• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

लोक परम्पराओं के संगीत का गहराई से अन्वेषण करती है केशव अनुरागी की पुस्तक ‘नाद नन्दिनी

21/03/26
in उत्तराखंड, देहरादून, संस्कृति
Reading Time: 1min read
6
SHARES
7
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
https://uttarakhandsamachar.com/wp-content/uploads/2025/11/Video-60-sec-UKRajat-jayanti.mp4

लोक परम्पराओं के संगीत का गहराई से अन्वेषण करती है केशव अनुरागी की पुस्तक ‘नाद नन्दिनी ‘देहरादून, 21 मार्च, 2026. दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र की ओर से लोक संगीत के मर्मज्ञ व संस्कृतिविद स्व. केशव अनुरागी की कृति राग नन्दिनी का लोकार्पण व चर्चा का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया.

केन्द्र के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि वक्तागणों के तौर पर लोक संस्कृति कर्मी व लोक गायिका पद्मश्री डॉ माधुरी बड़वाल गीत संगीतकार और गायक गढ़रत्न श्री नरेन्द्र सिंह नेगी,वरिष्ठ पत्रकार व लेखक श्री राजीव नयन बहुगुणा, सामाजिक विचारक श्री लोकेश नवानी, बुद्धिजीवी व चिंतक श्री विनोद रतूड़ी, तथा सामाजिक इतिहासकार डॉ. योगेश धस्माना मौजूद रहे. इस कार्यक्रम में विशेष रुप से उनके बेटे .डॉ. राकेश मोहन भी उपस्थित रहे. दूरदर्शन के सहायक निदेशक अनिल भारती भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित कक्ताओं ने लोक संगीत के विशेषज्ञ स्व. केशव अनुरागी की महत्वपूर्ण पुस्तक राग नन्दिनी को संगीत विषय के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होनें अनुरागी जी को पहाड़ के लोक संगीत पर यथार्थ समझ रखने वाला विलक्षण संस्कृति कर्मी बता कर उनके कामों को याद किया और उन्हें श्रद्धाजंलि दी.

स्वतंत्रता के बाद, भारत ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था, साहित्य और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में क्रमिक परिवर्तन देखा। गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की प्रगति देखी गई, विशेष रूप से लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में। विद्वान व्यक्तियों ने आगे आकर विभिन्न मंचों के माध्यम से अथक परिश्रम किया और पहाड़ी क्षेत्रों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश के बाकी हिस्सों के सामने प्रस्तुत किया। नाट्य प्रदर्शन, लोक संगीत, कविता और सांस्कृतिक नृत्य-नाट्यों ने इस सांस्कृतिक पुनरुद्धार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पद्मश्री डॉ माधुरी बड़थ्वाल ने केशव अनुरागी जी की उल्लेखनीय कृति “नांद नन्दिनी” को उत्तराखंड के लोक संगीत के इतिहास में एक मील का पत्थर बताया। उन्होनें कहा कि जहाँ अनेक विद्वानों ने लोक परंपराओं के संवर्धन में योगदान दिया है, वहीं यह पुस्तक अपनी गहनता, सरलता और व्यापकता के कारण अद्वितीय है। यह कुमाऊँनी और गढ़वाली लोक संगीत को जानकारीपूर्ण और सुलभ तरीके से प्रस्तुत करती है, जिसमें परंपरा के लगभग हर पहलू को शामिल किया गया है।

गढ़रत्न नरेन्द्र नेगी ने कहा कि श्री केशव अनुरागी जी से उनके संगीत क़े प्रारम्भिक गुरु रहे हैं. उनसे ही उन्होंने संगीत की मूल शिक्षा ली है। उन्होंने पर्वतीय संगीत और उसकी प्रतिभा व प्रतिष्ठा को न केवल राज्य के भीतर बल्कि समूचे भारत में ऊंचा उठाया है। इससे हम सब संगीत प्रेमियों के मध्य महात गर्व का अनुभव होता है।

