हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली। लगता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में रात्रि कालीन आपातकालीन सेवा में चिकित्सकीय स्टाफ के बजाएं कुत्ते सेवाएं दे रहे हैं। सोशल मीडिया में तेजी के साथ सीएसी थराली को लेकर जारी वीडियो को देखकर कुछ यही प्रतीत हों रहा हैं।वीडियो में पुरूष स्टाफ कक्ष में कर्मचारी के बजाय एक कुत्ता बेड पर लेटा हुआ दिख रहा हैं, किंतु यहां पर कोई कर्मचारी दिख नही रहा हैं।तेजी के साथ प्रसारित हो रहे वीडियो की अभी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी हैं कि, आखिरकार इस वीडियो को किसने बनाया हैं। क्या वास्तव में इस सीएचसी में रात को इंसानों के बजाय कुत्ते चौकीदारी करते हैं।
दरसअल शनिवार की अलसुबह से ही तेजी के साथ एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा हैं। जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली के पुरूष स्टाफ कक्ष में कर्मचारी तों मौजूद नही है, किंतु यहां पर बेड पर एक कुत्ता आराम से लेटा हुआ दिखाई दे रहा हैं। इस वीडियो में एक व्यक्ति कहता हुआ सुनाई दे रहा हैं कि शनिवार की तड़के करीब 3.30 बजें वें लोग अपनी किसी गंभीर बिमार चाची को लेकर सीएचसी थराली उपचार के लिए लाएं हुए हैं। किंतु का अस्पताल के कई कक्ष खुलें हुए हैं, किंतु चिकित्सालय का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी नही दिखाई पड़ रहे हैं।लोग वीडियो में आवाजें मारते हुए सुनाई दे रहें हैं। किंतु दूसरी ओर से कोई भी प्रतिक्रिया सामने नही आ रही हैं। वीडियो में पुरूष स्टाफ कक्ष के बंद दरवाजे को लोगों ने घकेल कर खोला तो रूम के कमरे में कर्मचारी तों नही मिला यहां पर बेड में एक कुत्ता आराम से लेटा हुआ दिखाई दें रहा हैं। वीडियो में इस चिकित्सालय एवं यहां की खस्ताहाल व्यवस्थाओं को कोसते हुए महिला को उपचार के लिए उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग ले जाने की बात कहते हुए लोग सुनाई दे रहें हैं। वीडियो कितनी अधिक सत्य है और कब की बनी हुई हैं,यह एक बड़े जांच का विषय है और जांच के बाद ही वायरल वीडियो की सच्चाई सामने आएगी। परंतु लंबे समय से अलग-अलग मामलों को लेकर चर्चाओं एवं विवादों में बने आ रही सीएचसी थराली को लेकर प्रसारित वीडियो में सच्चाई है तों वह राज्य सरकार, प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के चेहरों पर करारा तमाचा हैं।
करीब 24 साल पहले पिंडर घाटी के देवाल, थराली एवं नारायणबगड़ विकासखंडों की करीब एक लाख से अधिक की आबादी को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए स्थापित सीएचसी थराली की राज्य सरकार ने स्थापना की थी, किंतु स्थापना से लेकर आजतक भी इस अस्पताल से लोगों को अपेक्षित लाभ नही मिल पाया हैं। स्टाफ, उपकरणों, सहित व्यवस्थाओं को लेकर आंदोलन होते रहें हैं। किंतु आज तक भी व्यवस्था पटरी पर आने के बजाय स्थिति खराब होते जा रही हैं।आज वायरल वीडियो सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग के पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की पोल खोलने के लिए काफी है, इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग यहां के लोगों के प्रति कितना संवेदनशीलता हैं प्रदर्शित करने के लिए काफी हैं। अस्पताल के बेड पर कुत्ते के लेटे रहने के संबंध पक्ष जानने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.राजीव पाल सिंह से संपर्क साधने का प्रयास किया गया किंतु उनसे मोबाइल फोन पर संपर्क नही हो पाया।














