डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। डोईवाला तहसील क्षेत्र अंतर्गत माजरी ग्रांट के फतेहपुर टांडा गांव स्थित मेसर्स बालाजी एसोसिएट स्टोन क्रशर को दोबारा शुरू कराने की कोशिशों पर निदेशालय ने रोक लगा दी है। ग्रामीणों और किसानों की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों और जांच रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए निदेशालय ने क्रशर को बंद रखने और पूरे मामले की पुनः जांच के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि नदी क्षेत्र से संबंधित मानकों के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई के बाद क्रशर को दोबारा संचालित कराने के लिए पिछले कुछ दिनों से तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर फतेहपुर टांडा के ग्रामीणों, किसानों और महिलाओं में रोष फैल गया।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में ग्रामीणों और किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने निदेशालय पहुंचकर निदेशक (लेखा) राजपाल लेखा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने स्टोन क्रशर से संबंधित विभागीय जांच रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए। ग्रामीणों ने नदी से क्रशर की दूरी से संबंधित मानकों और मौके की स्थिति के संबंध में साक्ष्य भी अधिकारियों के समक्ष रखे।
ग्रामीणों के अनुसार, तत्कालीन जिलाधिकारी सविन बंसल की ओर से कराई गई विस्तृत जांच और क्रशर को स्थायी रूप से बंद किए जाने के अनुमोदन से संबंधित रिपोर्ट भी निदेशालय को सौंपी गई। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि पूर्व में हुई जांच और मौके की वास्तविक स्थिति के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाए।
निदेशक (लेखा) राजपाल लेखा ने मामले का संज्ञान लेते हुए ग्रामवासियों को आश्वस्त किया कि जांच पूरी होने तक स्टोन क्रशर को दोबारा संचालित नहीं किया जाएगा। उन्होंने तत्काल सचिवालय को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण और प्लांट की पुनः गहन जांच के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि अग्रिम जांच और विधिक कार्रवाई पूरी होने तक स्टोन क्रशर पूर्ण रूप से बंद रहेगा।
प्रस्तुत दस्तावेजों और ग्रामीणों की शिकायत का संज्ञान लेते हुए निदेशालय ने मामले की पुनः गहन जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही अग्रिम जांच और विधिक कार्रवाई पूरी होने तक स्टोन क्रशर को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। इस दौरान किसान नेता हरेंद्र बलियान, कांग्रेस नेता अश्वनी बहुगुणा, जागीर सिंह, महेंद्र सिंह, जरनैल सिंह, परमजीत सिंह, अजीत सिंह, अंकित आदि मौजूद रहे।