पत्रकार राजीव नयन बहुगुणा ने कहा कि अनुरागी जी ने इस महत्वपूर्ण पुस्तक में लोक संगीत का व्यवस्थित वर्गीकरण के साथ ही संगीत संरचनाओं की विस्तृत व्याख्या की है। उन्होंने कहा कि अनुरागी जी को
विभिन्न लोकगीतों के सरगम ​​(संकेत) लोक वाद्ययंत्रों और उनकी ताल एवं लय का अद्भुत ज्ञान प्राप्त था।
सामाजिक इतिहासकार डॉ. योगेश धस्माना ने भी केशव अनुरागी जी के लोकसंगीत को दिये महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें विलक्षण लोक कलाकार बताया । उन्होनें अनुरागी जी से जुड़े कई संदर्भों का भी उल्लेख किया।

विनोद रतूड़ी ने कहा कि केशव अनुरागी अपने जीवन में गढ़वाल और कुमाऊँ क्षेत्र के लोक संगीत को बढ़ावा देने के लिए गहराई से समर्पित रहे। लोक के प्रति उनका गहन ज्ञान और लोक संगीत के प्रति उनका समर्पण आगे की पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

स्व. केशव अनुरागी का जन्म 14 जनवरी 1929 को पौड़ी गढ़वाल के कुलहर गांव में एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता, स्वर्गीय श्री ज्ञान चंद जी और स्वर्गीय श्रीमती सरोजिनी देवी ने आर्थिक कठिनाईयों के बावजूद सुनिश्चित किया कि उनके सभी पांच पुत्रों के साथ ही उन्हें भीअच्छी शिक्षा मिल सके।

उन्होंने जहरीखाल और बाद में देहरादून में उच्च शिक्षा प्राप्त की, जहाँ उन्होंने संगीत और हिंदी में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत देहरादून में रक्षा लेखा नियंत्रक कार्यालय से की और बाद में उनका तबादला दिल्ली हो गया।

ऑल इंडिया रेडियो, दिल्ली के एक नियमित कलाकार के तौर पर उन्होंने स्वर्गीय श्री डी.वी. पलुस्कर जी और स्वर्गीय श्री कुमार गंधर्व जी जैसे प्रख्यात शास्त्रीय गायकों से शिक्षा प्राप्त करके अपने संगीत ज्ञान को समृद्ध किया। हालांकि वे उनके औपचारिक शिष्य नहीं थे, फिर भी उन्होंने इन दिग्गजों से सीखने के हर अवसर का भरपूर लाभ उठाया, जिनका प्रभाव उनकी संगीत शैली में स्पष्ट रूप से मिलता है। 1974 में, वे ऑल इंडिया रेडियो, गोरखपुर में कार्यक्रम कार्यकारी के रूप में शामिल हुए, जहाँ उन्होंने भोजपुरी लोक संगीत का भी अन्वेषण किया। बाद में, 1976 में, उनका तबादला लखनऊ हो गया, जहाँ उन्होंने गढ़वाली और कुमाऊनी कलाकारों को रेडियो पर मंच प्रदान करके सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया।

उल्लेखनीय है कि केशव अनुरागी की पुस्तक नाद नन्दिनी पहली बार 1996 में स्वर्गीय श्री शिवानंद नौटियाल जी के अथक प्रयासों से और उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से प्रकाशित हुई थी । यह पुस्तक लोक संगीत साहित्य में एक अद्वितीय और अमूल्य योगदान है।

यह पुस्तक लोक संगीत के व्यवस्थित वर्गीकरण, संगीत संरचनाओं की विस्तृत व्याख्या,
विभिन्न लोकगीतों के सरगम ​​(संकेत) लोक वाद्ययंत्रों और उनकी ताल एवं लय का ज्ञान के कारण विशेष महत्व रखती है।

इसमें लोक कला के विविध रूपों को शामिल किया गया है, जैसे – मंगल विवाह समारोहों के दौरान गाए जाने वाले शुभ गीत, जागर – देवी-देवताओं का आह्वान करने वाले भक्ति गीत

घसियारी गीत- सोंग्स ऑफ़ विमेन सुंग इन फॉरेस्ट्स. चौक, थडिया,चौफुला-डांस-ओरिएंटेड फॉक फॉर्म्स, चैती, पांडव गीत, मांडण-आख्यान एवं ऋतुपरक परंपराएं आदि.
यह पुस्तक लोक परंपराओं की संगीतमय गहराई का भी अन्वेषण करती है—एक ऐसा क्षेत्र जिसे अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है—लोक धुनों (लोक संगीत) में लय, धुन और संरचना पर ध्यान केंद्रित करते हुए। यही संगीतमय परिप्रेक्ष्य इस कृति को वास्तव में असाधारण बनाता है।

