• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

कुप्रबंधन का शिकार हैं अभयारण्य व नेशनल पार्क

09/07/25
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
27
SHARES
34
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

 

डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
राज्य के कुल भूभाग का 45.44 प्रतिशत हिस्सा वनाच्छादित होने के
बावजूद उत्तराखंड में अभयारण्यों और नेशनल पार्कों की हालत बेहद
खराब है। अस्कोट वन्यजीव अभयारण्य तो खराब श्रेणी में पहुंच गया
है। नंदा देवी पार्क की स्थिति में भी एक श्रेणी और गिरी है। बाकी
नेशनल पार्कों और अभयारण्यों की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है।ये
खुलासा मैनेजमेंट इफेक्टिवनेस इवोल्यूशन ऑफ 438 नेशनल पार्क एंड
वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी इन इंडिया 2020-2025 रिपोर्ट में हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक तिब्बत और नेपाल सीमा से सटे अस्कोट वन्यजीव
अभयारण्य में मैनेजमेंट प्लान नहीं है। कर्मियों की भारी कमी है। 300
वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस अभयारण्य में समृद्ध जैव विविधता
है।ये समुद्र तल से 2500 से 10 हजार फीट की ऊंचाई के क्षेत्र में फैला
है। यहां पर कई संकटग्रस्त प्रजातियां मिलती हैं। इसके बावजूद यहां पर
यहां ऊंचाई वाले क्षत्रों में उपयोगी उपकरणों की कमी है। जो उपकरण
हैं भी वह काफी पुराने हो चुके हैं। हाल ही में भारतीय वन्यजीव
संस्थान में केंद्रीय वन ने इस रिपोर्ट को जारी किया था।रिपोर्ट में
धारचूला में वन्यजीवों के लिए अलग एक विंग की स्थापना, पर्याप्त
प्रशिक्षित कर्मियों को तैनात करने और उन्हें उच्च गुणवत्ता युक्त उपकरण
देने, हथियार उपलब्ध कराने, पुराने भवनों की मरम्मत करने समेत
अन्य सुझाव दिए गए हैं। इस संबंध में प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव का
कहना है कि जिन जगहों पर कमियों का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है
वहां पर सुधार किया जाएगा।अस्कोट वन्यजीव अभयारण्य कस्तूरी
हिरन के शिकार के लिए संवेदनशील है। इसके बावजूद यहां

अव्यवस्थाएं होने और उपकरणों व कर्मियों की कमी के कारण इसे
खराब श्रेणी में रखा गया है। 2020-2022 में हुए अध्ययन में यह ठीक
श्रेणी में था।मैनेजमेंट इफेक्टिवनेस इवोल्यूशन ऑफ 438 नेशनल पार्क
एंड वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी इन इंडिया 2020-2025 रिपोर्ट में
भारतीय वन्य जीव संस्थान ने राज्य के अस्कोट, बिनसर, केदारनाथ,
मसूरी और नंधौर अभयारण्य और गोविंद, गंगोत्री, फूलों की घाटी व
नंदा देवी नेशनल पार्क का अध्ययन किया। पिछली बार संंबंधित क्षेत्रों
में हुए अध्ययन का भी उल्लेख किया। कुछ जगह अच्छा भी हुआ है।
बिनसर, मसूरी, नंधौर अभयारण्य और गंगोत्री नेशनल पार्क ठीक से
अच्छे की श्रेणी में पहुंचे हैं। यह रिपोर्ट बताती है कि उत्तराखंड के नौ में
से पांच संरक्षित क्षेत्रों के स्कोर में गिरावट आई है। इनमें विश्व धरोहर
में शामिल नंदा देवी नेशनल पार्क व फूलों की घाटी के प्रबंधन
प्रभावशीलता स्कोर में पिछली बार के मुकाबले क्रमश: 21.61 व 8.33
प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।अस्कोट अभयारण्य तो बेहद कमजोर
श्रेणी में आ गया है। उसका पिछला स्कोर 47.32 प्रतिशत था जो अब
घटकर 35.16 प्रतिशत पहुंच गया है। इसके अलावा गोविंद नेशनल
पार्क व गोविंद पशु विहार और केदारनाथ अभयारण्य के स्कोर में भी
गिरावट आई है। अलबत्ता, चार संरक्षित क्षेत्रों ने अपने स्कोर में सुधार
किया है। इन संरक्षित क्षेत्रों की सेहत में सुधार के दृष्टिगत रिपोर्ट में कई
सुझाव भी दिए गए हैं। इस कड़ी में संरक्षित क्षेत्रों में कार्मिकों के रिक्त
पदों को भरने के साथ ही युवा कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने,
संरक्षित क्षेत्रों के ईको सेंसेटिव जोन अधिसूचित करने के साथ ही
सीमांकन करने, वासस्थल विकास को प्रभावी कदम उठाने, संरक्षण में
स्थानीय निवासियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ ही
आजीविका के अवसर सृजित करने, वन्यजीवों के शिकार की घटनाओं

