पुरोला।…सिक्योर हिमालय योजनांतर्गत गोविंद वन्य जीव विहार पार्क क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों को दी विधिक जानकारी…इंडियन फारेस्ट, वन्य जीव संरक्षण के बारे में विशेषज्ञों ने दी विधिक जानकारी।
सिक्योर हिमांलय योजना के तहत रविवार को मोरी राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र के नैटवाड में एक दिवसीय विधिक कार्यशाला शिविर का आयोजन किया गया। कार्यशाला में वन अपराध विशेषज्ञों व वन विभाग के विभागीय सलाहकार डीसी पंत ने पार्क क्षेत्र में निवासरत ग्रामीणों.पंचायत प्रतिनिधियों को वन अपराधों, वनों से जुडे नियमों, ग्रामीणों के हक हकूकों.अधिकारों के साथ ही स्थानीय नागरिकों के वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर दायित्वों के बारें में भी जागरूक किया साथ ही वन्य जीवों व पार्क क्षेत्र में अबैध पातनएजडी.बूटी तस्करी के अपराधों पर लगने वाली कानूनी विधिक धाराओं के बारे जानकारी दी।
कार्यशाला में राष्ट्रीय पार्क के अंतर्गत निवास कर रहे 42 गांव के ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रतिबंधों के चलते आवासीय भवनों के निमार्ण में काष्ठ, पत्थर, चारापत्ती व जलाउ लकडी आदि आवश्यक सामग्रियों के समय पर न मिलनें पर नाराजगी जताते हुए ग्रामीणों की समस्या के समाधान की मांग की। जिस पर गोविंद वन्यजीव के उप निदेशक कोमल सिंह ने लोगों को नीजि आवासीय भवनों के निमार्ण को काष्ठ समेत चारा, घास व जलाउ लकडी, फ्रीग्रांड माफी वृक्ष लकडी उपलब्ध करानें का भरोसा दिया साथ ही जंगलों की वन्य जीवों की सुरक्षा, जडीबूटी तस्करों, वन व खनन करने वालों पर कार्यवाही में सहयोग की अपील की।
कार्यशाला शिविर में उप निदेशक कोमल सिंह सहित वन क्षेत्राधिकारी अनिल रावत, एसएल शैलानी, अंकिता देवी, रजंना तिवारी, पवन कुलवे यूएनडीपी ग्रांट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक डा0 प्रियंका, अनिल कोठरी, जसपाल सिंह, संगिता बोहरा, सुधा, चंद्रकिशोर, रकमदास, रघुवीर सिंह, भरत सिंह, मदन सिंह आदि विभिन्न गांव के प्रधान व पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।