श्री अनुरागी जी ने कुछ दुर्लभ पहलुओं का भी दस्तावेजीकरण किया, जिनमें शामिल हैं:

लोक वाद्य यंत्रों की तकनीक, जटिल लयबद्ध संरचनाएं, गोरखपंथी परंपराओं के गीत, संगीत में समाहित आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कथाएं। उनका काम भारतीय शास्त्रीय संगीत और लोक परंपराओं दोनों की गहरी समझ को दर्शाता है, और इन दोनों के बीच की खाई को पाटता है।

वक्ताओं का मानना था कि एक चिरस्थायी विरासत नाद नन्दिनी .महज एक किताब नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की संगीत विरासत की आत्मा को संजोने वाला एक सांस्कृतिक दस्तावेज है। इसे जिस स्पष्टता, प्रामाणिकता और समर्पण के साथ तैयार किया गया है, वह इसे एक कालातीत योगदान बनाता है।
इस दौरान केशव अनुरागी के संगीत निबद्ध पर्वतीय लोक गीतों की प्रस्तुति दी गई.

कार्यक्रम का संचालन योगम्बर पोली ने किया. कार्यक्रम के प्रारम्भ में दून पुस्तकालय के कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रशेखर तिवारी ने आतिथि वक्ताओं तथा उपस्थित लोगों का अभिनंदन किया.

कार्यक्रम में कई लेखक, साहित्यकार, संस्कृति व संगीत प्रेमी, दून लाइब्रेरी के युवा पाठक सहित कई लोग शामिल रहे. इस दौरान विभूति भूषण भट्ट, राकेश ढौंढियाल,मुकेश नौटियाल डॉ.पंकज नैथानी, संतोष खेतवाल, सुंदर सिंह बिष्ट, रामचरण जुयाल, डॉ. वी. के. डोभाल, डॉ. लालता प्रसाद, शूरवीर सिंह रावत, पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. डी.के. पाण्डे,मोहन सिंह रावत, मनोज इष्टवाल, भारती आंनद, प्रेम पंचोली, जगदम्बा मैठाणी, अनिल कुमार, डॉ.एस.पी. सती,जगदीश बाबला आदि मौजूद थे।

 

Share2SendTweet2
Previous Post

जय देव भूमि फाउण्डेशन के सहयोग से पक्षियों की प्रजातियों को बचाने हेतु विश्व गौरेया दिवस मनाया

Next Post

दून पुस्तकालय में एम.एन. रॉय स्मृति व्याख्यान का आयोजन

Related Posts

उत्तराखंड

मत्स्य पालन प्रशिक्षण और फील्ड भ्रमण कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन

March 21, 2026
13
उत्तराखंड

धामी बने ‘धुरंधर’, उत्तराखंड विकास की राह पर अग्रसर: राजनाथ सिंह

March 21, 2026
5
उत्तराखंड

शराब माफिया का शिकार बने थे निर्भीक पत्रकार उमेश डोभाल

March 21, 2026
5
उत्तराखंड

टिहरी झील के कटाव और ब्लास्टिंग से बढ़ा खतरा, सुरक्षा दीवार झुकी

March 21, 2026
5
उत्तराखंड

कैबिनेट विस्तार: कांग्रेस की तर्ज पर भाजपा को भी येन केन प्रकारेण चुनाव को ही प्राथमिकता देनी है

March 21, 2026
7
उत्तराखंड

दून पुस्तकालय में एम.एन. रॉय स्मृति व्याख्यान का आयोजन

March 21, 2026
5

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67663 shares
    Share 27065 Tweet 16916
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45773 shares
    Share 18309 Tweet 11443
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38048 shares
    Share 15219 Tweet 9512
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37436 shares
    Share 14974 Tweet 9359
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37325 shares
    Share 14930 Tweet 9331

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

मत्स्य पालन प्रशिक्षण और फील्ड भ्रमण कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन

March 21, 2026

धामी बने ‘धुरंधर’, उत्तराखंड विकास की राह पर अग्रसर: राजनाथ सिंह

March 21, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.