डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। शहीद दुर्गा मल्ल पीजी कॉलेज, डोईवाला में गढ़भोज दिवस-2026 के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान व्याख्यान, निबंध प्रतियोगिता और पारंपरिक व्यंजन प्रतियोगिता के माध्यम से उत्तराखंड के पारंपरिक खानपान, स्थानीय फसलों और उनकी पोषण संबंधी महत्ता पर प्रकाश डाला गया।
उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार महाविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग की ओर से 7 से 9 अक्टूबर तक गढ़भोज दिवस मनाया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन तैयार किए। इनमें उड़द की दाल के पकौड़े, गुलगुले, अरसे, झंगोरे की खीर, फाणु, मंडुवे की रोटी, अरबी के पत्युड़ और आलू की थिचवानी सहित अन्य स्थानीय व्यंजन शामिल रहे।
गृह विज्ञान विभाग की प्राध्यापक डॉ. पुष्पा कुमारी और डॉ. संगीता सिदोला ने छात्राओं को उत्तराखंड के पारंपरिक भोजन और स्थानीय फसलों की महत्ता के बारे में जानकारी दी। महाविद्यालय के प्राचार्य डीपी भट्ट ने पारंपरिक भोजन की वर्तमान समय में उपयोगिता और उसके पोषण मूल्य पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को अपनी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रेरित किया।
पारंपरिक व्यंजन प्रतियोगिता में बीए प्रथम सेमेस्टर की अनामिका ने खीर बनाने के लिए प्रथम, अंकिता चौधरी ने दाल के पकौड़े बनाने के लिए द्वितीय और परमजीत कौर ने अरबी के पत्युड़ बनाने के लिए तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, निबंध प्रतियोगिता में बीए पंचम सेमेस्टर की रीना प्रथम, बीए तृतीय सेमेस्टर की ज्योति द्वितीय और बीए पंचम सेमेस्टर की हिमांशी तृतीय स्थान पर रहीं।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. नवीन कुमार नैथानी, डॉ. पंकज पांडे, डॉ. कंचन सिंह, डॉ. अंजली वर्मा, डॉ. पल्लवी मिश्रा, डॉ. पार्वती, डॉ. वंदना गौड़, डॉ. पुष्पा नेगी और रजनी सहित अन्य मौजूद रहे।














