फोटो..जिलास्तरीय पुनरीक्षण समिति की बैठक लेते सी डी ओ।
प्रकाश कपरवान
जोशीमठ, चमोली। बैकर्स और रेखीय विभाग आपसी समन्वय बनाकर जनपद में अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं के तहत ऋण आवंटित कर लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। यह निर्देश मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे ने शनिवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति की बैठक लेते हुए बैकर्स एवं रेखीय विभागों के अधिकारियों को दिए।
जिले में किसान क्रेडिट कार्ड बनाने पर जोर देते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि केसीसी होने से जहाॅ किसानों को 4 प्रतिशत से कम ब्याज दर पर बैकों से ऋण मिलने की सुविधा मिलती है। वही केसीसी से अपने आप फसलों का बीमा भी हो जाता है। उन्होंने कृषिए उद्यानए मत्स्यए पशुपालनए डेयरी सहित समस्त रेखीय विभागों को जनपद में किसानों को केसीसी की जानकारी देकर लाभान्वित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 15 जुलाई तक खरीफ फसलों का बीमा कराने की बात कही।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते बडी संख्या में प्रवासी अपने गांव लौटे है। उनको स्वरोजगार से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। ऐसे लोगों को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, वीर चन्द्र सिंह गढवाली पर्यटन स्वरोजगार योजना एवं रेखीय विभागों द्वारा संचालित अन्य योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। बताया कि उत्पादन को बढाने के लिए पूरे जिले को 72 क्लस्टर में बांटा गया है। प्रत्येक क्लस्टर में 10 से 12 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इसके अलावा जनपद में 15 ग्रोथ सेंटर भी स्थापित किए जा चुके है। उन्होंने बैकर्स एवं सभी रेखीय विभागों को बेहतर समन्वय कायम करते हुए स्वरोजगार के इच्छुक लोगों को सरकारी योजनाओं के तहत ऋण आवंटित कर लाभान्वित करने को कहा तथा रेखीय विभागों एवं बैकों को शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।
लीड बैंक प्रबंधक जीएस रावत ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में जनपद चमोली पूरे प्रदेश में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पहले स्थान पर रहा है। सरकारी योजनाओं के तहत जो भी लक्ष्य दिए गए थे उनको हासिल किया गया है। इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल तथा मई में 1037 व्यक्तियों को 34.72 करो़ड़ के ऋण प्रदान किए गए। जिसमें पीएमएमवाई के तहत 82 व्यक्तियों को 6.95 करोड़, एमएसएमई में 29 व्यक्तियों को 1.50 करोड, 514 व्यक्तियों को पर्सनल लोन के तहत 10.26 करोड़, केसीसी के तहत 175 व्यक्तियों को 0.80 करोड़ आदि शामिल है। इस वित्तीय वर्ष में एनआरएलएम के तहत 772, एनयूएलएम के तहत 42, पीएमएवाई के तहत 75, वीरचन्द्र सिंह गढवाली पर्यटन स्वरोजगार के तहत 27, होम स्टे के तहत 194, पीएमईजीपी के तहत 95, एससीपी के तहत अनुसूचित जाति हेतु 60, अनुसूचित जनजाति हेतु 4, अल्पसंख्यक के लिए 12 तथा स्टैडंअप के तहत 59 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस अवसर पर डीडीएम नाबार्ड अभिनव कापडी, एसबीआई प्रबंधक पीएस राणा, एपीडी सुमन बिष्ट, महाप्रबंधक जीएमडीआईसी डा0 एमएस सजवाण सभी बैंकों के शाखा प्रबन्धक सहित उद्यान, उद्योग कृषि, पर्यटन, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास, आजीविका, नगर पालिका आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।












