हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
नंदाधाम कुरूड़।
—तूने जाण नंदा उंचा कैलाशों,तेरा साथ जाल यो चौ सिंगिंग खाडु,तेरो साथ जाल यों लाटू भुमियाल
,तेरे साथ जाल यों धर्म जात्रियों– इस तरह के नंदा की कैलाश यात्रा के दर्जनों मार्मिक गीतों के साथ नंदा धाम कुरूड़ से श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी की बड़ी जात यात्रा नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ से अपने पहले पड़ाव चरबंग के लिए रवाना हुई। नंदा की विदाई के साथ मंदिर परिसर में मौजूद नंदा भक्तों की आंखें छलछला उठी,इस दौरान कई महिलाओं एवं पुरुषों पर देवी भी अवतारित हुईं।
पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को प्रातः काल से ही नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ में नंदा देवी की विदाई की तैयारियां शुरू हो गई थी। इसके तहत सुबह से ही मंदिर में देवी की स्तुति सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रम प्रारंभ हो गये थें।इस दौरान सुबह से ही भारी संख्या में नंदा भक्तों का कुरूड़ पहुंच कर देवी की पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगने का सिलसिला शुरू हुआ था वह सिलसिला सांय 3 बजें तक जारी रहा। इसके बाद नंदा देवी के ”कुरूड़ की नंदा देवी दैणा होई जाएं,कुशल मंगल तू सोरास जाली,12 साल में होद माता बड़ी जात, चौसिंगा खंडु होद तेरों”’,अब आगे नंदा सोरास की बेला, तूने जाणी नंदा तें ऊंचा कैलाश ”’, पैटण बंटी गे मेरी नंदा भवानी,अपणो सोरास मेरी नंदा भवानी जैसे तमाम अन्य मार्मिक गीतों के बीच नंदा सिद्धपीठ से नंदा की विदाई की प्रक्रिया शुरू हुई और सांय करीब 3.30 बजें नंदा भागवती के जोरदार उद्घोष के साथ श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी बड़ी जात यात्रा के तहत नंदा देवी का उत्सव डोला अपने पहले पड़ाव चरबंग के लिए रवाना हुआ।इस दौरान नंदा की बड़ी जात यात्रा के साथ 2 चौसिंगा खंडु भी साथ चल रहे हैं।जिस समय नंदा देवी को कुरूड़ मंदिर से विदा किया जा रहा था तो वहां पर मौजूद महिलाओं के साथ ही कई पुरूषों की आंखें नम हो गई थी।एक तरह से उन्होंने नंदा को अश्रुपूरित विदाई दी। सुबह से ही नंदा धाम कुरूड़ में नंदा भक्तों का दर्शनों के लिए रैला सा उमड़ पड़ा था। बधाण की की नंदा डोली के साथ ही सिद्धपीठ देवराड़ा से दशोली एवं बंड़ की नंदा देवी की डोलियां भी अपने पड़ावों के लिए रवाना हुई,बधाण की डोली अपने पहले पड़ाव चरबंग,दशोली की डोली पहले पड़ाव कुमजुग एवं बंड़ की डोली मैठाणा प्रवास पर पहुंच गई हैं, यात्रा मार्ग पर नंदा भक्तों ने डोलियों का भव्य स्वागत करते हुए पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगी।
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सिद्धपीठ कुरूड़ में आयोजित तीन दिवसीय नंदा मेले का मंदिर प्रांगण में थराली के विधायक भूपाल राम टम्टा ने बतौर मुख्य अतिथि समापन करते हुए कहा कि जिस तादाद में नंदा भक्त सिद्धपीठ कुरूड़ से शुरू हो रही श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी बड़ी जात यात्रा में उमड़ रहे हैं वह अपने आप में ऐतिहासिक हैं। विधायक ने यात्रा की सफलता के लिए नंदा भगवती से प्रार्थना की।इस मौके पर विधायक ने मेले के सफल संचालन के लिए 1 लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की।इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने कुरूड़ में उमड़े श्रद्धालुओं के जन सैलाव को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि निश्चित ही यात्रा अपने मुकाम तक अवश्य पहुंचेंगे।इस अवसर पर श्री नंदादेवी बड़ी जात समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत श्रद्धालुओं के उमणे जन सैलाव से गदगद दिखते हुए कहा कि वास्तव में नंदा भक्तों को किसी भी तरह की राजनीति से कोई लेना-देना नही रह गया हैं।4 सितंबर से ही देश के अलग-अलग राज्यों से नंदा भक्तों का कुरूड़ पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था जोकि शनिवार को भी जारी रहा।इस मौके पर उन्होंने नंदा भक्तों से यात्रा में सामिल हो कर विश्व प्रसिद्ध यात्रा को सफल बनाने की अपील की।इस अवसर पर नंदा देवी राजराजेश्वरी मंदिर समिति कुरूड़ के अध्यक्ष नरेश गौड़, पूर्व अध्यक्ष मनशा राम गौड़ , सुखवीर रौतेला ने विचार व्यक्त किए।जबकि पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र भंडारी,राज्य मंत्री हरक सिंह नेगी,राम प्रसाद गौड़ आदि ने बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।











