हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली।अब जबकि नंदादेवी जात यात्रा 2026 सम्पन्न हो गई हैं, तों अब बीआरओ को हस्तांतरित की जानें वाली बहुप्रतीक्षित ग्वालदम-नंदकेशरी-देवाल-तपोवन मोटर सड़क को राज्य सरकार बीआरओ को हस्तांतरित करने की पहल शुरू करेगी,सभी की नजरें यात्रा समाप्ति के बाद इस पर टिक गई हैं।
दरसअल रक्षा मंत्रालय भारत सरकार ने भारत-तिब्बत सीमा की चौकसी को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से ग्वालदम-नंदकेशरी-वांण-देवाल-तपोवन मोटर सड़क का निर्माण करवाने के लिए स्वीकृत प्रदान की थी। सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण जनरल स्टाफ सड़क के नाम से रक्षा मंत्रालय ने 99.200 किलोमीटर लंबी सड़क की 7 अक्टूबर 2024 को स्वीकृति देते हुए इसके निर्माण एवं रखरखाव की जिम्मेदारी बीआरओ को सौंपी गई। राज्य मार्ग संख्या 91 ग्वालदम-नंदकेशरी 18 किलोमीटर एवं थराली -नंदकेशरी-देवाल-वांण राज्य मार्ग संख्या 90 के नंदकेशरी से वांण तक करीब 42 किलोमीटर कुल करीब 70 किलोमीटर जोकि वर्तमान में लोनिवि थराली के देख-रेख में हैं, इन मार्गो का लोनिवि से हस्तांतरण बीआरओ को होना था। इसके साथ ही वांण से तपोवन (ज्योतिर्मठ) तक 29.200 किलोमीटर सड़क का बीआरओ को नवनिर्माण किया जाना हैं। बताया जा रहा हैं,कि रक्षा मंत्रालय ने स्वीकृति के बाद बीआरओ को बकायदा टोकन मनी के रूप में धनराशि भी जारी कर दी गई थी, स्वीकृति मिलने के बाद बीआरओ ने इस महत्वपूर्ण सड़क पर निर्माण एवं रखरखाव के लिए अपनी गतिविधियां तेज कर दी थी, परंतु 2025 में राज्य सरकार ने 2026 में प्रस्तावित श्री नंदादेवी राजजात यात्रा का हवाला देते हुए नंदा यात्रा सम्पन्न होने तक ग्वालदम-नंदकेशरी एवं नंदकेशरी-वांण मोटर सड़क को लोनिवि थराली के पास यथावत रखने का अनुरोध रक्षा मंत्रालय से किया था, राज्य सरकार के अनुरोध पर रक्षा मंत्रालय ने प्रस्तावित राजजात 2026 की यात्रा संपन्न होने तक सड़क को लोनिवि के पास यथावत रखने की बात को मान लिया, रक्षा मंत्रालय के द्वारा सड़क को यथावत रखने की सहमति के बाद बीआरओ ने भी इस सड़क पर अपनी गतिविधियां लगभग बंद कर दी। सड़क को लोनिवि के पास यथावत रखने का पिंडर सहित लाभान्वित होने वाले अन्य क्षेत्रों में कड़ा विरोध शुरू हो गया। इस विरोध को देखते हुए 7 दिसंबर 2025 को देवाल ब्लाक के अंतर्गत सैनिक बाहुल्य गांव सवाड़ में आयोजित “अमर शहीद सैनिक मेले” में बतौर मुख्य अतिथि सामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेला मंच से घोषणा की थी कि राजजात 2026 के संपन्न होने के तुरंत बाद ग्वालदम-तपोवन सड़क को बीआरओ को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। किंतु 2026 में श्री नंदादेवी राजजात यात्रा का आयोजन तों नही हो सका हैं,उस यात्रा के स्थान पर श्री नंदादेवी बड़ी जात यात्रा संपन्न हो चुकी हैं। किंतु एक बड़ा प्रश्न उभर रहा है कि जब राजजात यात्रा 2026 में संपन्न नही हो पाई और इस यात्रा को 2027 के लिए प्रस्तावित कर दिया गया हैं,ऐसी स्थिति में आने वाले महीनों में ग्वालदम-तपोवन सड़क को बीआरओ को सौंपा जाएगा या नही,यह प्रश्न क्षेत्र में चर्चा का विषय बनने लगा हैं।










