फोटो- पालिका सभासद अमित सती के नेतृत्व मे ज्ञापन देते ममंद डाडौ की महिलाएं।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। राजीव गाॅधी अभिनव आवासीय विद्यालय को जीआईसी परिसर से अन्यत्र स्थानान्तरित करने की मांग को लेकर सीएम को ज्ञापन भेजा ।
अपर-बाजार-डाडौ वार्ड के पालिका सभासद अमित सती के नेतृत्व मे महिला मंगल दल व अन्य प्रतिनिधियों ने एसडीएम के माध्यम से भेजे ज्ञापन मे कहा है कि नगर पालिका जोशीमठ के डाडौ वार्ड के निवासियों द्वारा राजकीय इंण्टर कालेज की स्थापना के लिए अपनी मुख्य भूमि को दान स्वरूप दिया है। ताकि जोशीमठ नगर के साथ ही पूरे पैनख्ंाडा के नौनिहालों को बेहतर शिक्षा मिल सके। लेकिन अब इस कालेज के ही परिसर मे राजीव गाॅधी अभिनव आवासीय विद्यालय के स्थाई संचालन की योजना को मूर्तरूप दिया जा रहा है। जिसका समस्त वार्ड वासी पुरजोर विरोध करते है। ज्ञापन मे कहा है कि यथा शीध्र राजीव गाॅधी अभिनव आवासीय विद्यालय को अन्यत्र स्थानान्तरित किया जाय।
ज्ञापन पर पालिका सभासद अमित सती के अलावा महिला मंगल दल अध्यक्षा वीणा मंद्रवाल, अंजू ख्ंाडूरी, सरिता सती, पूर्व पालिकाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती,,सुषमा सती, पूनम नौटियाल, गायत्री देवी, भवानी देवी, रेखा देवी, उषा देवी, गीता देवी, उर्मिला देवी सहित अनेक महिलाओं के हस्तारक्षर है।
गौरतलब है कि सीमांत विकास ख्ंाड जोशीमठ मे राजकीय प्राथमिक विद्यालयों को बंद होने से बचाने व उसमे छात्र संख्या बढाने की दृष्टि से 15अगस्त 2014को राजीव गाॅधी अभिनव आवासीय विद्यालय की स्थापना की गई थी। इस विद्यालय मे पठन-पाठन के लिए 80-20 प्रतिशत का मानक रखा गया है। याने 80प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रो के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों से पाॅचवी पास करने वाले तथा 20प्रतिशत शहरी क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों से कक्षा पाॅचवी उत्तीर्ण करने वालों को ही कक्षा छठी मे आवेदन व प्रवेश परीक्षा के बाद प्रवेश दिया जाता हैं। वर्तमान मे इस विद्यालय मे कक्षा छठी से लेकर दसवीं तक का संचालन हो रहा हैं। और 123छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है। जिन्है वर्तमान मे आवासीय सुविधा नही मिल रही है। और गरीब ग्रामीण मंहगे किराए मे अपने पाल्यों को रखने के लिए विवश है।
सीमंात विकास ख्ंाड जोशीमठ को राजीव गाॅधी अभिनव विद्यालय के लिए चयन किया जाना तो सही कदम है लेकिन इसके लिए एक विद्यालय के परिसर को ही चुनना कतई उचित नही था। और अभी 6वर्ष बीतने के बाद भी इस विद्यालय के लिए स्थाई भूमि का चयन तक नही किया गया।
संपर्क करने पर शिक्षा निदेशक डा0आर0के0कुॅवर ने बताया कि फिलहाल विभाग के पास इतना बजट नही है कि वे इस विद्यालय को कहीं अन्यत्र शिफ्ट कर सके। इसी विद्यालय परिसर मे आवश्यक सुविधा जुटाने के लिए भी विभाग को नावार्ड से आर्थिक मदद लेनी पंड रही है।