूत्रों के अनुसार, उत्तराखंड में बिना वैध दस्तावेजों के वाहनों की पहचान के लिए परिवहन विभाग द्वारा ई-डिटेक्शन प्रणाली लागू करने की तैयारी की जा रही है। इस प्रणाली के तहत टोल पार करते समय फास्टैग और स्मार्ट कैमरों के माध्यम से वाहन का पंजीकरण नंबर स्कैन किया जाएगा।
इसके बाद ऑनलाइन डेटाबेस से वाहन के परमिट, बीमा, फिटनेस और प्रदूषण प्रमाण पत्र की जांच की जाएगी। दस्तावेज अधूरे या अमान्य पाए जाने पर वाहन स्वामी को ऑनलाइन माध्यम से ई-चालान भेजे जाने की व्यवस्था प्रस्तावित है। सोमवार से इस प्रणाली के लागू होने की जानकारी विभिन्न माध्यमों से लोगों तक पहुंची थी।
इसके चलते कई वाहन चालक यह मानकर टोल प्लाजा पहुंचे कि यहां दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच शुरू हो चुकी है, लेकिन मौके पर व्यवस्था लागू न मिलने से भ्रम की स्थिति बनी रही। वहीं, कई वाहन चालकों ने संभावित कार्रवाई से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों अथवा अन्य विकल्पों का सहारा भी लिया।
इस संबंध में लच्छीवाला टोल प्लाजा के असिस्टेंट मैनेजर मनीष नेगी ने बताया कि ई-डिटेक्शन प्रणाली को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से अब तक कोई आधिकारिक निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली की जानकारी उन्हें भी समाचार माध्यमों के जरिए ही मिली है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही एनएचएआई अथवा संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। फिलहाल लच्छीवाला टोल प्लाजा पर वाहनों की आवाजाही और टोल वसूली पूर्व की व्यवस्था के अनुसार ही की जा रही है।











