डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
हेलिकॉप्टर उड़ता है तो वह अपने पंखों की मदद से उड़ता है. जब पंख नीचे की ओर हवा फेंकते हैं तो हेलिकॉप्टर ऊपर की ओर उड़ता है. खतरे की स्थिति में हेलिकॉप्टर में बैठे लोग इसमें लगे पैराशूट की मदद से नीचे आ सकते हैं. इस तरह यात्री अपनी जान बचा सकते हैं। साथ ही अगर हेलीकॉप्टर के पंखों में कुछ तकनीकी खराबी आ जाए या पक्षी टकरा जाए या कोई और वजह हो तो पायलट मौका मिलते ही हेलीकॉप्टर से कूदकर अपनी जान बचा सकता है. नहीं तो इसके क्रैश होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है।दरअसल, हेलिकॉप्टर सीधा ऊपर उड़ता है और सीधा नीचे उतरता है. ऐसे में अगर पंखों में कोई दिक्कत आती है तो हेलिकॉप्टर सीधा नीचे गिरता है और क्रैश हो जाता है. ऐसे हादसों में लोग न सिर्फ हेलिकॉप्टर में फंस जाते हैं बल्कि आग लगने से भी मौत के मुंह में समा जाते हैं.अगर विमान की बात करें तो विमान अपने दोनों परों की मदद से उड़ता है. यह सीधे ऊपर जाने की बजाय आगे की ओर उड़ता है. प्लेन के परों में विंग फ्लैप्स लगी होती है, जिन्हें पायलट कंट्रोल करता है. अगर किसी कारण से विमान का इंजन काम करना बंद कर देता है, तो यह कम से कम तब तक हवा में उड़ता रहेगा, जब तक कि यह लैंड न हो जाए. बता दें, कोई भी हवाई जहाज हेलिकॉप्टर की तरह सीधा नीचे नहीं गिरता है. ऐसी स्थिति में यह आगे की ओर हुए निचे जमीन पर लैंड करता है. इसलिए अगर कभी भी ऐसी समस्या आती है और प्लेन को आपात स्थिति में लैंड करना पड़ता है, तो पायलट इसे कंट्रोल करता है.हेलिकॉप्टर की तरह विमान में दबने से मौत नहीं होती है. अगर कोई व्यक्ति विमान के क्रैश होने से पहले ही उससे कूद जाता है, तो उसे सिर्फ चोट लगती है लेकिन उसकी जान बच जाती है. वहीं दूसरी ओर विमान सीधा नीचे नहीं गिरता, इसलिए दबकर मरने की बजाय विमान में बैठे लोग आग में जलकर मर जाते हैं. ऐसी स्थिति में विमान में तो आपको बचने के लिए थोड़ा समय मिल जाता है लेकिन हेलिकॉप्टर में नहीं मिलता है. उत्तराखंडके जोशीमठ में 30 अक्टूबर शुक्रवार को एक हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया. बताया जा रहा है कि पायलट समेत 6 लोगों को ले जा रहा हेलिकॉप्टर खराब मौसम की वजह से क्रैश हो गया. ये हादसा पांडुकेश्वर गांव के ऊपर बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि इस हेलिकॉप्टर पर सवार सभी 6 लोगों की मौत हो गई है. हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है.दरअसल, बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा के लिए उड़ान भरने वाला ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर शुक्रवार दोपहर लापता हो गया. उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण की ओर बताया कि हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 1:14 बजे बदरीनाथ से सहस्रधारा के लिए रवाना हुआ था. जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर का संपर्क टूट गया. इसके बाद ट्रैकिंग सिस्टम से भी उसकी लोकेशन का पता नहीं चल पाया है.उत्तराखंडके जोशीमठ में 30 अक्टूबर शुक्रवार को एक हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया. बताया जा रहा है कि पायलट समेत 6 लोगों को ले जा रहा हेलिकॉप्टर खराब मौसम की वजह से क्रैश हो गया. ये हादसा पांडुकेश्वर गांव के ऊपर बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि इस हेलिकॉप्टर पर सवार सभी 6 लोगों की मौत हो गई है. हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है.दरअसल, बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा के लिए उड़ान भरने वाला ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर शुक्रवार दोपहर लापता हो गया. उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण की ओर बताया कि लीकॉप्टर दोपहर करीब 1:14 बजे बदरीनाथ से सहस्रधारा के लिए रवाना हुआ था. जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर का संपर्क टूट गया. इसके बाद ट्रैकिंग सिस्टम से भी उसकी लोकेशन का पता नहीं चल पाया है. इस दर्दनाक हादसे के वक्त हेलीकॉप्टर में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें एक अनुभवी पायलट और पांच अन्य यात्री शामिल थे.अचानक हुए इस हादसे के बाद से सभी यात्रियों और पायलट की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है और उनके परिजनों में भारी निराशा व बेचैनी का माहौल है. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की संयुक्त टीमों को तुरंत हरकत में लाया गया. सभी बचाव दल पूरी मुस्तैदी के साथ दुर्घटना स्थल की ओर रवाना हो गए और दुर्गम पहाड़ी तथा खराब मौसम के बावजूद लापता हेलीकॉप्टर और उसमें सवार लोगों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव कार्यों में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है. इस हादसे को बेहद गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े (फ्लीट) को आगामी आदेशों तक के लिए पूरी तरह से ग्राउंड (संचालन पर रोक) कर दिया है. उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम का मिजाज काफी खराब था। बदरीनाथ धाम से उड़ान भरने वाला ट्रांस कंपनी का हेलीकॉप्टर अपने गंतव्य ऋषिकेश की तरफ बढ़ रहा था, तभी जोशीमठ के चाय और थायंग गांव के ऊपर यह नियंत्रण खो बैठा और क्रैश हो गया। खराब विजिबिलिटी और मौसम की खराबी को इस दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। हादसे के बाद से स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं.














