
डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। शहीद दुर्गामल्ल पीजी कॉलेज, डोईवाला में हिंदी विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के जीवन और साहित्य’ विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा में हिंदी के प्रसिद्ध कहानीकार नवीन कुमार नैथानी, भौतिक विज्ञान विभाग, अंग्रेजी विभाग की डॉ. पल्लवी मिश्रा तथा हिंदी विभाग के डॉ. संजीब सिंह नेगी ने विचार व्यक्त किए।
परिचर्चा और कार्यक्रम का संचालन एमए हिंदी तृतीय सेमेस्टर के छात्र सुनील ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. संजीब सिंह नेगी ने प्रेमचंद के साहित्य की ऐतिहासिक भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं, नवीन कुमार नैथानी ने प्रेमचंद के साहित्य में अंतर्निहित वैज्ञानिक चेतना को उदाहरणों के माध्यम से रेखांकित किया। डॉ. पल्लवी मिश्रा ने प्रेमचंद के साहित्य में स्त्री विमर्श और दलित विमर्श पर विस्तार से विचार रखे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. देवेश प्रसाद भट्ट ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद का साहित्य आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है। उनके साहित्य में समाज और जीवन की विसंगतियों एवं समस्याओं को सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता है कि आज की युवा पीढ़ी प्रेमचंद के साहित्य से परिचित हो।
कार्यक्रम के दौरान अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से प्रेमचंद के जीवन और साहित्य पर पोस्टर प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी को छात्रों और प्राध्यापकों ने काफी सराहा। इसके अलावा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के बीच स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रथम पुरस्कार बीए षष्ठम सेमेस्टर के छात्र अमित कुमार ने प्राप्त किया।
इस अवसर पर डॉ. वीपी सेमवाल, डॉ. अखिलेश कुकरेती, डॉ. संगीता रावत, डॉ. पूनम रावत, डॉ. पूनम पांडे, डॉ. वल्लरी कुकरेती, डॉ. पंकज पांडे, पुष्पा नेगी, डॉ. संगीता सिडोला, डॉ. पूर्णचंद्र खाती, डॉ. पार्वती, डॉ. अर्चना, रीना ठाकुर आदि मौजूद रहे।











