हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) चमोली के द्वारा ‘शिक्षा के क्षेत्र में ‘जिला चमोली के बढ़ते कदम’ शीर्षक से विशेष श्रृंखला संचालित की जा रही है। इसके तहत पिंडर घाटी के तीनों विकासखंडों में 31 विद्यालयों का चयन किया गया हैं।
चमोली के मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत के आदेश पर जिले के ऐसे विद्यालयों को चिन्हित किया जा रहा है, जो शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, बेहतर शैक्षिक परिणाम, विज्ञान, खेल, प्रतियोगी परीक्षाओं, भौतिक एवं अकादमिक संसाधनों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। इस श्रृंखला के अंतर्गत जिले के कुल 100 विद्यालयों का चयन किया गया है।कार्यक्रम के पहले चरण में प्रत्येक विकासखंड से 10 विद्यालयों को शामिल किया जा रहा है। इसमें राजकीय प्राथमिक विद्यालय, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों व राजकीय इंटर कॉलेजों को शामिल किया गया हैं। चयन के तहत विकासखंड देवाल के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय ल्वाणी, आदर्श विद्यालय देवाल, प्राथमिक विद्यालय सवाड़ तल्ला, प्राथमिक विद्यालय उलंग्रा, प्राथमिक विद्यालय बेराधार, प्राथमिक विद्यालय तलोर, प्राथमिक विद्यालय मुंदोली, राजकीय जूनियर हाईस्कूल बांक, राइका वांण राइका मुंदोली को शामिल किया गया है। विकासखंड थराली के अंतर्गत राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय डूंगरी, प्राथमिक विद्यालय भैरगढ़, प्राथमिक विद्यालय गेरूड़, प्राथमिक विद्यालय गुड़म स्टेट,आदर्श प्राथमिक विद्यालय थराली, जूनियर हाईस्कूल गूमड़, उच्च माध्यमिक विद्यालय सुनाऊँ, अउ इंटर कॉलेज तलवाड़ी तथा आदर्श इंटर कॉलेज थराली को चुना गया हैं।
विकासखंड नारायणबगड़ में राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय चोपता, कन्या जूनियर हाईस्कूल चोपता, प्राथमिक विद्यालय डडुवागाड़, प्राथमिक विद्यालय असेड़, प्राथमिक विद्यालय मींग, आदर्श प्राथमिक विद्यालय नारायणबगड़, प्राथमिक विद्यालय किमोली, पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय सणकोट, इंटर कॉलेज नारायणबगड़, इंटर कॉलेज रैंस चोपता तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय देवीधार किमोली को उनके बेहतर कार्यों के लिए कार्यक्रम में शामिल किया गया है।कार्यक्रम समन्वयक डॉ. कमलेश कुमार मिश्र ने उक्त जानकारी बताते हुए कहा कि इस श्रृंखला का उद्देश्य केवल विद्यालयों की उपलब्धियों को प्रचारित करना नहीं, बल्कि उनके अच्छे कार्यों, नवाचारों और प्रभावी शैक्षिक प्रयासों को जनपद के अन्य विद्यालयों तक पहुंचाना है, ताकि विद्यालय एक-दूसरे के बेहतर प्रयासों से सीख सकें। मिश्रा ने बताया कि जिले में विभिन्न विद्यालयों में अनेक शिक्षक सीमित संसाधनों के बीच भी उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। इन प्रयासों को पहचान और मंच देने से विद्यालयों का मनोबल बढ़ेगा तथा अन्य विद्यालय भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे बताया कि अक्टूबर माह में दशोली, पोखरी और कर्णप्रयाग विकासखंडों को एवं उसके बाद छूटे अन्य विकास खंड़ा का भी चयन किया जाएगा।