को रोकने के लिए क्विक रिस्पांस टीमों का गठन करने जैसे सुझाव दिए
गए हैं। उधर, राज्य के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने बताया कि
भारतीय वन्यजीव संस्थान से यह रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है। फिर
इसके आधार पर संरक्षित क्षेत्रों में कदम उठाए जाएंगे। अभयारण्य
बनाने का मूल उद्देश्य क्षेत्र की वनस्पतियों और वन्यजीवों की वृहद जैव
विविधता का संरक्षण करना था। अभयारण्य का ईको सेंसिटिव जोन
(पारिस्थितिकीय संवेदी जोन) का विस्तार अभयारण्य की सीमा के
चारों ओर 22 किमी तक फैला है। इस जोन का क्षेत्रफल 454. 65 वर्ग
किलोमीटर है। अंतरराष्ट्रीय सीमा होने के कारण अभयारण्य के पूर्वी,
पश्चिमी और दक्षिणी भागों की तरफ पारिस्थितिकीय जोन का शून्य
विस्तार है। उत्तरी भाग में रहने वाले स्थानीय समुदाय और आदिम
वनराजि जनजाति के निवास के कारण शून्य विस्तार है। यह
अभयारण्य मुख्य रूप से कस्तूरी मृग और उसके आवास का संरक्षण क्षेत्र
था। कस्तूरी मृग हिरण की एक दुर्लभ प्रजाति है जो मुख्य रूप से
दक्षिणी एशिया के पहाड़ों में वनाच्छादित और अल्पाइन झाड़ीदार
आवासों में रहती है। इस दुर्लभ हिरण प्रजाति के अलावा, जो इस क्षेत्र
को प्रसिद्ध बनाती है, इस अभयारण्य में पाए जाने वाले अन्य
स्तनधारियों में बंगाल टाइगर, स्नो टाइगर, भारतीय तेंदुआ, हिमालयन
जंगली बिल्ली, हिमालयन तेंदुआ, काला हिमालयन भालू, सिवेट,
बार्किंग डियर, सीरो, भराल, बंदर, लेमूर, बोनट मकाक, गोरल और
हिमालयन भूरा भालू शामिल हैं, जो असकोट कस्तूरी मृग अभयारण्य
को अपने आप में अनूठा बनाते हैं।  *लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के*
*जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।*

Share11SendTweet7
Previous Post

महासंघ ने कहाँ वेतन की समस्या का करें स्थायी समाधान

Next Post

उत्तराखंड में बादल फटा मुंबई में हाई टाइड

Related Posts

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने मातृशक्ति से किया सीधा संवाद, महिला सशक्तिकरण को बताया विकास का आधार

August 10, 2026
1
उत्तराखंड

डोईवाला: एसआईआर नोटिस के बाद परिवार रजिस्टर की नकल लेने उमड़े लोग

August 10, 2026
1
उत्तराखंड

डोईवाला : मीनाक्षी बिष्ट के सिर सजा सावन क्वीन का ताज

August 10, 2026
1
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से छात्र-छात्राएं

August 10, 2026
1
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने हर घर तिरंगा यात्रा कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

August 9, 2026
9
उत्तराखंड

डिब्बे में फंस गया विशाल मॉनिटर लिजर्ड का सिर, शिक्षिका और युवक ने बचाई जान

August 9, 2026
10

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67718 shares
    Share 27087 Tweet 16930
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45787 shares
    Share 18315 Tweet 11447
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38074 shares
    Share 15230 Tweet 9519
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37455 shares
    Share 14982 Tweet 9364
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37374 shares
    Share 14950 Tweet 9344

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

मुख्यमंत्री धामी ने मातृशक्ति से किया सीधा संवाद, महिला सशक्तिकरण को बताया विकास का आधार

August 10, 2026

डोईवाला: एसआईआर नोटिस के बाद परिवार रजिस्टर की नकल लेने उमड़े लोग

August 10, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.