रिपोर्ट:सत्यपाल नेगी
रुद्रप्रयाग। बदरीनाथ धाम आस्था की पवित्र भूमि उत्तराखंड आकर हर कोई अपने आपको सौभाग्यशाली महसूस करता है,आख़िर देवो की पुण्य भूमि जो है उत्तराखंड के पहाड़ों क्षेत्र,यहां चारधामों के पवित्र तीर्थ स्थल विराजमन है।
वही दिव्यांगों के कल्याण हेतु कार्य कर रही अहमदाबाद गुजरात की संस्था “अंधजन मंडल” के बैनर तले 50 से अधिक दिव्यांगजनों तथा संस्था स्वयं सेवकों/पदाधिकारियों ने भगवान बदरीविशाल के दर पर मत्था टेका। शनिवार देर शाम तीस दिव्यांगजनों का दल स्वयं सेवी संस्था”अंधजन मंडल” अहमदाबाद गुजरात के स्वयं सेवकों के साथ श्री बदरीनाथ धाम पहुंचा दृष्टि दिव्यांगजनों की आस्था के आगे सभी नतमस्तक थे दिव्यांगजन “जय बदरीविशाल”का उदघोष कर रहे थे,सभी लोग भगवान बदरीविशाल के मंदिर में गये तथा मंदिर में मत्था टेका।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़ ने बताया कि दिव्यांग जनों से जब यह पूछा गया कि वह दृष्टिरहित है इस बात के लिए उन्हें ईश्वर से शिकायत नहीं है उन्होंने कहा कि उन्हें ईश्वर की कृपा से मनुष्य देह मिली है वह इससे संतुष्ट हैं,हमें मंदिर में आकर कोई शिकायत का भाव नहीं है बल्कि धन्यता का भाव है।इस अवसर पर प्रभारी अधिकारी/ मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान ने दिव्यांगजनों तथा अंधजन मंडल पदाधिकारियों का स्वागत किया। इस अवसर पर मंदिर अधिकारी/ प्रभारी अधिकारी राजेंद्र चौहान धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, सहायक अभियंता गिरीश देवली,वेदपाठी रविन्द्र भट्ट,अनसुया नौटियाल,हरेंद्र कोठारी,विकास सनवाल सहित अंधजन मंडल के पदाधिकारी दिनेश बहल,किशोर टेकवानी,प्रकाश मेहता नीता देवी आदि मौजूद रहे।














